अमेठी जिले में चलाए जा रहे 'नशा मुक्त अभियान' के तहत जामो पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 100 ग्राम स्मैक बरामद की है। यह कार्रवाई एसपी सरवणन टी. के निर्देशन और एएसपी ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इसी क्रम में मंगलवार को सीओ अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में जामो पुलिस की टीम संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग और क्षेत्र भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकेश पुत्र शिवशंकर, निवासी ग्राम रामपुर चौधरी, थाना जामो को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 100 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक की उम्र लगभग 25 वर्ष है। बरामद मादक पदार्थ के संबंध में थाना जामो में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है, और पुलिस ने गिरफ्तार युवक को जेल भेज दिया है।
अमेठी जिले में चलाए जा रहे 'नशा मुक्त अभियान' के तहत जामो पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 100 ग्राम स्मैक बरामद की है। यह कार्रवाई एसपी सरवणन टी. के निर्देशन और एएसपी ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इसी क्रम में मंगलवार को सीओ अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में जामो पुलिस की टीम संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग और क्षेत्र भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकेश पुत्र शिवशंकर, निवासी ग्राम रामपुर चौधरी, थाना जामो को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 100 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक की उम्र लगभग 25 वर्ष है। बरामद मादक पदार्थ के संबंध में थाना जामो में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है, और पुलिस ने गिरफ्तार युवक को जेल भेज दिया है।
- लखनऊ के व्यस्ततम अलीगंज इलाके में पूरनिया से सीतापुर रोड पर आज यात्रियों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा, जिससे तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी में वाहन चालकों और राहगीरों के पसीने छूट गए। लोग घंटों तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने आरोप लगाया कि जाम की शुरुआत में मौके पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी या स्थानीय पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिसके कारण अव्यवस्था और भी बढ़ गई और देखते ही देखते वाहनों की किलोमीटरों लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, जाम की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को धीरे-धीरे सुचारु किया, जिससे इस मार्ग पर लगा जाम पूरी तरह से खुल गया और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। इस कवायद से तपती गर्मी में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। यह जानकारी पत्रकार मोहम्मद सलीम ने दी।1
- अमेठी में अपराध व अपराधियों के धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत थाना मोहनगंज पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों अभियुक्त एक बलेनो कार में सवार थे और मोहनगंज थाने में मु0अ0सं0 165/26 के तहत धारा 191(2), 191(3), 190, 109, 352, 351(3), 127(2), 140(1) बी0एन0एस0 में वांछित थे। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान स्वप्निल सिंह (उम्र करीब 28 वर्ष) पुत्र धुन्नी सिंह और नितिन सिंह उर्फ राकेश सिंह उर्फ पुट्टी सिंह (उम्र करीब 24 वर्ष) के रूप में हुई है, दोनों ही रायबरेली के थाना चन्दापुर के समरहदा के निवासी हैं। पूछताछ में इन दोनों ने बताया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 31.05.2026 को पुरानी रंजिश के चलते रायबरेली के समरहदा निवासी श्याम बिहारी मौर्या पुत्र राम बहादुर को इसी बलेनो कार में बिठाकर ले गए थे और उनके साथ मारपीट की थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बरामद डंडे हमेशा बलेनो कार की डिग्गी में रखे रहते थे और उन्हीं से श्याम बिहारी से मारपीट की गई थी। पुलिस ने आरोपियों की तलाशी के दौरान कार की डिग्गी से दो बांस के डंडे बरामद किए, जो घटना में प्रयुक्त हुए थे। इसके अतिरिक्त, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट वाली बलेनो कार को भी जब्त किया गया है। थाना मोहनगंज पुलिस इस गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में विधिक कार्यवाही कर रही है। अभियुक्त स्वप्निल सिंह का एक आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें रायबरेली के लालगंज थाने में मु0अ0सं0 441/24 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक जगतपाल सिंह, कांस्टेबल शिवम सिंह राठौर, अरुण यादव, प्रमोद यादव और रिक्रूट कांस्टेबल आकाश कुमार गौड़ शामिल थे।1
- उत्तर प्रदेश के अमेठी में लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक सीएनजी डीसीएम और महिंद्रा एसयूवी के बीच भीषण टक्कर हुई, जिसके बाद एसयूवी में भयानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरा वाहन आग का गोला बन गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।1
