जहां ईरान ने मारी मिसाइल, वहीं 80 टन माल लेकर उतरा भारत, अब होगा असली खेल! मेरिका और इजराइल के ईरान के साथ चल रहे इस भयंकर युद्ध ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। लेकिन ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट के देशों में जहाज नहीं पहुंच पा रहे हैं। उड़ाने रद्द हो रही है और फ़ूड सिक्योरिटी का एक बड़ा संकट सामने खड़ा हो चुका है। उस वक्त भारत ने एक बार फिर अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ाया। मदद मांगते ही भारत ने जहाज भेजा। सैकड़ों टन मदद पहुंचाई और इस कदम से ईरान भी हैरान हो गया। मार्च 2026 में यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसे अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। यह कोई साधारण संघर्ष नहीं है। यह एक ऐसा युद्ध है जो मिडिल ईस्ट को बदल सकता है। उसके नक्शे को बदल सकता है। ईरान का US ठिकानों पर बड़ा हमला, UAE ने हवा में ही नष्ट किए 119 Drone और 15 Ballistic Missile अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को रोकने का तरीका बताया है। शुरुआत में ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मार गिराया जो ईरान की राजनीति का सबसे बड़ा झटका था। खामेनेई के जाने के बाद ईरान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए जिसमें इजराइल और अमेरिकी ठिकानों और यहां तक कि खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। 9 मार्च 2026 तक यह युद्ध अपने 10वें दिन में पहुंच चुका है और अमेरिका और इजराइल ने ईरान के तेल डिपो मिसाइल साइट्स आईआरजीसी यानी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड स्कोप्स के हेड क्वार्टर्स और न्यूक्लियर साइट्स पर दनादन हमले किए हैं। ईरान ने बदले में इजराइल पर मिसाइल बरसाए जिनमें क्लस्टर म्यूनिशियंस भी शामिल हैं और इस बीच अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो चुकी है। कम से कम सात अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इस युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रैंड क्रूड $ प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुका है। इतना ही नहीं कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि 20% की बढ़ोतरी भी हुई है। स्टेट ऑफ ऑर्बुज जो दुनिया के 20% तेल का रास्ता है लगभग पूरी तरह से बंद हो चुका है। जहाजों की आवाजाही 30% से ज्यादा कम हो चुकी है। ईरान ने एनर्जी वॉर की धमकी दे दी है और अमेरिका ने बिना शर्त सरेंडर की मांग की है ईरान से। इतना ही नहीं इजराइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई यानी जो अली खामनेई के बेटे हैं उनको भी निशाना बनाने की धमकी दे दी है और यह युद्ध अब लेबनान इराक सीरिया तक फैल चुका है जहां हिजबुल्लाह और अन्य ग्रुप्स शामिल हो सकते हैं। अब इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। स्टॉक मार्केट्स गिर रहे हैं। खाड़ी देशों में फंसे 12 हजार भारतीयों ने मोदी सरकार से लगाई मदद की गुहार, विदेश मंत्रालय आया एक्शन में भारत के लिए तो भारत के लिए भी चिंता का विषय है। बहुत बड़ा चिंता का विषय है क्योंकि भारत का 55 से 60% तेल इंपोर्ट गल्फ से ही आता है। इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत से आता है। लेकिन इस युद्ध में भारत की भूमिका एक एक दोस्त की तरह है जो संकट में मदद करता है और मदद कर भी रहा है। एक तरफ ईरान की मदद, दूसरी ओर मिडिल ईस्ट के देशों की मदद। अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर। मिडिल ईस्ट में फूड सिक्योरिटी का संकट है। जहां पूरी दुनिया को तेल की समस्या दिख रही है, वहीं मिडिल ईस्ट के देशों पर फूड सिक्योरिटी का बादल मंडरा रहा है। यूएई हो या सऊदी अरब इन सभी देशों में 90% से ज्यादा खाने-पीने का सामान बाहर से इंपोर्ट होता है। यानी बाहर से उनके यहां सामान जाता है। खामेनेई के बेटे को गुप्त रोग? US के रिपोर्ट ने दुनिया हिला दी वह कुछ उगाते नहीं है। रेगिस्तान होने की वजह से पानी की कमी है और कृषि सीमित है। सामान्य समय में यह देश यूरोप, एशिया और अमेरिका से फल, सब्जियां, अनाज इंपोर्ट करते हैं। लेकिन इस युद्ध ने सब कुछ बदल दिया। स्टेट ऑफ हॉर्मोज बंद होने से जहाज नहीं जा पा रहे। ऐसा कहा जा रहा है। उड़ाने प्रभावित हैं। कई पैसेंजर फ्लाइट रद्द हो चुकी है और कारगो भी अब बहुत कम लोग जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर विमानों के कारगो होल्ड की बड़ी मात्रा में ताजा फल जाता है। #fblifestyle जहां ईरान ने मारी मिसाइल, वहीं 80 टन माल लेकर उतरा भारत, अब होगा असली खेल! मेरिका और इजराइल के ईरान के