समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एसआईटी जांच पर तीखा तंज कसा है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपनी पोस्ट में सरकार और जांच एजेंसियों पर सीधा निशाना साधा है। अपने बयान में अखिलेश यादव ने आशंका जताई है कि "SIT ध्यान रखे... कहीं जांच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। फिर कहेंगे 15 दिन और इंतजार कर लो।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि "दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं।" सपा प्रमुख के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के समर्थक इसे सरकार पर सीधा हमला और जांच प्रक्रिया में हो रही देरी पर उठाया गया एक महत्वपूर्ण सवाल बता रहे हैं। वहीं, विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला बयान करार दिया है। फिलहाल, इस मामले पर संबंधित जांच एजेंसी या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि एसआईटी जांच और उसकी रिपोर्ट को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और अधिक तेज हो सकती है। प्रदेश की राजनीति में इसके संभावित असर को देखते हुए, सभी की निगाहें अब एसआईटी की रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एसआईटी जांच पर तीखा तंज कसा है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपनी पोस्ट में सरकार और जांच एजेंसियों पर सीधा निशाना साधा है। अपने बयान में अखिलेश यादव ने आशंका जताई है कि "SIT ध्यान रखे... कहीं जांच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। फिर कहेंगे 15 दिन और इंतजार कर लो।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि "दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं।" सपा प्रमुख के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के समर्थक इसे सरकार पर सीधा हमला और जांच प्रक्रिया में हो रही देरी पर उठाया गया एक महत्वपूर्ण सवाल बता रहे हैं। वहीं, विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला बयान करार दिया है। फिलहाल, इस मामले पर संबंधित जांच एजेंसी या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि एसआईटी जांच और उसकी रिपोर्ट को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और अधिक तेज हो सकती है। प्रदेश की राजनीति में इसके संभावित असर को देखते हुए, सभी की निगाहें अब एसआईटी की रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।
- प्रयागराज में 6 मोहर्रम के अवसर पर एक विशेष मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। यह मजलिस विशेष रूप से 72 शहीदों की स्मृति में सजी थी, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपनी गहरी आस्था का प्रदर्शन किया।1
- सुलतानपुर शहर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में बिल भुगतान को लेकर चार युवकों और होटल संचालकों के बीच हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। इस घटना में धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे और राजन नामक तीन युवक घायल हो गए, जिनके सिर में चोटें आई हैं। तीनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल मालिक हर्षित पोपटानी और पूरन पोपटानी को हिरासत में ले लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने घायलों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सीओ सिटी सौरभ सामंत ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य है, और मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएँगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रयागराज के प्रसिद्ध श्री बड़े हनुमान जी महाराज मंदिर में पिछले दो साल से चल रहा कॉरिडोर निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि मुख्य मंदिर के चारों ओर नए गर्भगृह का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। इस निर्माण कार्य के चलते भक्तों की दर्शन व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसके लिए उनकी सुविधा हेतु टीन शेड का एक अस्थायी मार्ग बनाया गया है। मंदिर के महंत ने एक वीडियो संदेश जारी कर भक्तों से विशेष अपील की है कि वे दर्शन करने के बाद सीधे बाहर निकलें और निर्माण स्थल पर अनावश्यक रूप से इधर-उधर न जाएँ। उन्होंने सभी सनातन धर्मी भक्तों से भी सहयोग की मांग करते हुए कहा है कि यदि कोई दर्शनार्थी भटक रहा हो, तो उसे सही रास्ता दिखाएँ। महंत ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर सबका है, इसलिए इसकी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। मंदिर प्रशासन का विश्वास है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भक्तों को पहले से कहीं बेहतर सुविधाएँ और एक भव्य दर्शन का अनुभव प्राप्त होगा।1
- प्रयागराज में पुलिस ने एक किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी मुशर्रफ को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि आरोपी मुशर्रफ ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग भी की थी।1
- पूरामुफ्ती थाने में पंजीकृत नाबालिग से दुष्कर्म के अभियोग से संबंधित एक वांछित अभियुक्त, मुशर्रफ पुत्र लाडे मियां, को पुलिस ने आज दिनांक 21.06.2026 को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वह नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में वांछित था।2
- उत्तर प्रदेश के मेजा में घटित ट्रिपल कांड के संबंध में स्वामी प्रसाद मौर्य के कार्यकर्ताओं का एक बयान सामने आया है। इस घटना को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- इंदौर शहर को झकझोर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक दम्पति के शव उनके घर में सड़ी-गली अवस्था में मिले हैं। जानकारी के अनुसार, उनका बेटा अमेरिका में रहता है और सालाना 90 लाख रुपये का पैकेज कमाता है। पिता की मृत्यु 30 दिन पहले और माता की मृत्यु 20 दिन पहले हुई थी, जिसके बाद उनके शव घर पर ही पड़े रहे और सड़ गए, यहाँ तक कि उनमें कीड़े भी पड़ गए। इस पूरी अवधि में बेटे को इसकी कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि उसने अपने माता-पिता का हाल-चाल पूछने के लिए फोन तक नहीं किया। यह घटना बच्चों की नौकरी, पढ़ाई और उनके द्वारा कमाए गए पैसों के मूल्य पर गंभीर सवाल उठाती है, सवाल करती है कि ऐसे पैसे किस काम के। इसे विदेश में काम करने वाले कुछ बच्चों में दिख रही 'बेशर्मी का जीता-जागता उदाहरण' बताया गया है, जो इस बात पर जोर देता है कि सिर्फ पैसा कमाना ही नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कार भी सिखाने चाहिए। इस घटना से 'इंदौर शहर हिल गया' है।1
- प्रयागराज पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी मुशर्रफ को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े जाने के डर से शातिर आरोपी मुशर्रफ ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की क्रॉस फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल अवस्था में आरोपी को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी मुशर्रफ के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य की टीम ने इस पूरी बहादुरी भरी कार्रवाई को अंजाम दिया, जबकि एसीपी अजेंद्र यादव के कुशल निर्देशन में पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को सफलतापूर्वक दबोचा।1