विकास’ की अद्भुत तस्वीर! तीन महीने से निर्माणाधीन चौड़ा खड़ंजा बना जनता के लिए नासूर, कीचड़ में फूंक-फूंककर कदम रख रहे लोग मुरादनगर। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद का चर्चित कस्बा मुरादनगर इन दिनों नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों को लेकर सुर्खियों में है। नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आने वाली ईदगाह बस्ती के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब तीन महीने से नाली और खड़ंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। विकास के नाम पर शुरू हुआ यह काम अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता दिखाई दे रहा है। रास्ते की मौजूदा तस्वीर को व्यंग्य की नजर से देखें तो लगता है कि नगर पालिका परिषद ने जनता के लिए मखमल का कालीन बिछा दिया हो। न धूल दिखाई दे रही है, न सड़क की शक्ल दिखाई दे रही है—बस कीचड़, गड्ढे और पानी के बीच जनता रास्ता तलाशती नजर आती है ऐसे हालात देखकर शायराना अंदाज में कहना पड़ेगा—“कह दो इन गलियों से कि जरा संभलकर चलना,नगर पालिका ने यहां विकास बिछाया है फूलों का कालीन समझकर कदम मत रखना,यहां जनता के लिए कीचड़ का रास्ता बनाया है।”स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के चलते रास्ते की स्थिति बेहद खराब हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों को कीचड़ और गड्ढों के बीच फूंक-फूंककर कदम रखना पड़ता है कि कहीं पैर फिसल न जाए। व्यंग्य में सवाल यह भी है कि आखिर नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण शुरू करने से पहले बरसात के मौसम का कैलेंडर क्यों नहीं देखा? अगर बारिश का मौसम सामने था तो क्या निर्माण कार्य को कुछ समय के लिए टालना संभव नहीं था एक और शेर शायद जिम्मेदार अधिकारियों तक बात पहुंचा दे— “कागजों में सड़क चमकती रही, गलियों में कीचड़ छा गया,विकास का ढोल बजता रहा, जनता का रास्ता डूबता गया। साहब! तस्वीरों से निकलकर कभी जमीन पर आइए,जिसे विकास कहते हैं, उसे जनता के पैरों से पूछकर जाइए।”अब सवाल नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से है—आखिर इस रास्ते का निर्माण कब पूरा होगा? क्या जनता को इसी तरह बरसात के पूरे मौसम में परेशानी झेलनी पड़ेगी? क्या निर्माण कार्य की समयसीमा तय है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या विकास का मतलब यह है कि विकास के दौरान जनता ही सबसे ज्यादा परेशान हो जनता को सोशल मीडिया की चमकती तस्वीरें नहीं, चलने लायक सड़क और सुरक्षित रास्ता चाहिए। क्योंकि—“विकास वही जो जनता के काम आए,ऐसा विकास किस काम का, जो जनता को ही रुलाए।आंखों से पट्टी हटाइए, हकीकत को पहचानिए,सड़क नहीं बन रही तो कम से कम जनता को इंसान समझिए।”अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें कब खुलती हैं और चौड़े खड़ंजे की जनता को इस ‘मखमली विकास’ से कब राहत मिलती है।
विकास’ की अद्भुत तस्वीर! तीन महीने से निर्माणाधीन चौड़ा खड़ंजा बना जनता के लिए नासूर, कीचड़ में फूंक-फूंककर कदम रख रहे लोग मुरादनगर। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद का चर्चित कस्बा मुरादनगर इन दिनों नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों को लेकर सुर्खियों में है। नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आने वाली ईदगाह बस्ती के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब तीन महीने से नाली और खड़ंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। विकास के नाम पर शुरू हुआ यह काम अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता दिखाई दे रहा है। रास्ते की मौजूदा तस्वीर को व्यंग्य की नजर से देखें तो लगता है कि नगर पालिका परिषद ने जनता के लिए मखमल का कालीन बिछा दिया हो। न धूल दिखाई दे रही है, न सड़क की शक्ल दिखाई दे रही है—बस कीचड़, गड्ढे और पानी के बीच जनता रास्ता तलाशती नजर आती है ऐसे हालात देखकर शायराना अंदाज में कहना पड़ेगा—“कह दो इन गलियों से कि जरा संभलकर चलना,नगर पालिका ने यहां विकास बिछाया है फूलों का कालीन समझकर कदम मत रखना,यहां जनता के लिए कीचड़ का रास्ता बनाया है।”