बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत ढीवर पंचायत के वार्ड संख्या-2 में चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में अनियमितता और लापरवाही बरती जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाला निर्माण का काम लगभग डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन अब तक निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित एस्टिमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अभाव में ग्रामीणों को योजना की लागत, कार्य अवधि और निर्माण एजेंसी से जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनका यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन नाले के कई हिस्सों में अभी से दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनकी आशंका है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो बरसात के मौसम में नाले के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे जल निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने नाले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि नाले को अभी तक ढका नहीं गया है। इस वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और आसपास खेलते बच्चे अक्सर नाले में गिर जाते हैं, जो बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति में और भी खतरनाक हो सकता है। इन समस्याओं के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा नाले को शीघ्र ढकने की मांग की है। उनका उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत ढीवर पंचायत के वार्ड संख्या-2 में चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में अनियमितता और लापरवाही बरती जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाला निर्माण का काम लगभग डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन अब तक निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित एस्टिमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अभाव में ग्रामीणों को योजना की लागत, कार्य अवधि और निर्माण एजेंसी से जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनका यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन नाले के कई हिस्सों में अभी से दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनकी आशंका है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो बरसात के मौसम में नाले के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे जल निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने नाले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि नाले को अभी तक ढका नहीं गया है। इस वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और आसपास खेलते बच्चे अक्सर नाले में गिर जाते हैं, जो बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति में और भी खतरनाक हो सकता है। इन समस्याओं के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा नाले को शीघ्र ढकने की मांग की है। उनका उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
- विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव पूर्णिमा के पावन अवसर पर बोधगया स्थित विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान बुद्ध के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और शांति, करुणा तथा मानव कल्याण का संदेश दिया। इस दौरान, सद्गुरु ने पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे भिक्षुओं, लामाओं और जापानी बौद्ध प्रतिनिधियों से संवाद किया। महाबोधि मंदिर की आगंतुक पुस्तिका में उन्होंने बुद्ध के प्रकाश और आत्मसात करने का एक प्रेरणादायक संदेश भी लिखा।1
- बिहार का पहला ReFit Xpress आउटलेट अब बख्तियारपुर में शुरू हो गया है, जहाँ ग्राहकों को ब्रांडेड सेकेंड हैंड स्मार्टफोन बंपर डिस्काउंट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह आउटलेट बख्तियारपुर में बैंक ऑफ इंडिया के नीचे, दत्ता स्टूडियो के सामने स्थित मेसर्स फोटो शॉप काउंटर पर खोला गया है। कंपनी के अनुसार, यह पूरे भारत का आठवाँ और बिहार का पहला ReFit Xpress Outlet है। यहाँ ग्राहकों को अलग-अलग कंपनियों के प्री-ओन्ड स्मार्टफोन आकर्षक कीमतों पर मिलेंगे, जिससे कम बजट में एक अच्छा स्मार्टफोन खरीदने के इच्छुक लोग यहाँ जाकर उपलब्ध मॉडल और ऑफर्स की जानकारी ले सकते हैं।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के दरबा गांव में बीते दिनों बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण कई घर जलकर खाक हो गए थे। इन पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए मोरवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणविजय साहू पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपनी संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया। विधायक साहू ने अपने निजी कोष से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए। पीड़ित लाभार्थियों में महेश्वर राय, मुनि देव राय और लाल बहादुर राय शामिल थे। मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित परिवारों ने विधायक के इस मानवीय कार्य की सराहना की। इस अवसर पर विधायक श्री साहू ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का काम करेंगे। इस मुलाकात के दौरान राजद के नगर अध्यक्ष राम शंकर राय, प्रेमलाल आजाद, रणधीर यादव, जितेंद्र राय, कुमार देवानंद राय, ललन यादव, रामप्रवेश महतो और वकील शाह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।1
- डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान ने पिंटू पासवान और सरवन पासवान के हत्यारों को फांसी देने की कड़ी मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन दोनों व्यक्तियों के हत्यारों को मृत्युदंड मिलना चाहिए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।1
- वैशाली के जनदाहा स्थित चंदसराय में एक शादी समारोह से पहले तिलक की तैयारियों के बीच अचानक आई एक मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और खुशियों का माहौल मातम में बदल गया है। बताया जा रहा है कि यह एक ट्रेन से हुई संदिग्ध मौत का मामला है।1
- टेटिया बंबर के देवघरा स्थित उच्चेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में एक निरीक्षण के दौरान, 65 वर्षीय कैंसर पीड़ित राजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपने इलाज के लिए गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने राजेंद्र यादव की पीड़ा को सुनकर तुरंत संज्ञान लिया और मौके पर मौजूद डीएम को निर्देश दिया कि वे राजेंद्र यादव को मुफ्त और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री के इस मानवीय और संवेदनशील कदम की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है, जिसे मुंगेर में उनकी इंसानियत की एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।1
- सोमवार की अहले सुबह बिहार के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के घांघ गांव में एक दर्दनाक घटना में आकाशीय बिजली गिरने से 25 वर्षीय रानी देवी की मौत हो गई, जबकि उनका एक बच्चा घायल हो गया। इस हादसे के बाद पूरे गांव में गहरा शोक और मातम का माहौल छा गया है, जिसने एक परिवार को प्राकृतिक आपदा का शिकार बना दिया। मृतका के पति बिकु कुमार ने बताया कि रविवार रात भीषण गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य घर की छत पर सो रहे थे। रात करीब 3:45 बजे अचानक मौसम ने करवट ली, आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने लगी। खराब मौसम को देखते हुए परिवार छत से नीचे उतरने की तैयारी कर रहा था, तभी रानी देवी अपने बच्चों के साथ नीचे उतरने के लिए खड़ी हुईं और उसी क्षण तेज आवाज के साथ ठनका सीधे उनके शरीर पर आ गिरा। इस घटना के बाद रानी देवी गंभीर रूप से झुलसकर अचेत हो गईं और उनका एक बच्चा भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर घायल हो गया। परिजनों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद सहायता के लिए कई बार डायल-112 पर फोन किया गया, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की मदद या प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से घायल रानी देवी को अथमलगोला के करजान गांव के समीप स्थित नव निर्मित अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिए बिना ही उन्हें तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के उपरांत रानी देवी को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल बच्चे का इलाज अभी भी जारी है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और मानसून के दौरान आकाशीय बिजली की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और छतों पर रहने से बचें और अपनी सुरक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के घांघ गांव में सोमवार अहले सुबह आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में 25 वर्षीय रानी देवी की मौत हो गई, जबकि उनका एक बच्चा घायल हो गया। बताया गया कि अत्यधिक गर्मी के कारण परिवार छत पर सो रहा था। मौसम खराब होने के चलते परिवार के सभी सदस्य छत से नीचे उतर रहे थे, उसी दौरान ठनका गिर गया। गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल बच्चे का इलाज फिलहाल जारी है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल पसरा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और छतों पर रहने से बचें।1