संत कबीर नगर में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मेहदावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आयोजित तीन दिवसीय आरोग्य मेले के समापन अवसर पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। यह आयोजन समेकित जन कल्याण एवं जन जागरूकता अभियान के तहत 14 जून से 16 जून 2026 तक चला, और इसी क्रम में जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहदावल का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों और दवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ मरीजों को दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस आरोग्य मेले को पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के अंतर्समन्वय से सफल बनाया गया। स्वास्थ्य शिविर में लगभग 350 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया, जहाँ आवश्यकतानुसार रक्त जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जांच के दौरान मरीजों को आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं, और आरोग्य मेले में आयुष्मान कार्ड एवं एचपीवी वैक्सीन की सेवाएं भी प्रदान की गईं।
संत कबीर नगर में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मेहदावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आयोजित तीन दिवसीय आरोग्य मेले के समापन अवसर पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। यह आयोजन
समेकित जन कल्याण एवं जन जागरूकता अभियान के तहत 14 जून से 16 जून 2026 तक चला, और इसी क्रम में जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहदावल का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों और दवाओं की उपलब्धता के
साथ-साथ मरीजों को दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस आरोग्य मेले को पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के अंतर्समन्वय से सफल बनाया गया। स्वास्थ्य शिविर में लगभग 350 मरीजों के स्वास्थ्य
का परीक्षण किया गया, जहाँ आवश्यकतानुसार रक्त जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जांच के दौरान मरीजों को आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं, और आरोग्य मेले में आयुष्मान कार्ड एवं एचपीवी वैक्सीन की सेवाएं भी प्रदान की गईं।
- लखनऊ में भारत और अफगानिस्तान के बीच बुधवार (17 जून) को खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग 11 और बैटिंग ऑर्डर में अहम बदलाव देखने को मिले। इस मैच में रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग पार्टनर के तौर पर यशस्वी जायसवाल को मौका दिया गया। यशस्वी जायसवाल की वनडे फॉर्मेट में वापसी हुई, जिन्होंने भारतीय टीम के लिए अपना पिछला वनडे 6 दिसंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम में खेला था, जहाँ उन्होंने नाबाद 116 रन बनाए थे। हालांकि, लखनऊ के इस मुकाबले में जायसवाल कुछ खास कमाल नहीं कर सके और मोहम्मद सलीम साफी की गेंद पर नांगेयालिया खारोटी को कैच थमाकर 9 गेंदों पर सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। खास बात यह रही कि शुभमन गिल ने धर्मशाला वनडे में बतौर ओपनर 84 रनों की नाबाद पारी खेली थी, इसके बावजूद उन्होंने लखनऊ में अपने बैटिंग ऑर्डर (ओपनर) की 'कुर्बानी' देते हुए यशस्वी जायसवाल को मौका दिया। कप्तान गिल इस मैच में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, जो 14 वनडे पारियों के बाद उनका यह स्थान था। वह इससे पहले 6 फरवरी 2025 को नागपुर में आखिरी बार नंबर 3 पर खेले थे। यह बदलाव भारतीय टीम की बैटिंग लाइनअप में दिख रही फ्लेक्सिबिलिटी को दर्शाता है। लखनऊ ODI में भारत की प्लेइंग इलेवन में यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव शामिल थे। वहीं, अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन में रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटी, एएम गजनफर, मोहम्मद सलीम साफी और बिलाल सामी शामिल थे।2
- गोरखपुर में कबाड़ बीनने वाले एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसे पुलिस ने लगभग तीन घंटे तक नंगा करके बुरी तरह पीटा। यह घटना तब हुई जब व्यक्ति मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के वार्ड नंबर चार की तरफ डिस्पोज्ड बोतलें और कबाड़ उठाने गया था। वहां के गार्ड ने उसे पकड़कर स्थानीय पुलिस चौकी को सौंप दिया। पीड़ित के अनुसार, पुलिस ने उस पर मोबाइल चोरी और अन्य मामलों में दबाव डाला, और उसकी एक भी नहीं सुनी। उसने बताया कि वह निर्दोष है, फिर भी पुलिस ने मनमानी तरीके से उसके साथ मारपीट की, जिससे वह लहूलुहान हो गया। इस मामले को लेकर पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय गोरखपुर में लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक हुक्का बार और कैफे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक युवती ने कैब खान नामक व्यक्ति पर दुष्कर्म और ब्लैकमेल का गंभीर आरोप लगाया है। इन आरोपों के संबंध में युवती ने कोतवाली में लिखित तहरीर दी है।1
