नवापारा राजिम के श्री राधा कृष्ण मंदिर प्रांगण में श्री पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर 24 घंटे का संगीतमय श्री अखंड रामायण पाठ आयोजित किया गया। श्री रामचरितमानस मंडली रायपुर और वन बंधु परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जो भक्तिमय वातावरण में पूरी तरह सम्मोहित हो गए। श्री राधा कृष्ण ट्रस्ट कमेटी के सर्वकार मोहन अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष मंदिर ने अपने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जिसने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। पाठ के दौरान भक्तों के लिए सुबह नाश्ता, भोजन और प्रसादी की लगातार व्यवस्था की गई थी। यह भव्य कार्यक्रम दिनांक 31/05/2026 को हवन और पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हुआ, जिसके पश्चात रामचरितमानस की आरती और हनुमान जी की आरती की गई। इस पावन अवसर पर मोहन अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, प्रणय अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, नयन अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, संदीप गोयल और गोविंद लाल सहित अन्य सभी भक्तजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ उपस्थित थे। इस आयोजन से भक्तजन अत्यंत प्रसन्न हुए और मंदिर की 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पर गर्व का अनुभव किया। कार्यक्रम की भव्यता ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और श्रद्धा के उत्साह को नए आयाम प्रदान किए।
नवापारा राजिम के श्री राधा कृष्ण मंदिर प्रांगण में श्री पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर 24 घंटे का संगीतमय श्री अखंड रामायण पाठ आयोजित किया गया। श्री रामचरितमानस मंडली रायपुर और वन बंधु परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जो भक्तिमय वातावरण में पूरी तरह सम्मोहित हो गए। श्री राधा कृष्ण ट्रस्ट कमेटी के सर्वकार मोहन अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष मंदिर ने अपने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जिसने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। पाठ के दौरान भक्तों के लिए सुबह नाश्ता, भोजन और प्रसादी की लगातार व्यवस्था की गई थी। यह भव्य कार्यक्रम दिनांक 31/05/2026 को हवन और पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हुआ, जिसके पश्चात रामचरितमानस की आरती और हनुमान जी की आरती की गई। इस पावन अवसर पर मोहन अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, प्रणय अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, नयन अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, संदीप गोयल और गोविंद लाल सहित अन्य सभी भक्तजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ उपस्थित थे। इस आयोजन से भक्तजन अत्यंत प्रसन्न हुए और मंदिर की 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पर गर्व का अनुभव किया। कार्यक्रम की भव्यता ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और श्रद्धा के उत्साह को नए आयाम प्रदान किए।
- यह जानकारी दी गई है कि लोग अपनी टिकटें अभी बुक कर सकते हैं।1
- राजधानी रायपुर के वृन्दावन सभागृह में प्रदेश की अग्रणी सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच ने आज एक भव्य "काव्य महाकुंभ" का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश भर से चयनित 151 रचनाकारों को उनकी सृजनशीलता, रचनाधर्मिता, मूल्य चेतना एवं नैतिक मूल्यों हेतु "शब्द शिखर सम्मान" से विभूषित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के शब्दों को उद्धृत करते हुए अतिथियों ने जोर देकर कहा कि साहित्य राजनीति के आगे चलनेवाली मशाल है। वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने बताया कि रायपुर, बस्तर, धमतरी, महासमुंद, जगदलपुर, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, बालोद, रायगढ़, बिलासपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दल्ली राजहरा और बेमेतरा से उपस्थित 151 रचनाकारों ने काव्य पाठ किया और सम्मान प्राप्त किया। आयोजन के मुख्य अतिथि चिकित्सक व साहित्यकार डॉ. गीतेश अमरोहित थे, जबकि डॉ. संयुक्ता गांधी ने अध्यक्षता की। छ.