स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के चलते रास्ते की स्थिति बेहद खराब हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों को कीचड़ और गड्ढों के बीच फूंक-फूंककर कदम रखना पड़ता है कि कहीं पैर फिसल न जाए। व्यंग्य में सवाल यह भी है कि आखिर नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण शुरू करने से पहले बरसात के मौसम का कैलेंडर क्यों नहीं देखा? अगर बारिश का मौसम सामने था तो क्या निर्माण कार्य को कुछ समय के लिए टालना संभव नहीं था एक और शेर शायद जिम्मेदार अधिकारियों तक बात पहुंचा दे— “कागजों में सड़क चमकती रही, गलियों में कीचड़ छा गया,विकास का ढोल बजता रहा, जनता का रास्ता डूबता गया। साहब! तस्वीरों से निकलकर कभी जमीन पर आइए,जिसे विकास कहते हैं, उसे जनता के पैरों से पूछकर जाइए।”अब सवाल नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से है—आखिर इस रास्ते का निर्माण कब पूरा होगा? क्या जनता को इसी तरह बरसात के पूरे मौसम में परेशानी झेलनी पड़ेगी? क्या निर्माण कार्य की समयसीमा तय है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या विकास का मतलब यह है कि विकास के दौरान जनता ही सबसे ज्यादा परेशान हो जनता को सोशल मीडिया की चमकती तस्वीरें नहीं, चलने लायक सड़क और सुरक्षित रास्ता चाहिए। क्योंकि—“विकास वही जो जनता के काम आए,ऐसा विकास किस काम का, जो जनता को ही रुलाए।आंखों से पट्टी हटाइए, हकीकत को पहचानिए,सड़क नहीं बन रही तो कम से कम जनता को इंसान समझिए।”अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें कब खुलती हैं और चौड़े खड़ंजे की जनता को इस ‘मखमली विकास’ से कब राहत मिलती है।
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- गाजियाबाद गली के. पसोंडा. गली के. नतुजा है मिडिया प्रभारी का आइडिया ये सब नेता की हार्दिक शुभकामनायें और बधाई का नटतीजा है4
- शिव चौक पर गूंजा हर-हर महादेव, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक गाजियाबाद जनपद के शालीमार गार्डन स्थित शिव चौक पर आज सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु भगवान शिव को जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। कांवड़ लेकर अपने घरों को लौटे शिवभक्त भी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज रहा है। इस पावन अवसर पर शालीमार गार्डन और गाजियाबाद जनपद के सभी शिवभक्तों को सावन शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी भक्तों और उनके परिवारों पर बनी रहे। हर घर में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि आए। हर हर महादेव! बोल बम! ॐ नमः शिवाय! संवाददाता रेनू पुरी4
- मुरादनगर में लाखों रुपए की कंवर का चला चर्चा बड़ी-बड़ी झांकी देखने को मिली कांवड़ मेले को देखने के लिए मुरादनगर की जनता में बड़ा उत्सव देखने को मिला है खूबसूरत झांकी4
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- मौसम बिहार का देखा हाल रास्ते का . पसोंडा साहिबाबाद गाजियाबाद.. रास्ते का है2
- लोनी बॉर्डर पर हार्डवेयर दुकान की छत गिरी, एक व्यक्ति घायल। गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर क्षेत्र में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां पारस हार्डवेयर एंड सेनेटरी की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए सावधानीपूर्वक मलबा हटाया गया। वहीं, SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई और बचाव अभियान में जुट गई। फिलहाल राहत-बचाव कार्य जारी है। पुलिस और बचाव दल हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों की निगरानी में मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल है।2
- Columbia bhukamp ke jhatake7.4 तीव्रता के भूकंप से दहला कोलंबिया, 47 लोगों की मौत... मलबे में दबे कई लोग1