वन विभाग में करोड़ों का खेल! कागजों में हरियाली, जमीन पर सूखा सच शिकायतों के बावजूद जांच ठंडी, दबाव में बचते नजर आ रहे जिम्मेदार वन विभाग में करोड़ों का खेल! कागजों में हरियाली, जमीन पर सूखा सच शिकायतों के बावजूद जांच ठंडी, दबाव में बचते नजर आ रहे जिम्मेदार चित्रकूट जनपद के मानिकपुर क्षेत्र से वन विभाग में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बहिलपुरवा, सेमरदहा, रकवा खुर्द और मटदर बीट में पौधरोपण के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों ने सीधे तौर पर विभागीय अधिकारियों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी है। *कागजों में हरा-भरा जंगल, जमीन पर सन्नाटा* आरोप है कि जिन स्थानों पर सैकड़ों हेक्टेयर में पौधरोपण दिखाया गया, वहां हकीकत में या तो काम हुआ ही नहीं या बेहद सीमित स्तर पर हुआ। वर्ष 2023-24 में 85 हेक्टेयर में पौधरोपण दिखाकर मात्र 15 हेक्टेयर में काम किया गया, जबकि शेष भुगतान निकाल लिया गया। *करोड़ों का बजट, लेकिन पौधे नदारद* सेमरदहा वन ब्लॉक में कैंपा योजना के तहत 10 हेक्टेयर में कार्य प्रस्तावित था, लेकिन मौके पर काम का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। वहीं 2024 में 20 हेक्टेयर के बजट के बावजूद पौधे तक नहीं लगाए गए। *पुराने सालों का भी खेल उजागर* वर्ष 2022-23 में 100 हेक्टेयर की स्वीकृति के बावजूद केवल 20 हेक्टेयर में काम हुआ, जबकि 80 हेक्टेयर का भुगतान निकाल लिया गया। इसी तरह 2021-22 में 140 हेक्टेयर के सापेक्ष सिर्फ 60 हेक्टेयर में कार्य होने की बात सामने आई है। *फर्जी बिल-बाउचर से सरकारी धन की बंदरबांट!* शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पौधरोपण, गड्ढा खुदाई और मजदूरी के नाम पर फर्जी बिल-बाउचर लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाकर असली लाभार्थियों को दरकिनार किया गया। *जांच से बचते अधिकारी, सवालों से दूरी* आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी जांच से बचते रहे। यहां तक कि मौके के निरीक्षण में भी लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की गई। *जनता की मांग: निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई* स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। आपको बता दें कि जब जंगल बचाने वाले ही जंगल खा जाएं, तो हरियाली की उम्मीद बेमानी हो जाती है। चित्रकूट में “पौधरोपण” अब विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का नया पर्याय बनता जा रहा है। अब देखना यह है कि सरकार इस “हरित घोटाले” पर कब तक मौन रहती है या फिर कोई कड़ा एक्शन होता है।
वन विभाग में करोड़ों का खेल! कागजों में हरियाली, जमीन पर सूखा सच शिकायतों के बावजूद जांच ठंडी, दबाव में बचते नजर आ रहे जिम्मेदार वन विभाग में करोड़ों का खेल! कागजों में हरियाली, जमीन पर सूखा सच शिकायतों के बावजूद जांच ठंडी, दबाव में बचते नजर आ रहे जिम्मेदार चित्रकूट जनपद के मानिकपुर क्षेत्र से वन विभाग में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बहिलपुरवा, सेमरदहा, रकवा खुर्द और मटदर बीट में पौधरोपण के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों ने सीधे तौर पर विभागीय अधिकारियों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी है। *कागजों में हरा-भरा जंगल, जमीन पर सन्नाटा* आरोप है कि जिन स्थानों पर सैकड़ों हेक्टेयर में पौधरोपण दिखाया गया, वहां हकीकत में या तो काम हुआ ही नहीं या बेहद सीमित स्तर पर हुआ। वर्ष 2023-24 में 85 हेक्टेयर में पौधरोपण दिखाकर मात्र 15 हेक्टेयर में काम किया गया, जबकि शेष भुगतान निकाल लिया गया। *करोड़ों का बजट, लेकिन पौधे नदारद* सेमरदहा वन ब्लॉक में कैंपा योजना के तहत 10 हेक्टेयर में कार्य प्रस्तावित था, लेकिन मौके पर काम का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। वहीं 2024 में 20 हेक्टेयर के बजट के बावजूद पौधे तक नहीं लगाए गए। *पुराने सालों का भी खेल उजागर* वर्ष 2022-23 में 100 हेक्टेयर की स्वीकृति के बावजूद केवल 20 हेक्टेयर में काम हुआ, जबकि 80 हेक्टेयर का भुगतान निकाल लिया गया। इसी तरह 2021-22 में 140 हेक्टेयर के सापेक्ष सिर्फ 60 हेक्टेयर में कार्य होने की बात सामने आई है। *फर्जी बिल-बाउचर से सरकारी धन की बंदरबांट!* शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पौधरोपण, गड्ढा खुदाई और मजदूरी के नाम पर फर्जी बिल-बाउचर लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाकर असली लाभार्थियों को दरकिनार किया गया। *जांच से बचते अधिकारी, सवालों से दूरी* आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी जांच से बचते रहे। यहां तक कि मौके के निरीक्षण में भी लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की गई। *जनता की मांग: निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई* स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। आपको बता दें कि जब जंगल बचाने वाले ही जंगल खा जाएं, तो हरियाली की उम्मीद बेमानी हो जाती है। चित्रकूट में “पौधरोपण” अब विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का नया पर्याय बनता जा रहा है। अब देखना यह है कि सरकार इस “हरित घोटाले” पर कब तक मौन रहती है या फिर कोई कड़ा एक्शन होता है।
