करौली जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों पर विभाग के अंकुश न होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पंचायत समिति मासलपुर के काछीपुरा गांव में भागवत कथा के समापन पर आयोजित भंडारे के लिए खरीदे गए रिफाइंड तेल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंडौन सिटी के टीकाकुंड बयाना रोड स्थित एक थोक विक्रेता फर्म ने उन्हें 'सोना सिक्का' ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड तेल के पीपे बेच दिए। आयोजन समिति से जुड़े दिनेश सैनी ने बताया कि भंडारे की प्रसादी के लिए 18 जून को हिंडौन के बयाना रोड स्थित थोक विक्रेता से 'सोना सिक्का' ब्रांड के 100 पीपे खरीदे गए थे। समिति ने चीनी, घी, चना दाल, पोहा और चावल सहित कुल ₹3,37,309 की खरीदारी की थी, जिसमें से लगभग ₹3 लाख के 100 पीपे रिफाइंड तेल के थे। ग्रामीणों ने पीपे के नकली होने का संदेह इसलिए जताया क्योंकि बाहरी कागज के गत्ते पर 'एस ओ एन ए' अंकित था, जबकि अंदर के पीपे पर 'एस ओ एन ए ए' दो बार लिखा था। इसके अतिरिक्त, कागज के रैपर पर 'सिंस 1984' अंकित था, जबकि पीपे पर '1894' लिखा हुआ था, जिससे नकली होने का शक गहराया। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों द्वारा नकली रिफाइंड के पीपे लेकर बयाना रोड स्थित टीकाकुंड हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर पहुंचने की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग, करौली के अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शिकायत दी थी। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचने पर एक पिकअप में रखे लगभग 90 पीपे रिफाइंड तेल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक पीपे को नमूने के तौर पर जब्त कर लिया है और उसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि जब्त किए गए रिफाइंड के पीपे उसी दुकान से खरीदे गए थे, जिस पर ग्रामीण पहुंचे थे।
करौली जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों पर विभाग के अंकुश न होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पंचायत समिति मासलपुर के काछीपुरा गांव में भागवत कथा के समापन पर आयोजित भंडारे के लिए खरीदे गए रिफाइंड तेल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंडौन सिटी के टीकाकुंड बयाना रोड स्थित एक थोक विक्रेता फर्म ने उन्हें 'सोना सिक्का' ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड तेल के पीपे बेच दिए। आयोजन समिति से जुड़े
दिनेश सैनी ने बताया कि भंडारे की प्रसादी के लिए 18 जून को हिंडौन के बयाना रोड स्थित थोक विक्रेता से 'सोना सिक्का' ब्रांड के 100 पीपे खरीदे गए थे। समिति ने चीनी, घी, चना दाल, पोहा और चावल सहित कुल ₹3,37,309 की खरीदारी की थी, जिसमें से लगभग ₹3 लाख के 100 पीपे रिफाइंड तेल के थे। ग्रामीणों ने पीपे के नकली होने का संदेह इसलिए जताया क्योंकि बाहरी कागज के गत्ते पर 'एस ओ एन ए' अंकित था, जबकि अंदर के पीपे पर 'एस ओ
एन ए ए' दो बार लिखा था। इसके अतिरिक्त, कागज के रैपर पर 'सिंस 1984' अंकित था, जबकि पीपे पर '1894' लिखा हुआ था, जिससे नकली होने का शक गहराया। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों द्वारा नकली रिफाइंड के पीपे लेकर बयाना रोड स्थित टीकाकुंड हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर पहुंचने की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग, करौली के अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)
को शिकायत दी थी। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचने पर एक पिकअप में रखे लगभग 90 पीपे रिफाइंड तेल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक पीपे को नमूने के तौर पर जब्त कर लिया है और उसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि जब्त किए गए रिफाइंड के पीपे उसी दुकान से खरीदे गए थे, जिस पर ग्रामीण पहुंचे थे।
- गंगापुर सिटी के विधायक रामकेश जी मीणा ने 411 गाँवों के किसानों, पंच-पटेलों और महिलाओं के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इन सभी को धन्यवाद दिया।1
- राजस्थान के हिंडौन सिटी में 'शुभम एंटरप्राइजेज' द्वारा बेचे जा रहे नकली सारस घी और नकली रिफाइंड तेल का सेवन करने से मासूम बच्चों सहित कई लोगों के बीमार पड़ने की अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। इस घटना को पैसों के लालच में आम जनता की सेहत और बच्चों की जान के साथ किया गया घोर निंदनीय खिलवाड़ बताया गया है। इस नकली माल के काले कारोबार से एक तरफ राजस्थान सरकार को करोड़ों रुपये की जीएसटी का चूना लगाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर घरों में 'जहर' परोसा जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा घोटाला भ्रष्ट अधिकारियों की शह पर चल रहा है और इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि पीड़ित बच्चों के इलाज की उचित व्यवस्था की जाए, संबंधित फर्म 'शुभम एंटरप्राइजेज' को तुरंत सीज किया जाए और इस पूरे मामले के दोषियों को तत्काल जेल भेजा जाए।1