साथ चल रहे इस भयंकर युद्ध ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। लेकिन ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट के देशों में जहाज नहीं पहुंच पा रहे हैं। उड़ाने रद्द हो रही है और फ़ूड सिक्योरिटी का एक बड़ा संकट सामने खड़ा हो चुका है। उस वक्त भारत ने एक बार फिर अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ाया। मदद मांगते ही भारत ने जहाज भेजा। सैकड़ों टन मदद पहुंचाई और इस कदम से ईरान भी हैरान हो गया। मार्च 2026 में यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसे अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। यह कोई साधारण संघर्ष नहीं है। यह एक ऐसा युद्ध है जो मिडिल ईस्ट को बदल सकता है। उसके नक्शे को बदल सकता है। ईरान का US ठिकानों पर बड़ा हमला, UAE ने हवा में ही नष्ट किए 119 Drone और 15 Ballistic Missile अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को रोकने का तरीका बताया है। शुरुआत में ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मार गिराया जो ईरान की राजनीति का सबसे बड़ा झटका था। खामेनेई के जाने के बाद ईरान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए जिसमें इजराइल और अमेरिकी ठिकानों और यहां तक कि खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। 9 मार्च 2026 तक यह युद्ध अपने 10वें दिन में पहुंच चुका है और अमेरिका और इजराइल ने ईरान के तेल डिपो मिसाइल साइट्स आईआरजीसी यानी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड स्कोप्स के हेड क्वार्टर्स और न्यूक्लियर साइट्स पर दनादन हमले किए हैं। ईरान ने बदले में इजराइल पर मिसाइल बरसाए जिनमें क्लस्टर म्यूनिशियंस भी शामिल हैं और इस बीच अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो चुकी है। कम से कम सात अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इस युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रैंड क्रूड $ प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुका है। इतना ही नहीं कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि 20% की बढ़ोतरी भी हुई है। स्टेट ऑफ ऑर्बुज जो दुनिया के 20% तेल का रास्ता है लगभग पूरी तरह से बंद हो चुका है। जहाजों की आवाजाही 30% से ज्यादा कम हो चुकी है। ईरान ने एनर्जी वॉर की धमकी दे दी है और अमेरिका ने बिना शर्त सरेंडर की मांग की है ईरान से। इतना ही नहीं इजराइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई यानी जो अली खामनेई के बेटे हैं उनको भी निशाना बनाने की धमकी दे दी है और यह युद्ध अब लेबनान इराक सीरिया तक फैल चुका है जहां हिजबुल्लाह और अन्य ग्रुप्स शामिल हो सकते हैं। अब इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। स्टॉक मार्केट्स गिर रहे हैं। खाड़ी देशों में फंसे 12 हजार भारतीयों ने मोदी सरकार से लगाई मदद की गुहार, विदेश मंत्रालय आया एक्शन में भारत के लिए तो भारत के लिए भी चिंता का विषय है। बहुत बड़ा चिंता का विषय है क्योंकि भारत का 55 से 60% तेल इंपोर्ट गल्फ से ही आता है। इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत से आता है। लेकिन इस युद्ध में भारत की भूमिका एक एक दोस्त की तरह है जो संकट में मदद करता है और मदद कर भी रहा है। एक तरफ ईरान की मदद, दूसरी ओर मिडिल ईस्ट के देशों की मदद। अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर। मिडिल ईस्ट में फूड सिक्योरिटी का संकट है। जहां पूरी दुनिया को तेल की समस्या दिख रही है, वहीं मिडिल ईस्ट के देशों पर फूड सिक्योरिटी का बादल मंडरा रहा है। यूएई हो या सऊदी अरब इन सभी देशों में 90% से ज्यादा खाने-पीने का सामान बाहर से इंपोर्ट होता है। यानी बाहर से उनके यहां सामान जाता है। खामेनेई के बेटे को गुप्त रोग? US के रिपोर्ट ने दुनिया हिला दी वह कुछ उगाते नहीं है। रेगिस्तान होने की वजह से पानी की कमी है और कृषि सीमित है। सामान्य समय में यह देश यूरोप, एशिया और अमेरिका से फल, सब्जियां, अनाज इंपोर्ट करते हैं। लेकिन इस युद्ध ने सब कुछ बदल दिया। स्टेट ऑफ हॉर्मोज बंद होने से जहाज नहीं जा पा रहे। ऐसा कहा जा रहा है। उड़ाने प्रभावित हैं। कई पैसेंजर फ्लाइट रद्द हो चुकी है और कारगो भी अब बहुत कम लोग जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर विमानों के कारगो होल्ड की बड़ी मात्रा में ताजा फल जाता है। #fblifestyle
