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शहडोल जिले में 21 जून 2026 को विश्व योग दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। इसी कड़ी में, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सेमरा और ग्राम पंचायत बोचरों में भी विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम आयोजित हुए। इन कार्यक्रमों में समिति के सदस्यों और ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास और ध्यान किया। इस अवसर पर योग के महत्व को विस्तार से बताया गया कि यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
Durgesh Kumar Gupta
शहडोल जिले में 21 जून 2026 को विश्व योग दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। इसी कड़ी में, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सेमरा और ग्राम पंचायत बोचरों में भी विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम आयोजित हुए। इन कार्यक्रमों में समिति के सदस्यों और ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास और ध्यान किया। इस अवसर पर योग के महत्व को विस्तार से बताया गया कि यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
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- शहडोल के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर नियमों को ताक पर रखकर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, जहाँ यात्रियों की जेब पर डाका डालने और बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का एक बड़ा खेल चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर संचालित एक खान-पान प्रतिष्ठान द्वारा न केवल रेल प्रशासन के कायदे-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सीधे-साधे नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर बाल श्रम में झोंका जा रहा है। ये मासूम बच्चे प्लेटफॉर्म से लेकर पटरियों के बीच जान जोखिम में डालकर दिन-रात खाद्य सामग्रियां बेचते हैं। यह सब कुछ स्थानीय रेल प्रशासन की जानकारी में हो रहा है, लेकिन उच्च अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे हैं और पूरी तरह मूकदर्शक बने हुए हैं। उनकी यह रहस्यमयी चुप्पी इस पूरे अवैध कारोबार को मौन संरक्षण देने की ओर इशारा करती है। इस खान-पान प्रतिष्ठान के संचालक और उसके मुख्य प्रबंधक रेलवे द्वारा जारी किए गए वेंडर पहचान पत्रों का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं, जिनकी आड़ में इस रूट से गुजरने वाली तमाम यात्री ट्रेनों के भीतर अवैध वेंडिंग का एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा है। जबकि आधिकारिक साइड पैंट्री का टेंडर स्वीकृत है, जिसके कर्मचारी ही यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत हैं, लेकिन अनधिकृत वेंडर बिना किसी वैध अनुमति के निडर होकर चलती ट्रेनों के भीतर घुस जाते हैं और अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचते हैं। जब ट्रेनों के वैध पैंट्री कर्मचारी इन बाहरी तत्वों को व्यापार करने से रोकते हैं, तो ये वेंडर गुंडागर्दी पर उतारू हो जाते हैं, जिससे स्टेशन और ट्रेनों के भीतर खुलेआम बाद-विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ जाती है। ये अवैध वेंडर रेलवे द्वारा जारी किए गए कैंटीन कार्ड को दिखाकर यात्रियों और पैंट्री स्टाफ पर धौंस जमाते हैं, दावा करते हैं कि उन्हें ट्रेनों के अंदर भी सामग्री बेचने का पूरा अधिकार मिला हुआ है। इस दबंगई के पीछे मुख्य रूप से कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों का हाथ बताया जा रहा है, जिनके इशारे पर वैध और अवैध वेंडरों की पूरी फौज ट्रेनों को निशाना बना रही है और सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा रही है। इस अवैध तंत्र का सबसे काला पक्ष यह है कि इसमें मासूम बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें कानूनन बाल श्रम प्रतिबंधित होने के बावजूद गरीबी के कारण मजदूरी के जाल में फंसाया गया है। इन बच्चों से सुबह से देर रात तक समोसा, आलूबोंडा और अन्य सामग्रियां बिकवाई जाती हैं, जिससे चलती ट्रेनों में चढ़ने और उतरने के दौरान कई बार उनकी जान को खतरा होता है, लेकिन प्रबंधन पैसों की हवस में अंधा होकर मासूमों की जिंदगी को खतरे में डालने से बाज नहीं आ रहा है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म एक पर अन्य स्टॉलों की कमी का फायदा उठाकर यात्रियों को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। भीषण गर्मी और मजबूरी का लाभ उठाते हुए, ₹14 की सीलबंद पानी बोतल यात्रियों को ₹30 की मनमानी कीमत पर जबरन बेची जा रही है। यात्रियों की मजबूरी का फायदा सिर्फ पानी की बोतलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्टेशन पर मिलने वाली अन्य खाद्य सामग्रियां भी पूरी तरह गुणवत्ताविहीन और सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। यात्रियों को मजबूरी में सड़ा-गला और अस्वच्छ खाना खाने को विवश होना पड़ता है। ब्यौहारी स्टेशन से गुजरने वाले हजारों यात्री हर दिन इस बदइंतजामी और लूटपाट का शिकार हो रहे हैं, जिससे भारतीय रेल की विश्वसनीयता और स्टेशन की छवि दिन-प्रतिदिन धूमिल होती जा रही है। इन तमाम गंभीर समस्याओं, बाल श्रम और अवैध वेंडिंग के काले कारोबार पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की लापरवाही ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और आयुष विभाग के तत्वावधान में होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों और नागरिकों की सहभागिता रहेगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति में योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही यह सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण योग आज विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।1
- सतना में रॉयल राजपूत संगठन द्वारा एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। यह शोभा रैली भव्यता के साथ निकाली जा रही है।1
- सीधी जिले के सेमरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर के समापन के दौरान एक भावुक दृश्य सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही सीधी की विधायक रीति पाठक बाहर निकलने लगीं, ग्राम बम्हनी निवासी आदिवासी महिला छोटी रावत ने उनके पैर पकड़ लिए। छोटी रावत दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। महिला ने विधायक से ट्राई साइकिल की मांग करते हुए अपनी पीड़ा सुनाई और मदद के लिए गुहार लगाई। इस दौरान विधायक रीति पाठक ने महिला से कहा, "छोड़ो मेरा पैर, नहीं तो मैं गिर जाऊंगी।"1
- महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी का जबलपुर प्रवास सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर जबलपुर हवाई अड्डे पर उन्हें विदाई दी गई।1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद मलबे से लगभग 25 घायल व्यक्तियों को निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।1
- उचेहरा के संकट मोचन मंदिर के पास 16 जून की रात युवा व्यवसायी अभिनव ताम्रकार उर्फ श्रीलाल पर 15 आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला तब हुआ जब व्यवसायी ने कथित तौर पर उधार दिए गए ₹5 लाख वापस मांगे। घटना के पाँच दिन बीत जाने के बाद भी हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ताम्रकार समाज ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर सभी अभियुक्तों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही कर उन्हें जेल नहीं भेजा गया, तो एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस ज्ञापन की प्रतियाँ डीजीपी भोपाल, आईजी रीवा, एसपी सतना और एसडीओपी नागौद को भी उचित कार्यवाही के लिए भेजी गई हैं।1