- हिंडौन सिटी के खरेटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डीएनसी (DNC) के तीन दिन बाद रविवार को एक महिला की मृत्यु हो गई। नई मंडी थाना पुलिस ने सोमवार को मृतका का जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। जिला जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के हिंडौन तहसील अध्यक्ष बबलू चौरसिया ने इस घटना की जानकारी दी। मृतका की पहचान श्री महावीरजी के नौरंगाबाद निवासी पुष्पा देवी जाटव पत्नी भंवर सिंह के रूप में हुई है, जो तीन माह की गर्भवती थीं। पुष्पा देवी 19 जून को अपनी ननद अनीता (निवासी मनेमा) के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की जांच कराने निजी अस्पताल पहुंची थीं। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद बच्चा खराब होने की जानकारी देते हुए डीएनसी कराने की सलाह दी। उसी दिन शाम को पुष्पा देवी को अस्पताल में भर्ती कर डीएनसी की गई। इसके कुछ देर बाद उन्हें पेट में तेज दर्द हुआ, जिस पर डॉक्टर के उपचार के बाद दर्द कम हुआ और उन्हें रात में छुट्टी दे दी गई। 20 जून को पुष्पा को एक बार फिर पेट दर्द हुआ, जिस पर परिजन उन्हें दोबारा उसी निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर के उपचार से दर्द कम होने पर उन्हें फिर घर भेज दिया गया। घर पर तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से उपचार के बाद उनकी मां उन्हें ऑटो से बेरखौ ले जा रही थीं। जटनगला नदी के पास उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और मां उन्हें दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां रविवार को पुष्पा की मौत हो गई। चिकित्सकों ने शव को मोर्चरी में रखवाया, जिसका पोस्टमार्टम सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में करवाकर शव उन्हें सौंप दिया गया।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले में नगरपरिषद आयुक्त पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।1
- साइबर थाना पुलिस ने लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय साइबर ठग को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी ₹3,16,230 के साइबर धोखाधड़ी के मामले में हुई है, जिसके आरोपी को झारखंड से पकड़ा गया है। थाना अधिकारी कैलाश चंद ने सोमवार शाम 4:00 बजे जानकारी दी कि एक परिवादी ने डॉक्टर की अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल से नंबर लिया था। साइबर अपराधियों ने गूगल पर अपना फर्जी नंबर डाल रखा था, जिससे परिवादी ने उनसे संपर्क किया। अपराधियों ने अपॉइंटमेंट के नाम पर पैसे डलवाने और ओटीपी प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन जब वे सफल नहीं हुए, तो उन्होंने मोबाइल पर एक .apk फ़ाइल भेजकर परिवादी के मोबाइल फोन को हैक कर लिया। इसके बाद, परिवादी रामकेश जाटव के खाते से ₹3,16,230 उड़ा लिए गए। पुलिस ने एसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे 'एंटी-वायरस' अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी तसनीम अंसारी, पुत्र नसीम अख्तर अंसारी, निवासी चौरापट्टी, थाना हरिहरपुर गोमोह, जिला धनबाद, झारखंड को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में पहले भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच में सामने आया कि परिवादी के खाते से ₹1 लाख की राशि सीधे आरोपी के बैंक ऑफ इंडिया के खाते में स्थानांतरित हुई थी। आरोपी तसनीम अंसारी की सामूहिक रूप से अवैध समूह बनाकर साइबर अपराध से संबंधित 520 गंभीर वारदातों में लिप्त होने वाले पूर्व गिरफ्तार शुदा आरोपियों से सांठगांठ पाई गई है।1
- गंगापुर सिटी के खंडिप गांव में धरना स्थल पर 411 गांवों से आए किसानों का ज़ोरदार स्वागत किया गया। इन किसानों का स्वागत जेसीबी मशीन से पुष्प वर्षा करके, अन्य किसानों द्वारा, और उपनेता प्रतिपक्ष विधायक रामकेश मीणा द्वारा फूल बरसाकर किया गया।1
- करौली जिले के हिण्डोन में मंगलवार सुबह 11:00 बजे, भाजपा महिला मोर्चा जिला करौली द्वारा राष्ट्रीय अखंडता के प्रबल पैरोकार, राष्ट्र की एकता के लिए जीवन बलिदान करने वाले, प्रखर राष्ट्रवादी, भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान शिक्षाविद तथा भाजपा की प्रेरणा कुंज श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि मनाई गई। यह श्रद्धांजली सभा जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल के नेतृत्व में भाजपा जिला कार्यालय स्थित उनके निज निवास पर आयोजित की गई। इस अवसर पर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में लज्जा रानी अग्रवाल के साथ निशा अग्रवाल, कांता कोली, मोहन सिनेमा, यस अग्रवाल, वंश अग्रवाल, नक्ष अग्रवाल, शाहरुख, फारूक, आदिल, आसिफ, जस्सू और भोलू सहित कई अन्य व्यक्ति मौजूद रहे।2
- एक संदेश में माता-पिता की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन अभिभावकों को शायद यह भी पता नहीं होगा कि उनका बच्चा कहाँ है, जो बच्चों के प्रति उनकी गंभीर अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है।1