*स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती के अवसर पर कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा जी के विचार सार* *स्वामी विवेकानन्द की शिक्षायें आज भी राष्ट्रीय चेतना की प्राणवायु : प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा* सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा ने कहा है कि स्वामी विवेकानन्द केवल एक महापुरुष ही नहीं, अपितु भारत की राष्ट्रीय चेतना के जाग्रत प्रतीक थे। उनका सम्पूर्ण जीवन आत्मबल, राष्ट्रगौरव, मानवता एवं सांस्कृतिक स्वाभिमान का विराट उद्घोष है। स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के पावन अवसर पर अपने सन्देश में कुलपति प्रो॰ शर्मा ने कहा कि “भारत की आत्मा को विश्व-पटल पर प्रतिष्ठित करने का जो युगान्तकारी कार्य स्वामी विवेकानन्द ने किया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था”। उन्होंने कहा कि 1893 के शिकागो धर्म संसद में दिया गया विवेकानन्द जी का ऐतिहासिक भाषण केवल एक आध्यात्मिक उद्बोधन नहीं था, बल्कि वह भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण एवं राष्ट्रीय आत्मविश्वास का उद्घोष था, जिसने गुलामी की मानसिकता से ग्रस्त राष्ट्र को आत्मगौरव का बोध कराया। *“उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत”* कुलपति प्रो॰ शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की शिक्षा-परिकल्पना ‘मनुष्य-निर्माण’ पर आधारित थी। वे ऐसी शिक्षा के पक्षधर थे, जो चरित्र निर्माण करे, आत्मविश्वास जगाए और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करे। उनका यह कथन “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत” आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने युवा शक्ति को राष्ट्र की सबसे बड़ी ऊर्जा माना। उनके विचारों में युवा केवल आयु की अवस्था नहीं, बल्कि साहस, संकल्प और सेवा की चेतना है। आज जब भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब विवेकानन्द जी की शिक्षाएँ युवाओं को आत्मनिर्भर, नैतिक एवं राष्ट्रनिष्ठ बनाने की दिशा में पथप्रदर्शक सिद्ध हो सकती हैं। *स्वामी जी ने भारत को जीवित संस्कृति के रूप में देखा* प्रो॰ शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार भारतीय ज्ञान परम्परा थी, जिसमें वेद, उपनिषद, गीता और सनातन जीवन-दर्शन की सार्वभौमिकता समाहित है। उन्होंने भारत को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि “जीवित संस्कृति” के रूप में देखा। *यह संस्था उनके विचारों तक जन भाव तक जोड़े*. सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय जैसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित संस्थान का दायित्व है कि वह स्वामी विवेकानन्द के विचारों को शिक्षा, अनुसन्धान एवं सामाजिक चेतना के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाए। विश्वविद्यालय इस दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। *यह दिवस सभी के लिए आत्मसात् का दिवस बने* अन्त में कुलपति प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा ने आह्वान किया कि स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती केवल स्मरण का दिवस न होकर, उनके विचारों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प-दिवस बने, जिससे राष्ट्र में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं आत्मगौरव का नवजागरण हो सके। *प्रारम्भ में* कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के द्वारा प्रारम्भ में मां सरस्वती जी एवं स्वामी विवेकानन्द जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया।
*स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती के अवसर पर कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा जी के विचार सार* *स्वामी विवेकानन्द की शिक्षायें आज भी राष्ट्रीय चेतना की प्राणवायु : प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा* सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा ने कहा है कि स्वामी विवेकानन्द केवल एक महापुरुष ही नहीं, अपितु भारत की राष्ट्रीय चेतना के जाग्रत प्रतीक थे। उनका सम्पूर्ण जीवन आत्मबल, राष्ट्रगौरव, मानवता एवं सांस्कृतिक स्वाभिमान का विराट उद्घोष है। स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के पावन अवसर पर अपने सन्देश में कुलपति प्रो॰ शर्मा ने कहा कि “भारत की आत्मा को