- Post by Chitrakootnewslive1
- Post by संजय राणा पत्रकार चित्रकूट1
- ब्रेकिंग चित्रकूट: बागै नदी में डूबने से दो मासूमों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम* चित्रकूट। जनपद के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरौली मजरा केयूटरा पुरवा गांव में मंगलवार सुबह एक हृदयविदारक हादसा हो गया। बागै नदी के चकरेही घाट पर नहाने गए दो मासूम बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9 बजे शिवम राजपूत (पुत्र नवल) और आशीष राजपूत (पुत्र गोविंद) नदी में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण दोनों बच्चे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव बाहर निकलवाए और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी और बच्चों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- Post by Abhay TV News1
- Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- Post by अतुल सेंगर1
- *चित्रकूट में 'सुपोषित उत्तर प्रदेश-सशक्त भारत' अभियान के तहत 486 सहायिका 4 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों नियुक्ति पत्र वितरित* *जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ* *मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन के माध्यम से नवनियुक्त कर्मियों को दी गई प्रेरणा* *पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर हुआ चयन* *01 अप्रैल 2026 तक कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश* जनपद मे स्थित मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम हॉल में सोमवार को *सुपोषित उत्तर प्रदेश-सशक्त भारत* मिशन के अंतर्गत जनपद चित्रकूट की 04 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं 486 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद (कर्वी) श्री नरेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक (बांदा/चित्रकूट) श्री पंकज अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी श्री डी.पी. पाल एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी कर्मियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी के संबोधन का सीधा सजीव प्रसारण (लाइव) भी देखा। जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने नवनियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आम जनमानस का भरोसा निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत उदाहरण साझा करते हुए बताया कि उनकी अपनी पुत्री भी आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा ग्रहण कर रही है, जो इन केंद्रों की गुणवत्ता का प्रमाण है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर बच्चों की शारीरिक व मानसिक क्षमता के विकास पर ध्यान दें। उन्होंने डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि विभाग द्वारा प्रदत्त स्मार्टफ़ोन का उपयोग स्वयं करें ताकि कार्यों में पारदर्शिता आए। साथ ही, जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी कर्मियों के मतदाता पहचान पत्र एवं आयुष्मान भारत कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाए जाएं। मुख्य विकास अधिकारी श्री डी.पी. पाल ने जानकारी दी कि जनपद के 1088 केंद्रों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर की गई है। आज के वितरण के पश्चात अब प्रत्येक केंद्र पर सहायिका की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है, जिससे पोषाहार वितरण और बच्चों के मूल्यांकन में सुगमता होगी। उन्होंने बताया कि जनपद में 07 नए आंगनबाड़ी भवनों का भी लोकार्पण किया गया है। सभी नवनियुक्त कर्मियों को 01 अप्रैल 2026 तक अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अध्यक्ष नगर पालिका परिषद श्री नरेन्द्र गुप्ता एवं अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक श्री पंकज अग्रवाल ने कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य के प्रति सरकार संवेदनशील है और भविष्य में मानदेय वृद्धि की कार्ययोजना भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पी.डी. विश्वकर्मा ने अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) के निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। प्रतीकात्मक रूप से आंगनबाड़ी कार्यकत्री उर्मिला देवी, सुमैना देवी, रोशनी देवी, रीनू देवी तथा सहायिका राधा रानी, कोमल, बबिता, कुसुम सहित अन्य को मंच से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर भाजपा नेता श्री सुरेश अनुरागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी, डीसी मनरेगा श्री डी.एन. पांडेय सहित सभी विकास खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं भारी संख्या में नवनियुक्त कर्मी उपस्थित रहे।1