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चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी क्षेत्र में हो रहे गंगा कटान के मुद्दे पर पत्रकार अजय सिंह ने किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव से बातचीत की। यह बातचीत गंगा नदी के कटाव से प्रभावित स्थानीय किसानों की समस्याओं पर केंद्रित रही।
Ajay Singh
चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी क्षेत्र में हो रहे गंगा कटान के मुद्दे पर पत्रकार अजय सिंह ने किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव से बातचीत की। यह बातचीत गंगा नदी के कटाव से प्रभावित स्थानीय किसानों की समस्याओं पर केंद्रित रही।
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- वाराणसी में ग्रामीण लो-वोल्टेज और गंभीर बिजली संकट से परेशान होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि उनके क्षेत्र में 63 केवी का एक नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए ताकि बिजली आपूर्ति की समस्या का समाधान हो सके।1
- वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के हुकुलगंज स्थित एक शिव मंदिर में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे एक तेज रफ्तार आर्टिका कार अनियंत्रित होकर घुस गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह कार चौकाघाट से ताड़ीखाना की ओर जा रही थी और तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इस हादसे के परिणामस्वरूप कार सीधे मंदिर से जा टकराई, जिससे मंदिर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है, जबकि हादसे में घायल चालक को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।3
- चंदौली एसपी के निर्देश पर चहनियां क्षेत्र में सड़क हादसों और अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बलुआ पुलिस ने शुक्रवार को विशेष अभियान चलाया। इस सघन वाहन चेकिंग अभियान का मोर्चा थाना अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने खुद संभाला, जिसके तहत चहनियां, बलुआ, मथेला, कैलावर, मारूफपुर, रैमोली, मोहरगंज और महुआर समेत पूरे इलाके में दोपहिया व चारपहिया वाहनों की गहनता से जांच की गई। इस दौरान बिना हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस (DL), बीमा, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और प्रदूषण सर्टिफिकेट के चल रहे 50 से अधिक बाइकों के चालान काटे गए। इसके अतिरिक्त, बिना कागजात और हेलमेट के फर्राटा भर रहे दर्जनों नवयुवकों को रोककर पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी और उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेना ही हादसों की सबसे बड़ी वजह है, और ट्रिपलिंग, ओवरस्पीडिंग तथा बिना हेलमेट चलना सीधे मौत को दावत देने जैसा है। उनका मुख्य मकसद चालान काटना नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी बचाना है, और अब नियम तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस अचानक हुई चेकिंग से नियम तोड़ने वाले चालकों में हड़कंप मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा के लिए इस कार्रवाई को आवश्यक बताते हुए पुलिस की सराहना की। बलुआ पुलिस ने साफ किया है कि जनहित में ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- ओमान की खाड़ी में हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है, जिसके बाद कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस घटना को लेकर यह पूछा जा रहा है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था, अमेरिका की कथित कार्रवाई पर भारत की क्या प्रतिक्रिया रही, और उन भारतीय परिवारों के दर्द को कौन समझेगा जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। 'अवाज़-ए-भारत' ने इस पूरे मामले को विस्तार से समझने और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने का प्रयास किया है, क्योंकि उनका लक्ष्य 'खबर नहीं, सच की आवाज़' बनना है।1
- वाराणसी में दाल मंडी के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के खिलाफ शूर से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, अध्यक्ष फारुख खान ने आज जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान, फारुख खान ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि दाल मंडी के दुकानदारों की मांगों को पूरा किया जाए।1
- वाराणसी में 12 जून 2026 को गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने माँ गंगा की स्वच्छता के प्रति एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। राजेश शुक्ला प्रतिदिन गंगा में तैरकर दूर-दूर तक फैली प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन और अन्य कचरा साफ करते हैं। उनके लिए यह कार्य केवल सफाई नहीं, बल्कि ईश्वर की सेवा है, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण ने गीता के अध्याय 10 श्लोक 31 में स्वयं कहा है ‘स्रोतसामस्मि जाह्नवि’, अर्थात नदियों में मैं गंगा हूँ। राजेश शुक्ला भगवद् स्कन्द पुराण 11.16 का भी हवाला देते हैं, जिसमें कहा गया है ‘तीर्थानाँ स्रोतसाँ गंगा’, यानी तीर्थों में गंगा सबसे श्रेष्ठ है। उनका मानना है कि जब स्वयं भगवान ने गंगा को अपना स्वरूप बताया है, तो उसे मैला करने का अधिकार किसी को नहीं है। उनके अनुसार, गंगा जल अमृत के समान है और इसका संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। राजेश शुक्ला ने सभी लोगों से अपील की है कि वे गंगा में कचरा, प्लास्टिक, पॉलिथीन में लिपटे फूल-माला न डालें और स्नान के बाद साबुन-शैम्पू का झाग भी न छोड़ें। राजेश शुक्ला का दृढ़ विश्वास है कि यदि हर व्यक्ति यह ठान ले, तो माँ गंगा को एक बार फिर से निर्मल बनाया जा सकता है। जहाँ एक ओर नमामि गंगे अभियान के तहत प्रशासन भी घाटों की सफाई करवा रहा है, वहीं राजेश शुक्ला जैसे सेवकों का जुनून समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन रहा है, जो अपने कर्मों से ‘स्रोतसामस्मि जाह्नवी’ गीता के श्लोक को साकार कर रहे हैं।1
- चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र के गुरैनी में गंगा नदी के कटान (गंगा कटान) के मुद्दे पर किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव और पत्रकार अजय सिंह ने आपस में बातचीत की।1
- वाराणसी में नगर निगम द्वारा मांस की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले के खिलाफ अपनी आपत्ति जताते हुए धरना दिया और जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।1
- चंदौली जिले की खंडवारी ग्राम सभा में, बढ़ती गर्मी और तापमान के मद्देनजर, पूर्व प्रधान और वरिष्ठ समाजसेवी भज्जू राम सिंह चौहान ने राहगीरों के लिए निःशुल्क प्याऊ सेवा की एक सराहनीय पहल की है। खंडवारी ग्राम सभा के डीह बाबा मंदिर टेंपो स्टैंड पर स्थापित इस प्याऊ में शुद्ध आरओ पानी की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से प्रतिदिन राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों को ठंडा एवं स्वच्छ पेयजल निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस जनहितकारी प्याऊ का शुभारंभ क्षेत्र के सम्मानित लोगों की उपस्थिति में किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर इस कार्य की सराहना की। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए राहगीर उत्साहपूर्वक इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं, और लोगों ने इस व्यवस्था को मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। पूर्व प्रधान भज्जू राम सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य जनसेवा है, और जब तक गर्मी का प्रकोप रहेगा, तब तक इस प्याऊ के माध्यम से लगातार निःशुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाता रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि राहगीरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना न केवल एक पुण्य कार्य है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है, जिसके महत्व के प्रति प्याऊ स्थल पर लगे बैनरों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इस पहल से पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है, और हर वर्ग के लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। मानव सेवा की इस अनूठी मिसाल ने समाज के अन्य लोगों को भी जनहित के कार्यों में आगे आने की प्रेरणा दी है।1