जहां ईरान ने मारी मिसाइल, वहीं 80 टन माल लेकर उतरा भारत, अब होगा असली खेल! मेरिका और इजराइल के ईरान के साथ चल रहे इस भयंकर युद्ध ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। लेकिन ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट के देशों में जहाज नहीं पहुंच पा रहे हैं। उड़ाने रद्द हो रही है और फ़ूड सिक्योरिटी का एक बड़ा संकट सामने खड़ा हो चुका है। उस वक्त भारत ने एक बार फिर अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ाया। मदद मांगते ही भारत ने जहाज भेजा। सैकड़ों टन मदद पहुंचाई और इस कदम से ईरान भी हैरान हो गया। मार्च 2026 में यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसे अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। यह कोई साधारण संघर्ष नहीं है। यह एक ऐसा युद्ध है जो मिडिल ईस्ट को बदल सकता है। उसके नक्शे को बदल सकता है। ईरान का US ठिकानों पर बड़ा हमला, UAE ने हवा में ही नष्ट किए 119 Drone और 15 Ballistic Missile अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को रोकने का तरीका बताया है। शुरुआत में ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मार गिराया जो ईरान की राजनीति का सबसे बड़ा झटका था। खामेनेई के जाने के बाद ईरान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए जिसमें इजराइल और अमेरिकी ठिकानों और यहां तक कि खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। 9 मार्च 2026 तक यह युद्ध अपने 10वें दिन में पहुंच चुका है और अमेरिका और इजराइल ने ईरान के तेल डिपो मिसाइल साइट्स आईआरजीसी यानी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड स्कोप्स के हेड क्वार्टर्स और न्यूक्लियर साइट्स पर दनादन हमले किए हैं। ईरान ने बदले में इजराइल पर मिसाइल बरसाए जिनमें क्लस्टर म्यूनिशियंस भी शामिल हैं और इस बीच अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो चुकी है। कम से कम सात अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इस युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रैंड क्रूड $ प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुका है। इतना ही नहीं कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि 20% की बढ़ोतरी भी हुई है। स्टेट ऑफ ऑर्बुज जो दुनिया के 20% तेल का रास्ता है लगभग पूरी तरह से बंद हो चुका है। जहाजों की आवाजाही 30% से ज्यादा कम हो चुकी है। ईरान ने एनर्जी वॉर की धमकी दे दी है और अमेरिका ने बिना शर्त सरेंडर की मांग की है ईरान से। इतना ही नहीं इजराइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई यानी जो अली खामनेई के बेटे हैं उनको भी निशाना बनाने की धमकी दे दी है और यह युद्ध अब लेबनान इराक सीरिया तक फैल चुका है जहां हिजबुल्लाह और अन्य ग्रुप्स शामिल हो सकते हैं। अब इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। स्टॉक मार्केट्स गिर रहे हैं। खाड़ी देशों में फंसे 12 हजार भारतीयों ने मोदी सरकार से लगाई मदद की गुहार, विदेश मंत्रालय आया एक्शन में भारत के लिए तो भारत के लिए भी चिंता का विषय है। बहुत बड़ा चिंता का विषय है क्योंकि भारत का 55 से 60% तेल इंपोर्ट गल्फ से ही आता है। इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत से आता है। लेकिन इस युद्ध में भारत की भूमिका एक एक दोस्त की तरह है जो संकट में मदद करता है और मदद कर भी रहा है। एक तरफ ईरान की मदद, दूसरी ओर मिडिल ईस्ट के देशों की मदद। अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर। मिडिल ईस्ट में फूड सिक्योरिटी का संकट है। जहां पूरी दुनिया को तेल की समस्या दिख रही है, वहीं मिडिल ईस्ट के देशों पर फूड सिक्योरिटी का बादल मंडरा रहा है। यूएई हो या सऊदी अरब इन सभी देशों में 90% से ज्यादा खाने-पीने का सामान बाहर से इंपोर्ट होता है। यानी बाहर से उनके यहां सामान जाता है। खामेनेई के बेटे को गुप्त रोग? 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- बिहार की राजधानी पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के बिहटा सरमेरा रोड सिरपतपुर के पास बुधवार की रात पटना पुलिस हाफ एनकाउंटर किया है बताया जाता है कि हथियार सप्लाई करने वाले एक गैंग अपने गिरोह के साथ हथियार की सप्लाई करने वाले हैं ۔पटना के सीनियर एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि बुधवार को फतुहा थाना अध्यक्ष रोशन कुमार को जानकारी मिली कि हथियार के सप्लाई करने गिरोह के सदस्यों द्वारा हथियार की सप्लाई करने वाले हैं ۔पुलिस ने जांच के दौरान पुलिस को देखकर अपराधियों द्वारा गोलीबारी की गई ۔इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक अपराधी सुंदरम उर्फ भोला को पैर में गोली लग गई ۔जिससे वह घायल हो गया ۔उन्होंने बताया कि इस मामले में और तीन अपराधी को गिरफ्तार किया गया है ۔एक लोडेड देशी कट्टा 1200 जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है ۔1
