दिल्ली नगर निगम के केशवपुरम ज़ोन के डेम्स विभाग में उस समय अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब कर्मचारी नेता जे.पी. टांक ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विभाग का निरीक्षण किया। आरोप है कि दोपहर 2 बजे ही विभाग की अधिकांश कुर्सियां खाली मिलीं और अधिकारी अपनी सीटों से नदारद थे। टांक का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करना और उनके समाधान की दिशा में चर्चा करना था। इस स्थिति को देखकर भड़के जे.पी. टांक ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि यदि अधिकारी ही कार्यालय में मौजूद नहीं होंगे तो कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। टांक ने अधिकारियों की लापरवाही और जवाबदेही की कमी को इस समस्या के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण सफाई कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है। उन्होंने निगम प्रशासन से ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। यह बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है कि जब कार्यालय समय के दौरान ही अधिकारी अपनी सीटों पर उपलब्ध नहीं होते, तो आम कर्मचारी और जनता अपनी समस्याओं का समाधान आखिर किससे कराएगी। यह देखना बाकी है कि क्या निगम प्रशासन इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगा।
दिल्ली नगर निगम के केशवपुरम ज़ोन के डेम्स विभाग में उस समय अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब कर्मचारी नेता जे.पी. टांक ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विभाग का निरीक्षण किया। आरोप है कि दोपहर 2 बजे ही विभाग की अधिकांश कुर्सियां खाली मिलीं और अधिकारी अपनी सीटों से नदारद थे। टांक का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करना और उनके समाधान की दिशा में चर्चा करना था। इस स्थिति को देखकर भड़के जे.पी. टांक ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि यदि अधिकारी ही कार्यालय में मौजूद नहीं होंगे तो कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। टांक ने अधिकारियों की लापरवाही और जवाबदेही की कमी को इस समस्या के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण सफाई कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है। उन्होंने निगम प्रशासन से ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। यह बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है कि जब कार्यालय समय के दौरान ही अधिकारी अपनी सीटों पर उपलब्ध नहीं होते, तो आम कर्मचारी और जनता अपनी समस्याओं का समाधान आखिर किससे कराएगी। यह देखना बाकी है कि क्या निगम प्रशासन इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगा।
- दिल्ली में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष रीताब्रत बनर्जी के दौरे के दौरान, कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भगत ने कहा कि जब से केंद्र की सरकार आई है, वह सबसे पहले लोगों को डराने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये (भाजपा) प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों के माध्यम से लोगों को इतना प्रताड़ित करते हैं कि उन्हें कहीं न कहीं अपनी पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। भगत के अनुसार, इस तरह की प्रक्रियाएं उन पार्टियों में देखने को मिलती हैं जहाँ लोग विचारधारा से नहीं, बल्कि अपने फायदे और क्षणिक कारणों से जुड़ते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक पद्धति या लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं बताया।1
- दिल्ली के नरेला इलाके में दिल्ली पुलिस की ATS टीम और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान, 35 से अधिक आपराधिक मामलों का आरोपी इरशाद अली, गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।1
- गुजरात के बारडोली में धूलिया रोड चौकड़ी पर स्थित दुकानों के अंदर भी पानी भर गया है। इस घटना से क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।1
- यह पोस्ट 'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः' के पवित्र मंत्र का दोहराव है, जिसे तीन बार लिखा गया है। यह उद्घोष भगवान वासुदेव के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करता है। इस संदेश में किसी घटना या अन्य विस्तृत जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का जादू जनता के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जहाँ उनके जन्मदिन के अवसर पर हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान 'कमल का उत्साह' भी देखने को मिला, जो इस जनसमर्थन के बीच एक उल्लेखनीय पहलू रहा। जनता का यह उत्साह 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अखिलेश यादव के पक्ष में एक मजबूत संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उनके समर्थकों ने उन्हें 2027 में उत्तर प्रदेश का भावी मुख्यमंत्री बताया, साथ ही 'अबकी बार सपा सरकार' का नारा भी बुलंद किया।1
- दिल्ली में, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी के मार्गदर्शन में, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 10 विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अरूप रॉय करेंगे। रिताब्रता बनर्जी ने इस मुलाकात को आवश्यक बताते हुए कहा कि ऐसे सत्रों, जैसे कि 22 जून को बागी TMC गुट द्वारा आयोजित विशेष सत्र, के बारे में चुनाव आयोग को जानकारी देना किसी भी राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण होता है। बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणामों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 291 विधानसभा क्षेत्रों में हर जगह ममता बनर्जी की तस्वीरें होने के बावजूद, TMC चुनाव हार गई। बनर्जी के अनुसार, बंगाल का जनादेश तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ रहा है।1
- प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के बैजलपुर गांव में एक गाय की तालाब के चारों तरफ लगी बैरिकेटिंग में प्रवाहित करेंट की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब दोपहर में गाय को चरने के लिए छोड़ा गया था। अधिवक्ता राहुल सिंह द्वारा मछली पालन के उद्देश्य से तालाब के चारों ओर यह बैरिकेटिंग लगाई गई थी। इस दुखद घटना के बाद पशुपालक हरीश सरोज ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की विस्तृत जांच कर रही है।1