ग. सन्निर्माण मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी व पंडित पी.के. तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार सीमा पांडेय, लोकभवन में उपसचिव डॉ. रूपेंद्र कवि तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजीत मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में जांजगीर चांपा के लेखक उमेश कुमार श्रीवास की दो पुस्तकों— "पांच आगर एक कोरी" तथा "काव्य प्रत्यूषा"— और रायपुर के डॉ. लुनेश कुमार वर्मा की पुस्तक "माँ की रोटी" का विमोचन भी हुआ। वक्ता मंच विगत 34 वर्षों से निरंतर कलमकारों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित करता आ रहा है, जिसमें नवोदित व प्रतिष्ठित दोनों धाराओं के रचनाकारों को मंच मिलता है। अतिथियों ने इस बात पर बल दिया कि साहित्यकारों को वर्तमान परिवेश की चुनौतियों का सामना करने के लिए रचनात्मक हस्तक्षेप करना होगा, क्योंकि साहित्यकार युग चेतना का वाहक होता है। साहित्य मानव जीवन की पीड़ाओं, संवेदनाओं और संघर्षों का एक जीवंत दस्तावेज है, जो जनमानस को संघर्षों की प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान करता है। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के संयोजक शुभम साहू द्वारा किया गया, जबकि काव्य गोष्ठी के सत्र का संचालन भिलाई के साहित्यकार राजाराम रसिक ने किया। संस्था की संरक्षिका ज्योति शुक्ला के आभार प्रदर्शन के साथ आयोजन समाप्त हुआ। इस अवसर पर राजेश पराते, शुभम साहू, विवेक बेहरा, ज्योति शुक्ला, दुष्यंत साहू, परम कुमार, पूर्णेश डडसेना, करण बघेल, आशा साहू, डॉ. गोपा शर्मा, डॉ. इंद्रदेव यदु, पंडित खेमेश्वर पुरी गोस्वामी, राजाराम रसिक, देव मानिकपुरी, तुकाराम कंसारी, डॉ. रमेश सोनसायटी, कोमल सिंह साहू सहित टीम वक्ता मंच के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे।4
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक गुमशुदा युवक से जुड़ी सनसनीखेज हत्याकांड को महज 72 घंटों के भीतर सुलझाने का दावा किया है। यह मामला 28 मई को तब शुरू हुआ, जब बैहरसारी गांव के कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए। उनकी गुमशुदगी के ठीक अगले दिन, पांडातराई के सोंढा गांव में एक बोरी के भीतर कोमल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर शक की सुई एक महिला मंदाकिनी वर्मा की ओर घूमी। हिरासत में लिए जाने पर मंदाकिनी वर्मा ने चौंकाने वाला सच उजागर किया। महिला का आरोप है कि कोमल उसे अश्लील वीडियो दिखाकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। घटना की रात जब ब्लैकमेलिंग का दबाव बहुत बढ़ गया, तो महिला ने कोमल को अपने घर बुलाया और लोहे के पाने से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद, महिला ने अपने पति के साथ मिलकर कोमल को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने महिला के भाई की मदद ली। भाई ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर शव को दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया था। हालांकि, कबीरधाम पुलिस की गहन जांच के आगे यह शातिर चाल नाकाम रही। इस मामले में अब पति, पत्नी और भाई तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक अंत सामने आया है।1
- पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रही इंदौर की जनता अब सड़कों पर उतर आई है, जहाँ वे 'पानी दो, पानी दो' के नारे लगाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों को पानी नहीं मिलने के कारण वे इसके लिए तरस रहे हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। शहरवासी इस बात को लेकर बेहद परेशान हैं कि उन्हें आखिर पानी क्यों नहीं मिल रहा है और वे इसके 'असल कारण' जानना चाहते हैं। पानी की कमी के कारण जनता में भारी असंतोष है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।1
- नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर आदिवासियों और किसानों भाइयों की ज़मीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि मोदी सरकार आदिवासियों और किसानों की ज़मीन हड़पकर उसे एंटनी को एक सीमेंट फैक्ट्री लगाने के लिए देने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई को नरेंद्र मोदी का सबूत बताया गया है, जो आदिवासियों और किसानों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की योजना बना रहे हैं।1