दतिया जिले के भाण्डेर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चार दिन के भीतर एक संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा किया है, जिसमें संपत्ति विवाद को लेकर बड़े भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर छोटे भाई की हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया ताकि यह एक दुर्घटना लगे। जानकारी के अनुसार, 2 जून को ग्राम अजीतपुरा के पास नदी में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना डायल-112 के माध्यम से पुलिस को मिली थी। भाण्डेर पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसकी पहचान 38 वर्षीय विनोद यादव उर्फ खुशी यादव के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई मनोज यादव ने पुलिस को बताया था कि विनोद 1 जून को दूध देने भाण्डेर गया था और वापस नहीं लौटा; उसकी मोटरसाइकिल खेत में खड़ी मिली थी। शुरुआत में किसी पर कोई संदेह नहीं था, लेकिन पुलिस को यह मामला संदिग्ध लगा। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई जांच में सामने आया कि जमीन और पारिवारिक संपत्ति के विवाद के चलते बड़े भाई मनोज यादव ने अपने पांच साथियों — करण यादव, राहुल यादव, रवि यादव, गुलशन यादव और आकाश दोहरे — के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। आरोपियों ने विनोद को एक कार में बिठाकर शराब पिलाई और जब वह नशे में था, तब उसे नदी में डुबोकर मार डाला। पुलिस ने इस मामले में हत्या और साझा आपराधिक कृत्य की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी मनोज यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें शेष पांच फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में भाण्डेर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, और उनका दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दतिया जिले के भाण्डेर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चार दिन के भीतर एक संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा किया है, जिसमें संपत्ति विवाद को लेकर बड़े भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर छोटे भाई की हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया ताकि यह एक दुर्घटना लगे। जानकारी के अनुसार, 2 जून को ग्राम अजीतपुरा के पास नदी में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना डायल-112 के माध्यम से पुलिस को मिली थी। भाण्डेर पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसकी पहचान 38 वर्षीय विनोद यादव उर्फ खुशी यादव के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई मनोज यादव ने पुलिस को बताया था कि विनोद 1 जून को दूध देने भाण्डेर गया था और वापस नहीं लौटा; उसकी मोटरसाइकिल खेत में खड़ी मिली थी। शुरुआत में किसी पर कोई संदेह नहीं था, लेकिन पुलिस को यह मामला संदिग्ध लगा। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई जांच में सामने आया कि जमीन और पारिवारिक संपत्ति के विवाद के चलते बड़े भाई मनोज यादव ने अपने पांच साथियों — करण यादव, राहुल यादव, रवि यादव, गुलशन यादव और आकाश दोहरे — के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। आरोपियों ने विनोद को एक कार में बिठाकर शराब पिलाई और जब वह नशे में था, तब उसे नदी में डुबोकर मार डाला। पुलिस ने इस मामले में हत्या और साझा आपराधिक कृत्य की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी मनोज यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें शेष पांच फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में भाण्डेर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, और उनका दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- दतिया जिले के भांडेर में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। इस अवसर पर, जलज चतुर्वेदी ने बयान दिया है कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कड़ी चुनौती देगी।1
- आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव बिहार में खान सर के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।1
- दतिया पुलिस ने जिले में अवैध शराब के निर्माण के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार शिवहरे और एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में, थाना डीपार पुलिस ने ग्राम ग्यारा स्थित कंजर डेरा पर दबिश दी। इस दौरान टीम ने 55 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की और मौके पर पाए गए लगभग 5000 लीटर लाहन को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में, ग्यारा की पहाड़िया, राजपुर रोड निवासी 50 वर्षीय रमेश पुत्र गंगाराम कंजर के कब्जे से 30 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की गई। वहीं, कंजर डेरा ग्यारा निवासी 50 वर्षीय शीला देवी पत्नी राजेन्द्र कंजर के पास से 25 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब मिली। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की है। इस अभियान में थाना डीपार प्रभारी उप निरीक्षक श्री यादवेन्द्र गुर्जर, उनि सियाराम गौड, प्रआर मंशाराम, आर दीपेंद्र गुर्जर, आर निजाम खान और आर आकाश यादव की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।2
- रतनगढ़ माता धाम पर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुँचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं, मानो श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा हो। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी के चरणों में शीश नवाया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। माता रानी के दर्शन के उपरांत, भक्तों ने कुंवर बाबा के दरबार में भी पहुँचकर आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- दतिया जिले की बड़ौनी तहसील में तहसीलदार सुनील प्रभास पर आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें कार्यालय से बाहर निकालने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, कुछ ग्रामीण अपनी जमीन और राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील कार्यालय पहुँचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें दफ्तर से चले जाने को कहा। उनका कहना है कि वे कई दिनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा था, और जब उन्होंने अपनी परेशानी बताने की कोशिश की, तो उन्हें अपमानित कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। उनका कहना है कि सरकारी अधिकारियों का आचरण जनता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। वहीं, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि मामले की जाँच होती है, तो वायरल वीडियो और घटना के समय मौजूद लोगों के बयान अहम भूमिका निभा सकते हैं।1
- दतिया जिले के वार्ड क्रमांक 20 में निवासी जनता पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि उन्हें बूंद-बूंद पानी के लिए भी अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बागेश्वर धाम के महंत ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अब 'दोस्ती जिहाद' भी सामने आ गया है। इस बयान ने एक नए पहलू की ओर इशारा किया है, जो चर्चा का विषय बन गया है।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़-लांच रोड पर एक गंभीर विद्युत हादसे में मंटू मास्टर के खेत के पास 33 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन युवक बुरी तरह झुलस गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तीनों घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। यह हादसा उस समय हुआ जब प्राइवेट कंपनी BTL द्वारा 11 केवी विद्युत लाइन पर मेंटेनेंस और शिफ्टिंग का काम किया जा रहा था। काम के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों ने ऊपर से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा, जिसके परिणामस्वरूप तार आपस में संपर्क में आ गए और करंट फैल गया। हादसे में पुनीत आदिवासी (30 वर्ष), अंकित आदिवासी (30 वर्ष) और पारस वर्मा (20 वर्ष) गंभीर रूप से झुलसे हैं। इन्हें तत्काल इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति के चलते ग्वालियर रेफर कर दिया गया। लाइनमैन कालीचरण प्रजापति के अनुसार, ठेकेदार के मैनेजर ने केवल 11 केवी लाइन का परमिट लिया था, जबकि ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन का शटडाउन नहीं कराया गया। इसी लापरवाही को इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और मामले की जांच शुरू कर दी। बिजली विभाग के अधिकारी नीरज यादव ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि प्राइवेट कंपनी BTL तथा संबंधित ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों ने इस मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ितों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। इस पूरे प्रकरण में BTL कंपनी की कार्यप्रणाली और बरती गई कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1