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Savdhan Rahen satk Rahe Maloom Nahin kis Roop Mein Chhupa hua apraadhi
Media Prabhari
Savdhan Rahen satk Rahe Maloom Nahin kis Roop Mein Chhupa hua apraadhi
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- बारात दुल्हन लेकर लौट रही थी तभी गुंडे पीछे पड़ गए ड्राइवर ने गुंडे से पीछा छुड़ाने का भरसक प्रयास किया लेकिन आख़िरकार गुंडे को पकड़ ही लिया. कानपुर देहात से बारात वापस औरैया अपने घर लौट रही थी, तभी बारात को बीच रास्ते में रोककर, बदमाशों ने दूल्हा और ड्राइवर के साथ मारपीट की और दुल्हन के जेवर लूटकर फरार हो गए.1
- हिंदुत्व रक्षक दक्ष चौधरी व अक्कू पण्डित को पुलिस ने महिला की शिकायत पर गिरफ़्तार किया था। महिला का आरोप था कि दक्ष चौधरी ने उनके साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार व मारपीट की थी, जिसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था, ख़ैर अब छूट गया। और नरसिंहानंद के मुताबिक पुलिस ने कथित तौर पर 20 मिनट तक कुर्तों की तरह पीटा। आप सोचिए, अगर पुलिस प्रशासन ऐसे की सख़्त हो जाए तो किसी भी महिला के साथ दुर्व्यवहार ना हो। वीडियो में सुनें और अपनी राय दें। kanpur nagar से makki tv कि report1
- कानपुर। फागुन के उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मंगलवार को शहर में ऐतिहासिक गंगा मेला पूरे जोश और परंपरा के साथ मनाया गया, रंगों, गुलाल और राष्ट्रभक्ति के माहौल में पूरा शहर उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। इस बार के मेले में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। वर्षों से मेले की पहचान रहे पारंपरिक भैंसा ठेलों की जगह इस बार सजे-धजे ट्रैक्टरों, ट्रॉलियों और ऊंटों का काफिला शामिल हुआ। करीब 6 ऊंट, 5 घोड़े और 8 ट्रैक्टरों पर सवार होरियारों की टोलियां जब सड़कों पर निकलीं तो शहर की गलियां रंगों से भर उठीं। सुबह रज्जन बाबू पार्क में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत हुई, राष्ट्रगान के बाद क्रांतिकारियों के शिलालेख पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, गंगा मेला की परंपरा 1942 के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी मानी जाती है, जब अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ तिरंगा फहराने पर गिरफ्तार किए गए 45 क्रांतिकारी जेल से रिहा होने के बाद विजय के प्रतीक के रूप में होली खेले थे.. गंगा मेला शहर की गंगा-जमुनी तहजीब की भी मिसाल है, जुलूस जब मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से गुजरा तो लोगों ने फूलों की वर्षा और गुलाल लगाकर होरियारों का स्वागत किया रंगों के इस उत्सव में विभिन्न समुदायों के लोग गले मिलते नजर आए, जिसने सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया... मुख्य जुलूस रज्जन बाबू पार्क से शुरू होकर सूत बाजार, जनरलगंज, मेस्टन रोड और सर्राफा बाजार से होता हुआ कोतवाली और बिरहाना रोड के रास्ते हटिया पहुंचा शाम के समय हटिया क्षेत्र में आयोजित बाल मेले में झूले, पकवानों के स्टॉल और आतिशबाजी ने उत्सव की रौनक और बढ़ा दी। इस दौरान विधायक अमिताभ बाजपेई और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, उन्होंने शहरवासियों को ऐतिहासिक गंगा मेले की शुभकामनाएं दीं और इस परंपरा को शहर की गौरवशाली विरासत बताया...??2
- 128/Yashoda Nagar Gangapur colony1
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