आज से रमजान का आगाज़, गुरुवार को पहला रोज़ा ठाकुरद्वारा, संवाददाता। पवित्र रमजान माह का आगाज़ गुरुवार से हो रहा है। पहले रोज़े को लेकर मुस्लिम समुदाय में खास उत्साह देखा जा रहा है। मस्जिदों में इबादत और तरावीह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तहसील इमाम कारी अब्दुल मुईद ने बताया कि पवित्र कुरआन के तीसवें पारे की सूरह काफ़िरून की आख़िरी आयत में उल्लेख है—“तुम तुम्हारे दीन पर रहो और मैं मेरे दीन पर रहूं।” उन्होंने कहा कि इस्लाम मज़हब एक अल्लाह को मानने और हज़रत मोहम्मद को अल्लाह का रसूल स्वीकार करने की शिक्षा देता है। रोज़ा मुसलमानों पर फ़र्ज़ है, जो अल्लाह की इबादत का एक खास तरीक़ा और सलीक़ा है। उन्होंने बताया कि रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि सब्र, पाकीज़गी और नेक नीयत का नाम है। रोज़ेदार को चाहिए कि वह बुराई, झूठ और फरेब से बचे। दान करना रोज़ेदार के लिए एक मजबूत पुल की तरह है, जो उसे अल्लाह की रहमत के करीब ले जाता है। इमाम ने कहा कि पाकीज़ा रोज़ा दुआओं की कुबूलियत का ज़रिया बनता है। इसी वजह से रमजान को सबसे मुकद्दस और खास महीना माना गया है, जो इंसान को बुराइयों से दूर कर नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
आज से रमजान का आगाज़, गुरुवार को पहला रोज़ा ठाकुरद्वारा, संवाददाता। पवित्र रमजान माह का आगाज़ गुरुवार से हो रहा है। पहले रोज़े को लेकर मुस्लिम समुदाय में खास उत्साह देखा जा रहा है। मस्जिदों में इबादत और तरावीह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तहसील इमाम कारी अब्दुल मुईद ने बताया कि पवित्र कुरआन के तीसवें पारे की सूरह काफ़िरून की आख़िरी आयत में उल्लेख है—“तुम तुम्हारे दीन पर रहो और मैं मेरे दीन पर रहूं।” उन्होंने कहा कि इस्लाम मज़हब एक अल्लाह को मानने और हज़रत मोहम्मद को अल्लाह का रसूल स्वीकार करने की शिक्षा देता है। रोज़ा मुसलमानों पर फ़र्ज़ है, जो अल्लाह की इबादत का एक खास तरीक़ा और सलीक़ा है। उन्होंने बताया कि रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि सब्र, पाकीज़गी और नेक नीयत का नाम है। रोज़ेदार को चाहिए कि वह बुराई, झूठ और फरेब से बचे। दान करना रोज़ेदार के लिए एक मजबूत पुल की तरह है, जो उसे अल्लाह की रहमत के करीब ले जाता है। इमाम ने कहा कि पाकीज़ा रोज़ा दुआओं की कुबूलियत का ज़रिया बनता है। इसी वजह से रमजान को सबसे मुकद्दस और खास महीना माना गया है, जो इंसान को बुराइयों से दूर कर नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
- धामपुर शुगर मिल में बसंतकालीन गन्ना बुवाई 2026 का शुभारंभ धामपुर — रिपोर्ट: पंकज कुमार दक्ष बुधवार को धामपुर शुगर मिल के उपाध्यक्ष निष्काम गुप्ता ने किसानों के खेतों पर पहुंचकर बसंतकालीन गन्ना बुवाई 2026 का शुभारंभ किया। शुरुआत गांव नगला पीपला में किसान यशवंत सिंह के खेत पर गन्ना प्रजाति 0118 की ट्रेंच विधि से बुवाई कर की गई। इसके बाद ग्राम चकराजमल में दीपक कुमार (पुत्र रमेश सिंह) तथा ग्राम जमालपुर महीपत में कपिल चौधरी के खेत पर को-18231 एवं सीओएल-16202 प्रजातियों की बुवाई कराई गई। किसानों द्वारा बीज शोधन व उन्नत कृषि तकनीकों का भी प्रयोग किया गया। उपाध्यक्ष ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति व ट्रेंच विधि अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर गन्ना महाप्रबंधक ओमवीर सिंह, करुण अग्रवाल, मनोज चौहान, दिनेश राजपूत सहित विभागीय स्टाफ मौजूद रहा।2
