आईपीएल 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुका है और सभी की निगाहें अब फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। पूरे सीज़न शानदार प्रदर्शन करने वाली दो टीमें खिताब जीतने के लिए मैदान में उतरेंगी, जहाँ ट्रॉफी के साथ-साथ करोड़ों रुपये की इनामी राशि भी दांव पर होगी। इस मुकाबले में विजेता टीम को ₹20 करोड़ की शानदार पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी, जबकि फाइनल में हारने वाली उपविजेता टीम को ₹13.5 करोड़ मिलेंगे। इसके अलावा, प्लेऑफ में तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹7 करोड़ और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹6.5 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। व्यक्तिगत पुरस्कारों की बात करें तो, ऑरेंज कैप, पर्पल कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) जीतने वाले खिलाड़ियों को ₹10-10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीज़न को ₹20 लाख रुपये की राशि मिलेगी। क्रिकेट प्रेमी एक रोमांचक और यादगार फाइनल मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, यह देखने के लिए कि कौन सी टीम आईपीएल 2026 की ट्रॉफी और ₹20 करोड़ की बड़ी इनामी राशि अपने नाम करती है।
आईपीएल 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुका है और सभी की निगाहें अब फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। पूरे सीज़न शानदार प्रदर्शन करने वाली दो टीमें खिताब जीतने के लिए मैदान में उतरेंगी, जहाँ ट्रॉफी के साथ-साथ करोड़ों रुपये की इनामी राशि भी दांव पर होगी। इस मुकाबले में विजेता टीम को ₹20 करोड़ की शानदार पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी, जबकि फाइनल में हारने वाली उपविजेता टीम को ₹13.5 करोड़ मिलेंगे। इसके अलावा, प्लेऑफ में तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹7 करोड़ और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹6.5 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। व्यक्तिगत पुरस्कारों की बात करें तो, ऑरेंज कैप, पर्पल कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) जीतने वाले खिलाड़ियों को ₹10-10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीज़न को ₹20 लाख रुपये की राशि मिलेगी। क्रिकेट प्रेमी एक रोमांचक और यादगार फाइनल मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, यह देखने के लिए कि कौन सी टीम आईपीएल 2026 की ट्रॉफी और ₹20 करोड़ की बड़ी इनामी राशि अपने नाम करती है।
- आम लोगों को जहाँ भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर मक्का की फसल को भारी क्षति होने की आशंका जताई जा रही है।1
- नगर पंचायत सौर बाजार के मुख्य सड़क मार्ग किनारे बसे दर्जनों घरों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाया था। मगर, कई महीने बीत जाने के बाद भी यह जगह अब तक खाली पड़ी हुई है। प्रभावित दर्जनों लोगों ने बताया कि वे गरीब और निसहाय थे, इसलिए किसी तरह झोपड़ी बनाकर अपना जीवन बिता रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने नगर पंचायत की जमीन का हवाला देते हुए उनके घरों को तोड़कर उन्हें बेघर कर दिया। लोगों का दुख इस बात पर है कि फरवरी महीने में ही अतिक्रमण हटाया गया था, परंतु आज तक न तो यहां कोई नया भवन बनाया गया और न ही जिस उद्देश्य से उनके घरों को तोड़ा गया था, वह पूरा किया गया है। ऐसी स्थिति में वे अब तक वहां रहते तो क्या परेशानी थी, इसी बात का उन्हें गहरा दुख है। बताया गया है कि विगत कई वर्षों से दर्जनों गरीब परिवार अपनी झोपड़ी बनाकर यहां रह रहे थे, जिसे स्थानीय प्रशासन ने पुलिस बल के साथ अतिक्रमण मुक्त करवाया था, और वह जगह आज तक वीरान पड़ी है।1
