बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बेनीबाद थाना पुलिस की लापरवाही के कारण तीन निर्दोष युवकों को नौ महीने तक बेवजह सलाखों के पीछे रहने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस ने जिस पदार्थ को प्रतिबंधित नशीला पदार्थ 'स्मैक' बताकर उन्हें जेल भेजा था, वह फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की जांच में महज बुखार और दर्द की सामान्य दवा निकली। पूरा मामला अक्टूबर 2025 का है, जब बेनीबाद थाना पुलिस ने एक छापेमारी के दौरान प्रेमशंकर कुमार (उर्फ छोटा मेल), सुदेश कुमार और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि इन युवकों के पास से 30 पुड़िया स्मैक बरामद की गई है। इस दावे के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था और इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। युवकों द्वारा जेल में नौ महीने बिताने के बाद, अदालत के निर्देश पर जब जब्त किए गए पदार्थ को FSL भेजा गया, तो जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जिसे पुलिस प्रतिबंधित ड्रग्स बता रही थी, वह वास्तव में पैरासिटामोल और निमेसुलाइड जैसी सामान्य दवाओं का मिश्रण था, जिसका उपयोग बुखार और दर्द के इलाज में किया जाता है। इसके बाद विशेष एनडीपीएस कोर्ट-2 ने सबूतों के अभाव में तीनों युवकों को बाइज्जत बरी कर दिया है। हालांकि, इस एकतरफा कार्रवाई के कारण युवकों के करियर, मानसिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को जो गंभीर नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई मुश्किल है। पीड़ित परिवार ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बेनीबाद थाना पुलिस की लापरवाही के कारण तीन निर्दोष युवकों को नौ महीने तक बेवजह सलाखों के पीछे रहने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस ने जिस पदार्थ को प्रतिबंधित नशीला पदार्थ 'स्मैक' बताकर उन्हें जेल भेजा था, वह फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की जांच में महज बुखार और दर्द की सामान्य दवा निकली। पूरा मामला अक्टूबर 2025 का है, जब बेनीबाद थाना पुलिस ने एक छापेमारी के दौरान प्रेमशंकर कुमार (उर्फ छोटा मेल), सुदेश कुमार और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि इन युवकों के पास से 30 पुड़िया स्मैक बरामद की गई है। इस दावे के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था और इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। युवकों द्वारा जेल में नौ महीने बिताने के बाद, अदालत के निर्देश पर जब जब्त किए गए पदार्थ को FSL भेजा गया, तो जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जिसे पुलिस प्रतिबंधित ड्रग्स बता रही थी, वह वास्तव में पैरासिटामोल और निमेसुलाइड जैसी सामान्य दवाओं का मिश्रण था, जिसका उपयोग बुखार और दर्द के इलाज में किया जाता है। इसके बाद विशेष एनडीपीएस कोर्ट-2 ने सबूतों के अभाव में तीनों युवकों को बाइज्जत बरी कर दिया है। हालांकि, इस एकतरफा कार्रवाई के कारण युवकों के करियर, मानसिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को जो गंभीर नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई मुश्किल है। पीड़ित परिवार ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
- कांटी थाना क्षेत्र के कोठियां गांव में मीनापुर के रहने वाले मोहम्मद इफरुज को मोहम्मद जुनेद और उनके साथी ने पैर में गोली मार दी। इस घटना की खबर इंसाफ तक न्यूज़ पर सामने आई है।1
- पटना जिले के बिहटा स्थित राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय यादव का शव गांव के बधार में एक बोरिंग के पास संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपनी नाराजगी जताने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों व स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर हत्या की वजह या आरोपियों की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।1
- बिहार के हाजीपुर से निकलते समय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर हवा में लटक गया।1
- बिहार के हाजीपुर में एक कार्यक्रम के समापन के बाद पटना लौट रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद हवा में अटक गया। वे वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे पटना लौट रहे थे, तब यह वाकया हुआ। इस दौरान क्षण भर के लिए तो सबकी सांसें थम गई थीं, लेकिन पायलट ने स्थिति संभाल ली।1
- भोजपुर के आरा में भारत भूषण एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ अब इस पूरे मामले में माता-पिता की गवाही दर्ज कर ली गई है। गवाही दर्ज कराए जाने के बाद माता-पिता का क्या बयान रहा है, इसे लेकर अब सवाल और उत्सुकता बनी हुई है।1
- सिवान के हुसैनगंज में चौथे इमाम आबीदे बीमार का ताबूत बरामद किया गया है। इस धार्मिक संदर्भ में हुसैनगंज क्षेत्र से यह ताबूत बरामद होने की जानकारी सामने आई है।1