- बिहार की राजधानी पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के बिहटा सरमेरा रोड सिरपतपुर के पास बुधवार की रात पटना पुलिस हाफ एनकाउंटर किया है बताया जाता है कि हथियार सप्लाई करने वाले एक गैंग अपने गिरोह के साथ हथियार की सप्लाई करने वाले हैं ۔पटना के सीनियर एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि बुधवार को फतुहा थाना अध्यक्ष रोशन कुमार को जानकारी मिली कि हथियार के सप्लाई करने गिरोह के सदस्यों द्वारा हथियार की सप्लाई करने वाले हैं ۔पुलिस ने जांच के दौरान पुलिस को देखकर अपराधियों द्वारा गोलीबारी की गई ۔इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक अपराधी सुंदरम उर्फ भोला को पैर में गोली लग गई ۔जिससे वह घायल हो गया ۔उन्होंने बताया कि इस मामले में और तीन अपराधी को गिरफ्तार किया गया है ۔एक लोडेड देशी कट्टा 1200 जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है ۔1
- गुजरात के केमिकल फैक्ट्री में बिहारी मजदूरों की मौत के मामले में जन सुराज पार्टी ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है। घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बिहार के मजदूरों को रोजी रोजगार के लिए अन्य प्रदेश के लिए पलायन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और अमित शाह चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं लेकिन ऐसी दुखद घटनाओं पर कुछ नहीं बोलते हैं प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कहा कि चुनाव के बाद अब तक ऐसे हादसों में करीब 50 बिहारी मजदूरों की मौत हो चुकी है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने एक बयान तक नहीं दिया है।1
- पटना के फतुहा थानांतर्गत एक अंतरजिला अपराधी गिरोह द्वारा बुधवार की रात को भारी मात्रा में कारतूसों की सप्लाई की जा रही है तथा अवैध हथियारों की डील होने वाली है। उक्त सूचना के आलोक में वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देशन में एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा सूचना के आधार पर बताए गए स्थल पर पहुंचकर सत्यापन किया गया। इस दौरान कारतूसों की खरीद-फरोख्त के लिए मौजूद अपराधियों द्वारा पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा उन्हें रोकने (पकड़ने) की कोशिश की गई, किन्तु अपराधियों द्वारा पुलिस पर फायरिंग करने का प्रयास किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने हेतु पुलिस द्वारा पूर्ण सतर्कता बरतते हुए आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को सुरक्षित हिरासत में लेकर तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा जा रहा है।तीन और अन्य अपराधी को गिरफ्तार किया गया है , घटनास्थल से लगभग 1200 से अधिक अवैध जिंदा कारतूस एवं अवैध आग्नेयास्त्र बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का संबंध अन्य जिलों से है तथा बरामद कारतूसों की सप्लाई किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना के तहत की जा रही थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी घटना को टाल दिया गया है। अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास एवं बरामद कारतूसों के स्रोत के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। #ApnaCityTakNews #Patna #Fatuha #PatnaPolice #VairlNews #Craime1
- गैस के दामो में बढ़ोतरी पर कॉंग्रेस का हल्ला बोल/पेट्रोलियम मंत्री का फूंका पुतला। पटनासिटी, इजरायल और ईरान में हो रहे युद्ध के बाद पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत देखी जा रही है।बही भारत सरकार ने गैस के दामो में बढ़ोतरी कर दी है ।60 रुपए प्रति सिलेंडर के दामो में बढ़ोतरी की गई जिसके बाद आम लोगो के पॉकेट ढीली हो रही है।बही गैस के दामो में बढ़ोतरी पर कॉंग्रेस ने हल्ला बोल दिया है।पटनासिटी कॉंग्रेस ने आज भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी का पुतला जलाते हुए इसका विरोध किया है।पुतले पर नरेंद्र मोदी नाम मेरा कीमत बढ़ाना काम मेरा जैसे स्लोगन लिखे गए थे कॉंग्रेसियो ने प्रधानमंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी की है।कॉंग्रेस नेता अशोक यादव ने कहा है कि भारत ईरान का अच्छा दोस्त था लेकिन इजरायल और अमेरिका के कारण उसने अच्छा दोस्त खो दिया बही इजरायल गैस और अन्य पदार्थ देने की मनाही कर रहा है ऐसे में गैस के दाम बढ़ाना गुलामी जैसा है।उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा।इस मौके पर बालकिशुन यादव,विजय यादव,सतीश यादव एवं अन्य लोग मौजूद थे।4
- शेखपुरा पुलिस के मनमानी1