- मधुबनी जिले के रैयाम में स्थित शांति गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राहकों का आरोप था कि एजेंसी बिना गैस सिलेंडर की वास्तविक डिलीवरी किए ही उनके मोबाइल फोन पर डिलीवरी के मैसेज भेज रही थी। इस हंगामे के दौरान, एजेंसी पर उपभोक्ताओं के साथ हाथापाई करने, शटर बंद करने का प्रयास करने और कालाबाजारी में लिप्त होने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में, प्रदर्शनकारी उपभोक्ताओं ने इस पूरे मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।1
- Post by Nitish1
- आज दिनाँक 29/5/26 को बिहार ग्रामीण बैंक की रहटा शाखा ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत दो मृत्यु दावों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। पहला दावा रजनी जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्या स्वर्गीय अनिता देवी, पति नंदलाल पंडित, से संबंधित था। वहीं, दूसरा दावा कोसी जीविका स्वयं सहायता की सदस्या स्वर्गीय उमेश चौधरी, जिनकी पत्नी भारती देवी हैं, से जुड़ा था। PMJJBY योजना के तहत मृतक के आश्रित को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम में बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अजित कुमार झा ने उपस्थित जीविका दीदियों को बीमा के महत्व के बारे में जानकारी दी। जीविका के BPM मनोज कुमार ने बताया कि जीविका अपने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी शतप्रतिशत दीदियों को बीमा करवाने हेतु प्रेरित करती है। उन्होंने बीमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समझाया कि जीविका से जुड़कर महिलाएं विभिन्न प्रकार की जीविकोपार्जन गतिविधियों से अपनी आमदनी बढ़ाती हैं, और यदि किसी कारणवश उनकी अकाल मृत्यु हो जाती है, तो बीमा मृतक के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें पुनः गरीबी के दुष्चक्र में जाने से बचाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में BGB RO सहरसा के FI हेड अच्युत आनंद, शाखा प्रबंधक आनंद कुमार, कैशियर अभिजीत कुमार और ऑफिसर निखिल कुमार उपस्थित रहे। जीविका की ओर से किरण CLF की अध्यक्ष रंजू देवी और कोषाध्यक्ष रीता देवी के साथ-साथ बैंक मित्र सहाना खातून भी मौजूद थीं। लाभार्थियों के समूहों से संबंधित जीविका कैडर संदीप कुमार, अखिलेश कुमार, परबेज आलम और हदीस आलम ने भी उपस्थित होकर कार्यक्रम के संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- सहरसा सदर थाना में डीआईजी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से लंबित पड़े मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया। इसके साथ ही, डीआईजी ने क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- कनाडिया थाना और गवैया के बीच एक सड़क की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ सुबह से लेकर लगभग 10 बजे तक बड़ी संख्या में बाइकें गुजरती हैं। हालांकि सड़क की स्थिति पूरी तरह से जर्जर नहीं बताई गई है, लेकिन जिस खास जगह पर यह खराब है, वहां यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। इस खराब सड़क के कारण बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों को जिनकी बाइक की हेडलाइट अच्छी नहीं होती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बेलवारा पंचायत के निवासी अखिलेश कुमार ने इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि सड़क को तुरंत ठीक किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में जवाबदेह इंजीनियरों पर कार्रवाई करने और उन पर दबाव डालने की भी मांग की है, जो सड़क की मरम्मत की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।1
- मोकामा के विधायक अनंत सिंह जी के नेतृत्व में, मुंगेर के सांसद ललन सिंह जी की 'विकास रैली' में शामिल होने के लिए NH 80 से लोग जा रहे हैं। यह नजारा NH 80 पर देखने को मिला, जहाँ लोग रैली की ओर बढ़ते दिखे।1
- झंझारपुर अनुमंडल में पिछले कुछ दिनों से घरेलू विवाद अब सड़क पर कुश्ती का रूप ले रहे हैं। इसी क्रम में अररिया से नवानी तक मामूली कहासुनी एक बड़े सार्वजनिक दंगल में बदल गई। इस दौरान, झंझारपुर के अररिया से नवानी तक सड़क के बीचो-बीच कहीं हाथापाई हुई तो कहीं पत्थरबाजी की घटनाएँ भी देखने को मिलीं।2