बिहार के औरंगाबाद में प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन द्वारा 106 छात्र-छात्राओं के स्केच और फोटो जारी किए जाने पर सांसद अभय कुशवाहा ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस कार्रवाई को अत्यंत निंदनीय बताते हुए सवाल उठाया कि जब देशव्यापी आंदोलन की मांगें मान ली गई हैं और एफआईआर वापस लेने के स्पष्ट निर्देश हैं, तो फिर प्रशासन यह कार्रवाई क्यों कर रहा है। औरंगाबाद सांसद अभय कुशवाहा ने जिला प्रशासन (डीएम और एसपी) से विनम्र आग्रह किया है कि छात्रों पर दर्ज एफआईआर और जारी की गई तस्वीरें अविलंब वापस ली जाएं ताकि उनका मनोबल न टूटे। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं में सरकार की शिक्षा नीति के प्रति पहले से ही भारी रोष है, इसलिए प्रशासन इसे और न भड़काए। उन्होंने कहा कि आदरणीय श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी और पूरा विपक्ष छात्रों के भविष्य व उनके अधिकारों के लिए उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन सबका अधिकार है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिहार के औरंगाबाद में प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन द्वारा 106 छात्र-छात्राओं के स्केच और फोटो जारी किए जाने पर सांसद अभय कुशवाहा ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस कार्रवाई को अत्यंत निंदनीय बताते हुए सवाल उठाया कि जब देशव्यापी आंदोलन की मांगें मान ली गई हैं और एफआईआर वापस लेने के स्पष्ट निर्देश हैं, तो फिर प्रशासन यह कार्रवाई क्यों कर रहा है। औरंगाबाद सांसद अभय कुशवाहा ने जिला प्रशासन (डीएम और एसपी) से विनम्र आग्रह किया है कि छात्रों पर दर्ज एफआईआर और जारी की गई तस्वीरें अविलंब वापस ली जाएं ताकि उनका मनोबल न टूटे। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं में सरकार की शिक्षा नीति के प्रति पहले से ही भारी रोष है, इसलिए प्रशासन इसे और न भड़काए। उन्होंने कहा कि आदरणीय श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी और पूरा विपक्ष छात्रों के भविष्य व उनके अधिकारों के लिए उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन सबका अधिकार है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- बिहार के औरंगाबाद स्थित रमेश चौक पर शुक्रवार को NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। संभावित प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही इलाके में पुलिस बल तैनात था और थानाध्यक्ष के नेतृत्व में लगातार गश्त व बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच की जा रही थी। पूर्वाह्न 11:30 बजे तक स्थिति पूरी तरह शांत थी, लेकिन दोपहर 12 बजते ही बड़ी संख्या में छात्रों ने पहुंचकर चौक की एक लेन को जाम कर दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने NEET पेपर लीक मामले, दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान की गई दंडात्मक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। कुछ ही देर में माहौल अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया और उग्र छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़कर सड़क पर फेंक दिए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चौक पर पड़े नारियल के टुकड़े और अन्य सामान उठाकर पुलिस पर फेंकना शुरू कर दिया, जिसके जवाब में स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को अश्रुगैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। छात्रों द्वारा किए गए इस पथराव में हवलदार मो. मतलूब अली, दैनिक जागरण के पत्रकार मनीष तिवारी और मो. रिजवान नामक एक युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही 112 की टीम, औरंगाबाद के एसडीएम गौरव सिंह और अन्य वरीय अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। तीनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें छुट्टी दे दी। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।1
- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित डाहा पंचायत के बिहिया टोला सरहचिया (पहाड़ी टोला) में निर्माणाधीन पीसीसी सड़क को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव की मुख्य सड़क से लखन मिस्त्री के घर तक बनाई जा रही इस सड़क के निर्माण में बाधा डालने और वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण की कोशिश का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उपायुक्त चतरा को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में गांव के ही सचितानंद यादव (पिता- वासुदेव यादव) पर आरोप लगाया गया है कि वे जानबूझकर सड़क निर्माण कार्य में रुकावट पैदा कर रहे हैं, काम बंद करा रहे हैं और रास्ता रोकने की धमकी दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते पर पीसीसी सड़क बन रही है, उसका उपयोग गांव के लोग कई पीढ़ियों से आने-जाने के लिए करते आ रहे हैं। इस रास्ते पर अतिक्रमण के प्रयास से पूरे गांव में आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले हंटरगंज अंचल कार्यालय में भी शिकायत की गई थी, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग करनी पड़ी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में उत्पन्न बाधा को तुरंत हटाया जाए और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई कर विकास कार्य को बिना रुकावट पूरा कराया जाए। वहीं, दूसरे पक्ष ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।1
