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Raunak Ali Ansari
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पीलीभीत के बिसालपुर स्थित बौनी गांव में अपनी सांसद निधि से बने बारात घर का उद्घाटन किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तुरंत हल करने के निर्देश दिए। इस दौरान मंत्री ने खुद इलेक्ट्रिक वाहन से आकर लोगों से डीजल-पेट्रोल बचाने का आह्वान किया।4
- उत्तर प्रदेश के बिसालपुर में मस्जिद के लाउडस्पीकर को लेकर हंगामा हो गया। स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और जांच शुरू की।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में 3 माह पुराने शव मामले में अब हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक परमजीत सिंह के पिता ने अपने बेटे के दोस्त सोमवीर पर हत्या का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपों के बाद जांच शुरू कर दी है।1
- बरेली के सेटेलाइट बस स्टैंड के पास स्लम बस्तियों में आर्ट ऑफ गिविंग संस्था ने एक विशेष अभियान चलाया। इसमें जरूरतमंद महिलाओं को सेनेटरी पैड, पौष्टिक भोजन और RRR सामग्री वितरित की गई, साथ ही मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। संस्था का उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग तक मदद पहुंचाना है और ऐसे सेवा कार्य जारी रहेंगे।2
- समाधान दिवस पर पीलीभीत के अधिकारी सरकारी गाड़ियां छोड़कर बस से पहुंचे। प्रशासन के इस कदम से जन-जन तक पहुंचने का संदेश दिया गया।1
- बरेली के नवादिया गांव में 28 वर्षीय युवक शैलेंद्र सिंह का शव आम के पेड़ से संदिग्ध हालत में लटका मिला। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है, जबकि ग्रामीण उनकी भाभी से विवाद या पुरानी मारपीट की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।3
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बरेली में 'संविधान बचाओ संवाद' कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सीतापुर सांसद राकेश राठौर ने महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक विभाजन को लेकर सरकार को विफल करार दिया। कांग्रेस नेताओं ने स्कूलों को बंद कर शराब की दुकानें बढ़ाने और जनता के पैसे के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन बांटे। इन 5G स्मार्टफोन से 1985 से अधिक कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर व अन्य ऑनलाइन सेवाएं निपटाने में मदद मिलेगी, जिससे उनके काम में पारदर्शिता आएगी।4