विश्व-पटल पर प्रतिष्ठित करने का जो युगान्तकारी कार्य स्वामी विवेकानन्द ने किया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था”। उन्होंने कहा कि 1893 के शिकागो धर्म संसद में दिया गया विवेकानन्द जी का ऐतिहासिक भाषण केवल एक आध्यात्मिक उद्बोधन नहीं था, बल्कि वह भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण एवं राष्ट्रीय आत्मविश्वास का उद्घोष था, जिसने गुलामी की मानसिकता से ग्रस्त राष्ट्र को आत्मगौरव का बोध कराया। *“उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत”* कुलपति प्रो॰ शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की शिक्षा-परिकल्पना ‘मनुष्य-निर्माण’ पर आधारित थी। वे ऐसी शिक्षा के पक्षधर थे, जो चरित्र निर्माण करे, आत्मविश्वास जगाए और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करे। उनका यह कथन “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत” आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने युवा शक्ति को राष्ट्र की सबसे बड़ी ऊर्जा माना। उनके विचारों में युवा केवल आयु की अवस्था नहीं, बल्कि साहस, संकल्प और सेवा की चेतना है। आज जब भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब विवेकानन्द जी की शिक्षाएँ युवाओं को आत्मनिर्भर, नैतिक एवं राष्ट्रनिष्ठ बनाने की दिशा में पथप्रदर्शक सिद्ध हो सकती हैं। *स्वामी जी ने भारत को जीवित संस्कृति के रूप में देखा* प्रो॰ शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार भारतीय ज्ञान परम्परा थी, जिसमें वेद, उपनिषद, गीता और सनातन जीवन-दर्शन की सार्वभौमिकता समाहित है। उन्होंने भारत को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि “जीवित संस्कृति” के रूप में देखा। *यह संस्था उनके विचारों तक जन भाव तक जोड़े*. सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय जैसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित संस्थान का दायित्व है कि वह स्वामी विवेकानन्द के विचारों को शिक्षा, अनुसन्धान एवं सामाजिक चेतना के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाए। विश्वविद्यालय इस दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। *यह दिवस सभी के लिए आत्मसात् का दिवस बने* अन्त में कुलपति प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा ने आह्वान किया कि स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती केवल स्मरण का दिवस न होकर, उनके विचारों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प-दिवस बने, जिससे राष्ट्र में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं आत्मगौरव का नवजागरण हो सके। *प्रारम्भ में* कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के द्वारा प्रारम्भ में मां सरस्वती जी एवं स्वामी विवेकानन्द जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया।
- *राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर वाराणसी में महामृत्युंजय मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक, कांग्रेस नेताओं ने की दीर्घायु की कामना* वाराणसी।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी जी के जन्मदिन के अवसर पर जिला/महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में दारानगर स्थित प्रसिद्ध महामृत्युंजय मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से प्रियंका गांधी जी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं देश की जनता के लिए उनके संघर्षमय नेतृत्व की कामना की गई। कार्यक्रम में वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान पूर्वक रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राय, जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल एवं महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे की प्रमुख उपस्थिति रही। *प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा की* प्रियंका गांधी जी देश की राजनीति में संवेदनशीलता, साहस और जनसंघर्ष की प्रतीक हैं। वे निरंतर आम जनता, खासकर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठाती रही हैं। उनके जन्मदिन पर हम भगवान महामृत्युंजय से उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। *जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा की* “प्रियंका गांधी जी का जीवन सेवा, संघर्ष और समर्पण का उदाहरण है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर मजबूती से खड़ी है। आज का यह रुद्राभिषेक उनके लंबे और सक्रिय राजनीतिक जीवन की कामना के लिए किया गया है। *महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा की* “प्रियंका गांधी जी ने जमीनी राजनीति को नई ऊर्जा दी है। वे हर वर्ग की पीड़ा को समझती हैं और सड़क से संसद तक संघर्ष करती हैं। वाराणसी कांग्रेस परिवार की ओर से हम उनके उज्ज्वल भविष्य और देश में सामाजिक न्याय की मजबूती के लिए प्रार्थना करते हैं। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रियंका गांधी जी के जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और संकल्प लिया कि वे उनके विचारों और संघर्षों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर करते रहेंगे। रुद्राभिषेक में :— प्रदेश अध्यक्ष अजय राय,राजेश्वर सिंह पटेल,राघवेन्द्र चौबे,प्रमोद पाण्डेय,दुर्गाप्रसाद गुप्ता,राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, अनुराधा यादव,मनोज वर्मा,प्रमोद वर्मा,नरसिंह वर्मा,आकाश त्रिपाठी,विकास पाण्डेय,रामजी गुप्ता,किशन यादव समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।1
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- ब्रेकिंग न्यूज़ आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय अजय राय ने वाराणसी के रामकटोरा स्थित अमर वेंकट हाल में कार्यकर्ताओं का आवाहन किया श्री राय ने कहा कि इस सरकार को उखाड़ कर फेंकना है 2027 के चुनाव के लिए अभी से आप तैयार रहें अगर आज आप तैयार रहेंगे 2027 में यह सरकार में विश्वास दिलाता हूं नहीं रहेगी और कार्यकर्ता के साथ हम खड़े हैं आज जो भी कार्यकर्ता क्या दुख मुसीबत आता है मैं वहां तत्काल पहुंचता हूं अभी कितने बि अल ओ मर गए कितनों ने आत्महत्या किया मैं सबके घर में गया यहां तक की आईपीएस अमिताभ ठाकुर के घर और अस्पताल जे ल आदि भी हम गए हम तैयार हैं आप कार्यकर्ताओं को भी तैयार रहना होगा इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री व्यापार पर कोई डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद गुप्ता राजेश त्रिपाठी म वर्मा बाबू भाई वीरेंद्र कपूर अनिल श्रीवास्तव प्रजयनाथ शर्मा पूनम कुंडू राजेशत्रिपाठी जिला अध्यक्ष राजेश्वर पटेल महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे मनीष मैरोलिया आदि सैकड़ो लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई और अपने विचार रखें इस अवसर पर नए साल के अवसर पर गाजर का हलवा मटर चुरा का भी काफी के साथ कार्यकर्ताओं के लिए उपलब्ध रहा3
- *✳️ डेनमार्क ने EU से गुज़ारिश की है कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों से निबटने के लिए ग्रीनलैंड में सेना की तैनाती करे* रिपोर्ट के मुताबिक़ ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस ग्रीनलैंड में साझा सेना तैनात करने पर बात कर रहे हैं।1
- जयपुर रोड डीप राजकुमार विश्वकर्मा का प्रतीक गांव है उनके पिताजी का ही बनाया हुआ मंदिर है इस मंदिर में कचरा और गोबर रखा जा रहा है अवैध कब्जा किया जा रहा है गांव का ही है श्याम नारायण विश्वकर्मा उर्फ कार्बन है जो कोतवाली पुलिस के माध्यम से इस पर कब्जा कर रहा है कोतवाली पुलिस में सच्चिदानंद दरोगा और द्वारका प्रसाद द्वारका को पैसे लेकर कब्जा कर रहे हैं यह मामला केराकत तहसील तरियारी गांव का है4
- भदोही के अभयनपुर–भिखारीपुर मैदान में रविवार को पत्रकार एकादश और नगर पालिका परिषद सभासद एकादश के बीच एक रोमांचक मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया। दस ओवर के इस मुकाबले में सभासद एकादश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पत्रकार एकादश को 27 रनों से हराकर चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की। मैच में खिलाड़ियों ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य खेल भावना, आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे और विजेता व उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया। 👉 ऐसी ही स्थानीय, खेल और सामाजिक खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें। #BhadohiNews #JournalistXI #SabhasadXI #FriendlyMatch #CricketMatch #BhadohiCricket #LocalNews #SportsNews #MaitriMatch #BhadohiUpdates1
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- फरीदाबाद से गुरुग्राम को जाने वाले रास्ते पर स्पोर्ट्स गाड़ी में लगी आग1