कटनी:आदिवासी जमीन खरीद फिरोख्त FIR की मांग *कटनी: आदिवासी जमीन की 'बेंनामी' खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा, भू-माफियाओं के खिलाफ FIR की मांग* कटनी। जिले के तहसील कटनी अंतर्गत पटवारी हल्का कैलवारा में आदिवासी जमीन को धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्रकारों द्वारा नजूल तहसीलदार को सौंपे गए एक शिकायती पत्र में भू-माफिया गिरोह द्वारा सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम 'बेंनामी' लेनदेन के जरिए कब्जाने के आरोप लगाए गए हैं। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, खसरा नंबर 461/6 (रकबा 0.2830 हेक्टेयर) की भूमि जो मूलतः धनी राम पिता छोटेलाल कोल (आदिवासी) के नाम दर्ज थी, उसे दिनांक 11/01/2023 को रामकिशोर पिता हीरालाल कोल द्वारा कथित रूप से 26 लाख रुपये में खरीदने का रिकॉर्ड दर्शाया गया है। शिकायत में उठाए गए गंभीर सवाल: शिकायती पत्र में इस पूरे सौदे को फर्जी और आपराधिक साजिश बताते हुए निम्नलिखित बिंदु उठाए गए हैं: * संदेहास्पद खरीदार: कथित खरीदार रामकिशोर एक गौशाला में मात्र 1500 रुपये मासिक वेतन पर काम करता है। ऐसे में उसकी 26 लाख रुपये की आर्थिक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। * 'लाला जी' का हाथ: आरोप है कि किसी प्रभावशाली "लाला जी" ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर एक गरीब आदिवासी के नाम का दुरुपयोग किया और बेनामी लेनदेन के जरिए जमीन अपने नियंत्रण में ले ली। * नियमों की अनदेखी: आदिवासी जमीन के विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनिवार्य अनुमति का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। आशंका जताई गई है कि राजस्व रिकॉर्ड (मिसल, मूल पट्टा और खसरा) के साथ छेड़छाड़ की गई है। * मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका: बैंक खाते में आई राशि के स्रोत को लेकर इसे मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी की श्रेणी में बताया गया है। एफआईआर दर्ज करने की मांग शिकायतकर्ता पत्रकार नरेश बजाज और मनोज सिंह परिहार ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले में संलिप्त भू-माफियाओं, दलालों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए। उन्होंने मांग की है कि: * अवैध रूप से खरीदी गई भूमि को जब्त कर सरकारी मद में दर्ज किया जाए। * इस पूरे गिरोह की बैंकिंग, आर्थिक और राजस्व स्तर पर संयुक्त जांच हो। * संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो इसे प्रशासनिक संरक्षण माना जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
कटनी:आदिवासी जमीन खरीद फिरोख्त FIR की मांग *कटनी: आदिवासी जमीन की 'बेंनामी' खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा, भू-माफियाओं के खिलाफ FIR की मांग* कटनी। जिले के तहसील कटनी अंतर्गत पटवारी हल्का कैलवारा में आदिवासी जमीन को धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्रकारों द्वारा नजूल तहसीलदार को सौंपे गए एक शिकायती पत्र में भू-माफिया गिरोह द्वारा सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम 'बेंनामी' लेनदेन के जरिए कब्जाने के आरोप लगाए गए हैं। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, खसरा नंबर 461/6 (रकबा 0.2830 हेक्टेयर) की भूमि जो मूलतः धनी राम पिता छोटेलाल कोल (आदिवासी) के नाम दर्ज थी, उसे दिनांक 11/01/2023 को रामकिशोर पिता हीरालाल कोल द्वारा कथित रूप से 26 लाख रुपये में खरीदने का रिकॉर्ड दर्शाया गया है। शिकायत में उठाए गए गंभीर सवाल: शिकायती पत्र में इस पूरे सौदे को फर्जी और आपराधिक साजिश बताते हुए निम्नलिखित बिंदु उठाए गए हैं: * संदेहास्पद खरीदार: कथित खरीदार रामकिशोर एक गौशाला में मात्र 1500 रुपये मासिक वेतन पर काम करता है। ऐसे में उसकी 26 लाख रुपये की आर्थिक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। * 'लाला जी' का हाथ: आरोप है कि किसी प्रभावशाली "लाला जी" ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर एक गरीब आदिवासी के नाम का दुरुपयोग किया और बेनामी लेनदेन के जरिए जमीन अपने नियंत्रण में ले ली। * नियमों की अनदेखी: आदिवासी जमीन के विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनिवार्य अनुमति का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। आशंका जताई गई है कि राजस्व रिकॉर्ड (मिसल, मूल पट्टा और खसरा) के साथ छेड़छाड़ की गई है। * मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका: बैंक खाते में आई राशि के स्रोत को लेकर इसे मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी की श्रेणी में बताया गया है। एफआईआर दर्ज करने की मांग शिकायतकर्ता पत्रकार नरेश बजाज और मनोज सिंह परिहार ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले में संलिप्त भू-माफियाओं, दलालों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए। उन्होंने मांग की है कि: * अवैध रूप से खरीदी गई भूमि को जब्त कर सरकारी मद में दर्ज किया जाए। * इस पूरे गिरोह की बैंकिंग, आर्थिक और राजस्व स्तर पर संयुक्त जांच हो। * संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो इसे प्रशासनिक संरक्षण माना जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
- कटनी। जिले में जल संरक्षण और नदी स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कटाए घाट में कटनी नदी की सफाई के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं समाजसेवियों ने एकजुट होकर सामूहिक श्रमदान किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग कटाए घाट पहुंचे, जहां सभी ने मिलकर नदी किनारे फैली गंदगी और कचरे को हटाया। इस दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। अभियान का उद्देश्य न केवल नदी को साफ करना है, बल्कि आमजन में जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि जल ही जीवन है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आम नागरिकों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने की अपील की। यह अभियान आगे भी जिले के अन्य क्षेत्रों में जारी रहेगा, जिसमें लोगों की सहभागिता से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जाएगा।1
- सतना गुरुवार-शुक्रवार की देर रात कोलगवां थाना अंतर्गत बदखर गहरवार पेट्रोल पंप के पास गिट्टी से लदे हाइवा में लगी आग। धू धूकर जला। सूचना के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग।2
- जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत kachuha में जलगंगा अभियान का आज माननीय अध्यक्ष महोदय जनपद पंचायत मानपुर,अनुविभागीय अधिकारी महो.राजस्व अनुभाग मानपुर मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय सहायक यंत्री, उपयंत्री, विकास खंड समन्वयक,सरपंच महो.जनपद सदस्य महोदय सचिव/ग्राम रोजगार सहायक एवं अन्य ग्रामीण जन कार्यक्रम में उपस्थित हुए एवं खेरमाई तालाब में सभी लोगों के द्वारा श्रमदान कर कार्य का शुभारंभ किया गया!4
- सतना: जिले के सतना-सेमरिया मार्ग पर शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक चलता हुआ हाइवा अचानक आग का गोला बन गया। गनीमत यह रही कि आग की लपटें फैलते ही ड्राइवर और क्लीनर ने मुस्तैदी दिखाई और वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। मुख्य घटनाक्रम: समय और स्थान: यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 3:00 बजे बाबूपुर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत बदखर के पास हुआ। कैसे लगी आग: जानकारी के अनुसार, हाइवा तिहाई क्षेत्र से गिट्टी लोड करके सतना की ओर आ रहा था। तभी अचानक चलते वाहन में आग भड़क उठी। नुकसान: देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि ड्राइवर को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़1
- मैहर। सिंधी समाज द्वारा चेतीचंद पर्व के शुभ अवसर पर शहर में भव्य बाइक रैली निकालकर हर्षोल्लास के साथ महोत्सव मनाया गया। रैली की शुरुआत सिंधी गुरुद्वारे से हुई, जो की कटनी रोडअलाउद्दीन चौक, पुरानी बस्ती घंटाघर काली माता चौक स्टेशन रोड होते पूरे शहर में भ्रमण करती हुई अंत में सिंधी धर्मशाला पहुंचकर सम्पन्न हुई।1
