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Looking for Job Expected Salary : 12000-15000 City / Locality : gudhachandarji Experience Level : Fresher Job Type : Full Time Education Qualification : Graduate
Bhavanee Sankar Sharma
Looking for Job Expected Salary : 12000-15000 City / Locality : gudhachandarji Experience Level : Fresher Job Type : Full Time Education Qualification : Graduate
More news from Sawai Madhopur and nearby areas
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव की पंचायत हक के पानी के लिए चल रहे एक बड़े जन आंदोलन का केंद्र बन गई है। यह 411 गांवों के किसानों का एक विशाल महासंगम है, जिन्होंने अपने हक के पानी के लिए यह महा अभियान शुरू किया है।1
- बामनवास में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर अधिकांश समय कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शिविर स्थल तस्वीरों और वीडियो में भी लगभग सूना दिखाई दिया। नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कई काउंटरों पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या बेहद कम थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कम उपस्थिति का प्रमुख कारण शिविर के प्रचार-प्रसार में कमी तथा पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों के नकारात्मक अनुभव रहे हैं। कुछ लोगों ने शिविर के समय निर्धारण और सूचना व्यवस्था को भी कम भागीदारी का एक मुख्य कारण बताया। यह भी गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनहित सेवाओं के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बामनवास में हुए इस शहरी सेवा शिविर में आमजन की कम भागीदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।2
- राजस्थान के करौली जिले के भैसा गांव में सड़कों के अभाव के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे गांव का बाजार एक स्थायी तालाब में तब्दील हो गया है। इस जलभराव के कारण भैसा गांव के बाजार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- हिंडौन सिटी के खरेटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डीएनसी (DNC) के तीन दिन बाद रविवार को एक महिला की मृत्यु हो गई। नई मंडी थाना पुलिस ने सोमवार को मृतका का जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। जिला जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के हिंडौन तहसील अध्यक्ष बबलू चौरसिया ने इस घटना की जानकारी दी। मृतका की पहचान श्री महावीरजी के नौरंगाबाद निवासी पुष्पा देवी जाटव पत्नी भंवर सिंह के रूप में हुई है, जो तीन माह की गर्भवती थीं। पुष्पा देवी 19 जून को अपनी ननद अनीता (निवासी मनेमा) के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की जांच कराने निजी अस्पताल पहुंची थीं। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद बच्चा खराब होने की जानकारी देते हुए डीएनसी कराने की सलाह दी। उसी दिन शाम को पुष्पा देवी को अस्पताल में भर्ती कर डीएनसी की गई। इसके कुछ देर बाद उन्हें पेट में तेज दर्द हुआ, जिस पर डॉक्टर के उपचार के बाद दर्द कम हुआ और उन्हें रात में छुट्टी दे दी गई। 20 जून को पुष्पा को एक बार फिर पेट दर्द हुआ, जिस पर परिजन उन्हें दोबारा उसी निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर के उपचार से दर्द कम होने पर उन्हें फिर घर भेज दिया गया। घर पर तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से उपचार के बाद उनकी मां उन्हें ऑटो से बेरखौ ले जा रही थीं। जटनगला नदी के पास उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और मां उन्हें दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां रविवार को पुष्पा की मौत हो गई। चिकित्सकों ने शव को मोर्चरी में रखवाया, जिसका पोस्टमार्टम सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में करवाकर शव उन्हें सौंप दिया गया।1
- करौली जिले में पांचना पानी के मुद्दे पर 28 स्या मीणा समाज के प्रवक्ता देवीसिंह पटेल ने गुर्जरों और राज्य सरकार को एक बड़ा और अंतिम अल्टीमेटम दिया है। देवीसिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि अब अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मीणा समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें मरना या मिटना क्यों न पड़े।1
- एक महिला को बदनाम करने में लगे व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।1
- मेघराज मीणा नारौली डांग की कलम से लिखे अनुसार, खण्डीप और उसके आसपास के करीब 25 गांवों में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है। यहाँ माता-बहनें, बड़े-बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने वाले लोगों को हाथ जोड़कर ठंडा नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते का वितरण कर रहे हैं। इस आयोजन को अश्वमेघ यज्ञ की आहुति के समान बताया जा रहा है, जो खण्डीप की धरा पर हो रहा है। इस विराट आयोजन में, कमेटी, कार्यकर्ता और हजारों सेवकों के पैरों में रोज़ धूप में घूमने से छाले पड़ चुके हैं, फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती। लगभग 400-500 महिला-पुरुष बिना रुके, कई घंटों तक हाथों में बीजना लेकर आगंतुकों को हवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि 70-80 साल के बुजुर्ग भी हाथ जोड़कर व्यवस्था संभाल रहे हैं, जिनमें कहीं कोई थकान या शिकन का भाव नहीं है। इस महापड़ाव में ना कोई राजनीति, ना कोई पार्टी, ना कोई क्षेत्र और ना ही कोई जाति की भावना है; बल्कि सभी किसान एक अविश्वसनीय एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वक्ताओं द्वारा सहज और संविधान के दायरे में भाषण दिए जा रहे हैं। यहाँ हर व्यक्ति गांव के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खुद को जिम्मेदार मानता है, जिसके हाथ अभिवादन के लिए और सिर सम्मान के लिए झुके रहते हैं। इसे सर्व समाज का समुद्र मंथन बताया गया है, जो मात्र एक आंदोलन नहीं बल्कि संविधान पर चलने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा है, जिसकी तैयारी अब तक जोरों पर चल रही है। जनसमूह की भावना अपने चरम पर है, और लेखक का मानना है कि यदि किसी ने इस 'अश्वमेघ यज्ञ की आहुति ज्वाला' के दर्शन नहीं किए हैं, तो वे जीवन के सबसे बेहतरीन और भावुक क्षणों से वंचित हो रहे हैं। लेखक इस बात पर गर्व महसूस करने का आह्वान करते हैं कि उन्होंने एक सभ्य, संविधान को मानने वाली और समझदार कौम में जन्म लिया है।1