- सुल्तानपुर गांव में सोमवार को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। हालाँकि, प्रशासन ने अभियान जारी रखा और करीब 15 बिस्वा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। नायब तहसीलदार सुधीर श्रीवास्तव और अजय सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंची थी। मुख्य मार्ग से सटी सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया। जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया, जिससे पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हुई और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और अभियान जारी रखा। प्रशासन के अनुसार, सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि पर 12 लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था, जिसमें कई स्थानों पर छप्पर और अस्थायी निर्माण भी शामिल थे। टीम ने सभी कब्जों को हटवाकर भूमि को खाली करा लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई तकरार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- अमेठी में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुँची राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को अतिक्रमणकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। टीम ने जेसीबी के साथ मौके पर पहुँचकर बेशकीमती सरकारी जमीन पर रखे छप्परों को गिराना शुरू किया, जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया। देखते ही देखते यह विरोध हंगामे में बदल गया और टीम की अतिक्रमणकारियों से झड़प हो गई। करीब एक घंटे तक चली इस अफरा-तफरी के बाद, संयुक्त टीम ने सड़क किनारे बने एक दर्जन छप्परों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के उपरांत सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।2
- अमेठी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुंगवाछ में राजस्व विभाग ने ग्राम सभा की करोड़ों की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए एक अभियान चलाया है। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर वर्षों से किए गए इस अतिक्रमण को हटवाया। यह कार्रवाई ग्राम प्रधान आशा तिवारी द्वारा उपजिलाधिकारी पंकज तिवारी को दिए गए एक शिकायती पत्र के आधार पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि गाँव के कुछ लोगों ने ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करके खेती-बाड़ी और निजी उपयोग शुरू कर दिया था। शिकायत में विशेष रूप से संदीपमणि, हर्षमणि, वशिष्ठ मणि और हरिशंकर तिवारी पर संगठित रूप से लगभग 10 बीघा ग्राम सभा भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया था। इसके साथ ही, यह भी उल्लेख किया गया था कि संबंधित व्यक्तियों की दबंग छवि के कारण ग्रामीण खुलकर इसका विरोध नहीं कर पा रहे थे। आरोपों के अनुसार, गाटा संख्या 1350, 920, 3487 और 990 में आवंटित पट्टे की सीमा से बाहर भी अतिरिक्त ग्राम सभा भूमि पर कब्जा करके बाउंड्रीवाल बना ली गई थी और उसका उपयोग निजी तौर पर किया जा रहा था। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की थी, यह कहते हुए कि ग्राम सभा की भूमि गाँव की सार्वजनिक संपत्ति है जिसका संरक्षण प्रशासन और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, राजस्व विभाग की टीम ने गाँव पहुँचकर स्थल का निरीक्षण किया और ग्राम सभा की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटा दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और सरकारी भूमि को भविष्य में भी कब्जामुक्त बनाए रखने की माँग की है। वहीं, प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।1
- अमेठी में नहरों में पानी न आने से परेशान किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। आज महिला किसान नेता रीता सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लाठी-डंडों से लैस महिला किसानों ने नहर विभाग के कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर नहरों में जल्द से जल्द पानी छोड़ने की मांग की। किसानों का कहना है कि खेतों में बेरन लगाने का समय निकल रहा है, लेकिन नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे उनके सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। पानी के अभाव में धान की नर्सरी और बेरन लगाना मुश्किल हो रहा है। किसानों को निजी पंपिंग सेट से सिंचाई करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है। उनकी चेतावनी है कि यदि समय पर पानी नहीं मिला तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। आक्रोशित महिला किसानों ने कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और नहर विभाग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खंड 49 को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल नहरों में पानी छोड़ने की मांग दोहराई। महिला किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया और पानी नहीं छोड़ा गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी। वे आरोप लगा रही हैं कि हर साल समय पर पानी न मिलने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है, और विभाग को उनकी परेशानी समझते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए।2