सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ जिला कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशों पर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल का सख्त अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में, रेत भंडारण से संबंधित एक शिकायत मिलने पर खनिज एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देवसर तहसील के चकुआर ग्राम में नदी पुल के पास स्थित शमशान घाट के समीप छापा मारा। इस छापामार कार्रवाई के दौरान, मौके से लगभग 160 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित लावारिस रेत पाई गई, जिसे टीम द्वारा तत्काल जब्त कर लिया गया। रेत नियमों के प्रावधानों के तहत, जब्त की गई इस पूरी रेत को आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने तक रेत ठेकेदार की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। खनिज विभाग द्वारा इस पूरे मामले में खनिज नियमों के अंतर्गत केस दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में माफियाओं और अवैध कारोबारियों के खिलाफ इस तरह का अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ जिला कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशों पर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल का सख्त अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में, रेत भंडारण से संबंधित एक शिकायत मिलने पर खनिज एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देवसर तहसील के चकुआर ग्राम में नदी पुल के पास स्थित शमशान घाट के समीप छापा मारा। इस छापामार कार्रवाई के दौरान, मौके से लगभग 160 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित लावारिस रेत पाई गई, जिसे टीम द्वारा तत्काल जब्त कर लिया गया। रेत नियमों के प्रावधानों के तहत, जब्त की गई इस पूरी रेत को आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने तक रेत ठेकेदार की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। खनिज विभाग द्वारा इस पूरे मामले में खनिज नियमों के अंतर्गत केस दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में माफियाओं और अवैध कारोबारियों के खिलाफ इस तरह का अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
- लहार क्षेत्र में रेत माफिया के आगे प्रशासन पूरी तरह बेबस नज़र आ रहा है, जहाँ रौंन थाना क्षेत्र के मेहरा खुर्द में रेत का अवैध उत्खनन जोरों पर है। बताया जा रहा है कि माफिया कहीं और के ठेके पर रेत निकालने की अनुमति होने के बावजूद कहीं और से रेत का अवैध रूप से उत्खनन कर रहे हैं। इस अवैध उत्खनन के चलते किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। एक किसान ने आरोप लगाया है कि रेत माफिया उनकी कृषि भूमि से खुदाई करके रेत निकाल रहे हैं, जिससे उनकी भूमि बर्बाद हो रही है। इस संबंध में लहार के एसडीएम से शिकायत भी की गई थी, लेकिन बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई है।1
- विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर इंदरगढ़ में एक सेवा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह जानकारी दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया द्वारा दी गई अपनी रिपोर्ट में दी गई है।1
- कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रामशेष बघेल ने अटेर चंबल पुल पर जन सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि इस पुल पर जन सुरक्षा से जुड़ा कोई भी हादसा होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार को दोषी ठहराया जाएगा और वही जिम्मेदार होगी।1
- भांडेर नगर में आवारा और मदमस्त जानवरों के आतंक से आमजन बुरी तरह परेशान हैं। ये जानवर, खासकर लंबे और नुकीले सींगों वाले सांड, राहगीरों पर हमला कर चुके हैं, जिससे कई लोग घायल हुए हैं और एक नागरिक की मौत भी हो चुकी है। इन गंभीर घटनाओं के बावजूद, प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में भारी रोष है। नगर के बाज़ारों, चौराहों और गलियों में दिनभर मदमस्त सांड घूमते रहते हैं, जो अचानक राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इस स्थिति के चलते दुकानदार और स्थानीय लोग दहशत में हैं, जबकि स्कूल जाने वाले बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे ज़्यादा भयभीत हैं। आए दिन किसी न किसी के घायल होने की ख़बरें सामने आती रहती हैं, जिससे नगर में डर का माहौल बना हुआ है। कुछ समय पहले ही सांड के हमले में एक वृद्ध की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, नगर परिषद और प्रशासन ने अब तक आवारा पशुओं को पकड़ने या स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है और न ही कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इन आवारा जानवरों पर लगाम नहीं कसी गई तो कोई और बड़ा हादसा हो सकता है। नगरवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनकी नींद नहीं टूटी तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस बीच, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता रामजीवन राय ने जानकारी दी है कि जल्द ही गौशाला के निर्माण हेतु शासन-प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। फ़िलहाल, भांडेर नगर में मदमस्त जानवरों का आतंक जारी है और आमजन डर के साये में जीने को मजबूर हैं।1
- उज्जैन में स्थानीय प्रतिभाओं को बड़े पर्दे तक पहुंचाने के लिए एक सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से, क्षेत्र की प्रतिभाओं को हीरो और हीरोइन बनने का अवसर मिलेगा। उन्हें यह भी जानकारी दी जा रही है कि फिल्मों में एक्शन किस प्रकार फिल्माए जाते हैं।1
- झांसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गाड़ी चालक अक्सर उनके ठीक सामने आकर खड़े हो जाते हैं, जिसके कारण यात्री आसानी से बाहर नहीं निकल पाते।1
- कोंच-उरई मार्ग पर एक अनियंत्रित हादसा हो गया। इस घटना में, बाइक पर सवार एक मां और उसका बेटा अचानक एक पेड़ की डाल की चपेट में आ गए।1