- चतरा जिले के हंटरगंज स्थित ग्राम पंचायत तिलहेत के वार्ड संख्या 6 में 30 से 35 हरिजन परिवार पिछले 15 सालों से बदहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्य सड़क से महज 500 मीटर की दूरी होने के बावजूद इस गली में आज तक एंबुलेंस, टेंपो या मोटरसाइकिल तक नहीं पहुंच पाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह गली कीचड़ से भर जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। अगर किसी महिला की डिलीवरी हो तो उसे गोद में उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके अलावा, किसी की मृत्यु हो जाने पर शमशान घाट जाने के लिए लोगों को खेतों के बीच से गुजरना पड़ता है, वहीं रात के समय बीमार होने पर डॉक्टर भी गांव में नहीं आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायती राज के 14-15 सालों में मुखिया से लेकर सांसद तक चुनाव के समय वादा करते हैं कि जीतने के बाद पहली गली यही बनेगी। पिछले साल 2024 में जिला परिषद अध्यक्ष ने भी सड़क को जल्द बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।1
- बिहार में चल रहे छात्र विरोधी दमन के खिलाफ नेहा कल पटना आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जब तक साथियों की रिहाई नहीं हो जाती, तब तक यह जीत अधूरी है। सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए नेहा ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा छात्रों को दिया गया आश्वासन पूरी तरह झूठ है। इसी दमनकारी नीति के विरोध में उन्होंने कल पटना पहुँचने का ऐलान किया है।1
- बीजेपी की छात्रों के प्रति सोच बेहद घटिया है। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें अलग-अलग प्रकार से धमकियां देने की योजना बनाई जा रही है।1
- औरंगाबाद के नबीनगर थाना पुलिस ने नबीनगर रेलवे स्टेशन के पास गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। इस दौरान पुलिस टीम ने मौके से कुल 33.45 लीटर अंग्रेजी एवं देसी शराब बरामद कर जब्त कर ली। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि शनिवार को मिली गुप्त सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लिया। बरामद शराब को जब्त कर मामले में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि यह शराब किसकी थी और इसे कहाँ ले जाया जा रहा था। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- भारत की स्वर्णिम बेटी मीराबाई चानू ने विश्व स्तर पर लगातार तीसरी बार देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश की आंखें गर्व, खुशी और भावुकता के आंसुओं से नम कर दी हैं। पदक पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान की धुन पर तिरंगा सबसे ऊंचा लहराते देखना हर देशवासी के लिए बेहद गौरवशाली क्षण बन गया है। जिला, मंडल और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हजारों प्रतिभाएं वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद पदक से चूक जाती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार तीन बार गोल्ड मैडल जीतना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि अटूट विश्वास, तपस्या, त्याग और अनुशासन की मिसाल है। इन आंसुओं के पीछे अनगिनत सुबहों की मेहनत, अनगिनत दर्द, ठोकरें और हर बार फिर से उठ खड़े होने का साहस छिपा है। जब तिरंगा सबसे ऊंचा लहराता है, तो यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की जीत होती है। मीराबाई चानू जैसी बेटियां हमें याद दिलाती हैं कि सपने तब सच होते हैं, जब उनके पीछे पूरा जीवन लगा दिया जाए। ऐसे चैंपियनों की सफलता पर केवल तालियां ही नहीं, बल्कि सम्मान भी उतना ही गूंजना चाहिए, क्योंकि यह पदक यूं ही नहीं मिलते, इनके पीछे किसी का पूरा जीवन खपा होता है। देश को मीराबाई चानू की इस स्वर्णिम सफलता पर गर्व है।1
- बड़ा मलहरा में हिन्दू धर्म, RSS और बजरंग दल के विरुद्ध की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से इस मामले में संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।1
- बिहार के औरंगाबाद मंडल कारा में पिछले 15 वर्षों से नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामले में बंद 50 वर्षीय बंदी मृत्युंजय मिश्रा की शनिवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। वह जिले के रफीगंज प्रखंड अंतर्गत पौथू थाना क्षेत्र स्थित मिसिर बिगहा गांव के रहने वाले थे। परिजनों के अनुसार, शनिवार शाम अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। इसके तुरंत बाद जेल प्रशासन ने उन्हें औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मगध मेडिकल अस्पताल, गया रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद रविवार रात पैतृक गांव में उनका दाह संस्कार किया गया। घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं पुलिस और जेल प्रशासन आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।1