- गोरखपुर में एक खेत की मेड़ पर खून बिछ गया, जिससे इंसानियत शर्मसार हो गई। यह घटना जमीन को लेकर हुए विवाद के कारण सामने आई, जहाँ डंडों का इस्तेमाल कर रिश्तों पर भी वार किया गया। इस पूरी घटना से एक गंभीर सवाल उठता है कि जमीन पर हक का फैसला अदालतों द्वारा किया जाएगा या फिर हथियारों के बल पर।1
- गोरखपुर में अभिषेक वर्मा की बरामदगी से जुड़े मामले को लेकर एक विशाल धरना आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना की गहन जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) गठित करने की मांग की है।1
- गोरखपुर के भौवापार स्थित बाबा मुंजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थापित बाबा नीम करोली मंदिर में उनके स्थापना दिवस के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान प्रसिद्ध भजन गायक बबलू शुक्ला और उनकी टीम ने सुमधुर स्वर में श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड का भावपूर्ण पाठ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे और भगवान श्रीराम तथा हनुमान जी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। सुंदरकांड पाठ के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। यह कार्यक्रम उपजिलाधिकारी बांसगांव प्रदीप कुमार सिंह के निर्देशन और द इंडिया न्यूज़ के संपादक पंचानन पांडे के संरक्षण एवं देखरेख में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी बांसगांव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि बाबा नीम करोली महाराज का जीवन मानव सेवा, परोपकार और आध्यात्मिक साधना का अनुपम उदाहरण है, और उनके दिखाए प्रेम, सेवा तथा भक्ति के मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सुंदरकांड का पाठ और ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों में आध्यात्मिक चेतना जगाने के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. त्र्यंबक पांडे और डॉ. अंजली पांडे ने बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा ने सेवा, प्रेम और मानव कल्याण का जो मार्ग दिखाया, वह आज भी समाज को प्रेरित कर रहा है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिला प्रभारी दुर्गेश मिश्र ने बाबा की शिक्षाओं को मानवता, करुणा और निस्वार्थ सेवा का संदेश बताया, जबकि परिषद के मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी ने ऐसे आयोजनों को आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला बताया। कार्यक्रम में वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. त्र्यंबक पांडे, डॉ. अंजली पांडे, राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिला प्रभारी दुर्गेश मिश्र, मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी सहित कई पत्रकार, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने बाबा मुंजेश्वर नाथ और बाबा नीम करोली महाराज का विधिवत दर्शन-पूजन एवं आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। अंत में, आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प जताया।4
- गोरखपुर में राप्ती नदी में नहाने के दौरान दो बालक डूब गए हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान एक बालक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। घटना की सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। यह घटना गोरखपुर के लिए कोई नई बात नहीं है, क्योंकि बच्चों के डूबने की ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन विभिन्न स्थानों पर ऐसी घटनाओं से निपटने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत राजघाट पर आपदा मित्र तैनात किए गए हैं। हालांकि, अन्य क्षेत्रों में इस प्रकार के आपदा मित्र तैनात नहीं हैं, जिससे कहीं न कहीं बच्चों के डूबने की घटनाएं लगातार होती रहती हैं।1
- सरकार की कल्याणकारी योजनाएं तभी महत्वपूर्ण हो सकती हैं जब उन्हें वास्तविक रूप में आम जनता तक पहुँचाया जाए। इसी उद्देश्य के साथ, इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी ने लोगों को जागरूक करने, उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और रोगों से मुक्ति दिलाने के लक्ष्य से एक पहल की है। सोसाइटी ने गोरखपुर के छोटे काजीपुर मोहल्ले में एक शिविर का आयोजन किया, जहाँ सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड योजना के तहत प्रदान की जाने वाली ₹5 लाख की आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। इस शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को आयुष्मान कार्ड के लिए पंजीकृत भी किया गया। इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी का यह प्रयास आयुष्मान कार्ड योजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए बेहद सराहनीय है।1