साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से झारखंड में मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शुक्रवार से शुरू हुई बारिश ने बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को सुबह से ही तेज हवाएं चलने लगी थीं और आसमान में बादल छाए रहे, जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में बारिश शुरू हुई। शनिवार सुबह राजधानी रांची समेत कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया, जहाँ घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर में झमाझम बारिश होने लगी। इस बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे राज्य का मौसम सुहाना हो गया। बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मौसम विभाग के अनुसार बोकारो में लगभग 25 मिमी और रांची में करीब 15 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही, पिछले 24 घंटे में रांची का अधिकतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं, मेदिनीनगर में 6.5 डिग्री, जमशेदपुर में लगभग 4 डिग्री और चाईबासा में 3.4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की साँस ली। मौसम विभाग ने शनिवार को रांची समेत 13 जिलों के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। इसके अतिरिक्त, रविवार को पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसके दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 1 और 2 जून को राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल, मौसम के इस बदलाव से झारखंडवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहाना बने रहने की संभावना है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से झारखंड में मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शुक्रवार से शुरू हुई बारिश ने बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को सुबह से ही तेज हवाएं चलने लगी थीं और आसमान में बादल छाए रहे, जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में बारिश शुरू हुई। शनिवार सुबह राजधानी रांची समेत कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया, जहाँ घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर में झमाझम बारिश होने लगी। इस बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे राज्य का मौसम सुहाना हो गया। बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मौसम विभाग के अनुसार बोकारो में लगभग 25 मिमी और रांची में करीब 15 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही, पिछले 24 घंटे में रांची का अधिकतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं, मेदिनीनगर में 6.5 डिग्री, जमशेदपुर में लगभग 4 डिग्री और चाईबासा में 3.4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की साँस ली। मौसम विभाग ने शनिवार को रांची समेत 13 जिलों के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। इसके अतिरिक्त, रविवार को पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसके दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 1 और 2 जून को राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल, मौसम के इस बदलाव से झारखंडवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहाना बने रहने की संभावना है।
- चौपारण समाचार के मुताबिक, झारखंड राज्य में अगले 48 घंटे 'भारी' रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान, लोगों से अपने-अपने जिले का हाल जानने का आग्रह किया गया है।1
- रांची में संवेदक संघ ने भवन निर्माण विभाग प्रमंडल-2 से जुड़े NIT-11/2026-27 निविदा विवाद मामले को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने निविदा प्रक्रिया, विभागीय कार्यप्रणाली और हालिया घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। प्रेस वार्ता में संवेदक संघ ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। यह पूरा मामला रांची में निविदा से संबंधित विवाद पर केंद्रित है।1
- भारत को 'आदिवासी राष्ट्र' घोषित करने की एक सशक्त मांग उठाई गई है। इस मांग के पीछे तर्क दिया गया है कि आदिवासी समुदाय का अस्तित्व डायनासोर के समय से भी पहले का है, जो उनकी प्राचीनता और इस भूमि से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब समय आ गया है कि आदिवासियों को उनका उचित सम्मान मिले, और इसी क्रम में भारत को आदिवासी राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए।1
- बांग्लादेश में 'ट्रंप' नाम से मशहूर एक विशालकाय भैंसा इन दिनों राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बकरीद के अवसर पर इस भैंसे की कुर्बानी की तैयारी की खबरें सामने आने के बाद यह मामला तेजी से वायरल हो गया। अपनी असाधारण ऊंचाई, वजन और खास पहचान के कारण 'ट्रंप' भैंसे को देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहुँच रहे थे। इस भैंसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखे गए, जिसके बाद यह पूरे देश में बहस का विषय बन गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले ने इतना तूल पकड़ा कि प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ। इसके परिणामस्वरूप, अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और कथित तौर पर 'ट्रंप' भैंसे की कुर्बानी की प्रक्रिया को रोक दिया गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद लोगों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कुछ लोग इसे एक सांस्कृतिक और भावनात्मक मुद्दा मान रहे हैं, वहीं कई अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले को लेकर तीखी बहस में लगे हुए हैं। फिलहाल 'ट्रंप' भैंसा सुरक्षित बताया जा रहा है और यह पूरा मामला अभी भी क्षेत्र में गरमागरम चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- PLFI के स्टेट चीफ अमृत होरो को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।1
- शनिवार की सुबह बुढ़मू और उमेडंडा समेत आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बादलों के जमाव के साथ गरज-चमक हुई और जल्द ही हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। इस आकस्मिक मौसमी बदलाव से पूरे क्षेत्र में ठंडक फैल गई, जिससे लोगों ने घरों की खिड़कियों से बाहर निकलकर इस सुहावने मौसम का लुत्फ उठाया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह के समय आकाश में काले घने बादल दिखाई दिए और करीब आधे घंटे के भीतर बिजली चमकी व गर्जना गूंजी। इसके बाद कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी से लेकर मंद-मध्यम बारिश दर्ज की गई। बुढ़मू-उमेडंडा इलाके में शनिवार सुबह से ही मानसूनी मौसम की यह झलक देखने को मिली, जिसका लोगों ने भरपूर आनंद लिया।1
- राँची के रातू थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाटोली सिमलिया चौक निवासी भुवनेश्वर ठाकुर के बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए के सोना-चांदी के जेवरात, नकदी और तीन मोबाइल फोन की चोरी कर ली। यह घटना लगभग दस दिन पहले हुई बताई जा रही है, लेकिन परिवार के बाहर होने के कारण शुक्रवार को रातू थाना में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पीड़ित भुवनेश्वर ठाकुर ने बताया कि वे 10 मई को अपने पूरे परिवार के साथ हजारीबाग स्थित पैतृक गांव केरेडारी में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। उनकी अनुपस्थिति में, 14 मई की सुबह पड़ोसियों ने फोन कर उन्हें घर का ताला टूटा होने और सामान बिखरा पड़ा होने की सूचना दी। सूचना मिलने पर वे करीब 11 बजे घर पहुंचे और देखा कि आलमारी समेत घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। भुवनेश्वर ठाकुर के अनुसार, चोरों ने घर से लगभग आठ लाख रुपए मूल्य के जेवरात चुरा लिए। चोरी हुए सामान में 20 हजार रुपए नकद के साथ सोने की अंगूठी, चेन, नथिया, मंगलसूत्र, नाक बेसर, मांगटीका, चांदी की पायल, चांदी का बेरा और चांदी के सिक्के शामिल हैं। इसके अतिरिक्त तीन मोबाइल फोन भी चोरी हुए हैं। पीड़ित ने यह भी बताया कि घटना की जानकारी 14 मई को ही रातू थाना को दे दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर शुक्रवार को दोबारा आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।1