- मैहर। सिंधी समाज द्वारा चेटीचंड पर्व के शुभ अवसर पर शहर में भव्य बाइक रैली निकालकर हर्षोल्लास के साथ महोत्सव मनाया गया। रैली की शुरुआत सिंधी गुरुद्वारे से हुई, जो की कटनी रोडअलाउद्दीन चौक, पुरानी बस्ती घंटाघर काली माता चौक स्टेशन रोड होते पूरे शहर में भ्रमण करती हुई अंत में सिंधी धर्मशाला पहुंचकर सम्पन्न हुई। इस दौरान समाज के प्रमुख सदस्य महेश दरयानी संजय जादवानी गुड्डू आहूजा कैलाश लालवानी भारत गोखलानी राजकुमार गंगवानी प्रकाश दरयानी दिनेश सावलानी धर्मपाल माधवानी प्रकाश मखीजा दिलीप राकेश डॉक्टर रीता आहूजा सहित काफी संख्या में महिलाओं ने भी रैली में भाग लिया सिंधी समाज के अनेक गणमान्य लोग एवं युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला, वहीं भगवान झूलेलाल के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि चेटीचंड सिंधी समाज का प्रमुख पर्व है, जिसे भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। रैली के समापन पर सिंधी धर्मशाला में प्रसाद वितरण एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।2
- सतना (मध्य प्रदेश): सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना लगभग एक महीने पुरानी है। बीते 18 फरवरी को 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। परिजनों की काफी खोजबीन के बाद भी जब लड़की का कुछ पता नहीं चला, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी जांच के दौरान पुलिस को मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी युवक ने लड़की को शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया था। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा और नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया। न्यायालय ने भेजा जेल गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी पर अपहरण और दुष्कर्म (POCSO Act) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़1
- *सतना:- बीती रात कोलगवां थाना अंतर्गत बदखर में गहरवार पेट्रोल पंप के पास गिट्टी से लदे हाइवा में लगी आग। धू धूकर जला। सूचना के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग।*1
- जिला जनसंपर्क कार्यालय उमरिया समाचार ब्रम्हध्वज की स्थापना तथा सूर्य उपासना के साथ विक्रमोत्सव का हुआ शुभारंभ सम्राट विक्रमादित्य एक सार्वभौमिक महानायक थे - कलेक्टर उमरिया 19 मार्च । प्रदेश सरकार की पहल पर जिले में नव वर्ष विक्रम संवत का कार्यक्रम सामुदायिक भवन उमरिया में अतिथियों व्दारा ब्रम्हध्वज की स्थापना तथा सूर्य उपासना के साथ संपन्न हुआ। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने चौत्र नवरात्रि प्रतिपदा तथा नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व्दारा भारतीय संस्कृति,धर्म एवं कला के संरक्षण की दिशा में उठाया गया,यह एक महत्वपूर्ण कदम है । उन्होने कहा कि नृत्य नाटिका के माध्यम से वैदिक पंरपराओ से अवगत होने का अवसर मिला है।आने वाली पीढ़ी को इस नृत्य नाटिका से प्रेरणा लेनी चाहिए । उन्होने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य एक सार्वभौमिक महानायक थे। उन्होने राज्य विस्तार के साथ ही अपनी न्यायप्रियता तथा राज्य संचालन से जनता का मन मोह लिया था। उनकी छवि एक आदर्श राजा की थी , उनके नव रत्नों व्दारा कला, संस्कृति और ज्ञान का अदभुत विकास किया गया । विक्रमादित्य सभी धर्मो का सम्मान करते थे , उनके काल में मंदिरो,विहारों एवं शिक्षा केंद्रो का निर्माण हुआ । सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने कहा कि हिंदू नववर्ष का पर्व हमे हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति से जोड़ता है । सम्राट विक्रमादित्य ने संगठित प्रशासनिक प्रणाली विकसित की जिसमें न्याय व्यवस्था, अर्थ व्यवस्था, रक्षा व्यवस्था और शिक्षा का विशेष महत्व था । वे स्वयं जनता के मामलों को सुनते थे और उचित निर्णय लेते थे जिसके कारण लोक गाथाओ में उन्हें धर्म का संरक्षक माना गया। आपने कहा कि हिंदू नव वर्ष सनातन संस्कृति का वाहक है,इसकी शुरूआत ज्ञान, विज्ञान एवं धर्म से जोडकर की गई है। कार्यक्रम में उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग व्दारा कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर अधीक्षक भू अभिलेख सतीश सोनी, कोषालय अधिकारी अखिलेश पाठक, उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग अमन दुबे,जिला शिक्षा अधिकारी आर एस मरावी सहित बडी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे ।1