- जिला बिजनोर थाना कोतवाली क्षेत्र मोहल्ला जाटान में हुआ दो पक्षो में विवाद। जानकारी के अनुसार किसी मुकदमे में नही किया जा रहा है फैसला। जिस बात पर हुआ विवाद।1
- गोंडा में रहस्यमय ढंग से लापता चार मासूम बच्चे सकुशल बरामद।1
- रामपुर, 19 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के स्वार थाना क्षेत्र के खौद कला गांव में रिश्तों की पोल खोलने वाली एक सनसनीखेज घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है। चचेरे मामा नसीम उर्फ भूरा ने अवैध संबंधों में रोड़ा बनने के कारण अपने 28 वर्षीय भांजे मोहम्मद आकिल की निर्मम हत्या कर दी। सोते हुए आकिल का गला रेत दिया गया और दरांती उसके सिर में घुस गई। पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद हो गया है। मंगलवार रात करीब 11:45 बजे हुई इस वारदात में आकिल अपने घर में अकेले सो रहा था। पड़ोसियों के अनुसार, आरोपी नसीम चुपके से घर में घुसा और लोहे की तेज धार वाली दरांती से आकिल के गले पर वार कर दिया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण जुटे, जिन्होंने नसीम को भागते हुए पकड़ लिया। शव की हालत इतनी भयावह थी कि दरांती उसके सिर में धंसी हुई मिली। आकिल के माता-पिता का कई साल पहले निधन हो चुका था, और वह अपनी बहन के ससुराल में रहने के कारण अकेला था। अवैध संबंधों का काला अध्याय प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नसीम की अपनी पत्नी ने तलाक लेकर उसे छोड़ दिया था। इसके बाद उसने आकिल की पत्नी शाइस्ता के साथ अवैध संबंध कायम कर लिए। शाइस्ता, जो आकिल से शादीशुदा थी, छह माह पहले नशे की लत और आकिल की आपराधिक गतिविधियों से तंग आकर तीन बच्चों समेत मायके चली गई थी। आकिल शाइस्ता को वापस लाने की कोशिश कर रहा था, जो नसीम के लिए बाधा बन गया। परिवार में लंबे समय से इस मुद्दे पर तनाव चल रहा था, और नसीम ने आखिरकार भांजे को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। पीड़ित का आपराधिक इतिहास जांच एजेंसियों के अनुसार, आकिल का खुद का आपराधिक बैकग्राउंड रहा है। उसके खिलाफ रामपुर के थाना टांडा के अलावा उत्तराखंड के रुद्रपुर और हल्द्वानी में चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका था और नशे का आदी था। शाइस्ता ने भी कई बार आकिल की इन आदतों के कारण उसे छोड़ने की कोशिश की थी। पुलिस कार्रवाई और जांच कोतवाली स्वार पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा भरने के बाद उसे रामपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। आरोपी नसीम से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक रामपुर अनुराग सिंह ने बताया कि हत्या पारिवारिक रंजिश के कारण हुई है, और पूरी घटना की गहन जांच चल रही है। मृतक के परिजन हल्द्वानी से रामपुर पहुंच रहे हैं।4
- जेल से छूटकर शाहजहांपुर पहुंचे फिल्म एक्टर राजपाल यादव, भतीजी की शादी में जमकर नाचे पत्नी के साथ Mashkoor Amrohvi JPN 7 NEWS 86304422011
- Post by Jpn7 News1
- जिन्हें देश में महंगाई लगती है1
- जिला बिजनोर क्षेत्र की ये घटना पुलिस अधिकारी की जुबानी1