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More news from Vaishali and nearby areas
- Post by Ankesh Thakur1
- बिहार राज्य में शराबबंदी कानून लागू है और पुलिस को शराब पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहाँ शराब पकड़ने के लिए गई पुलिस टीम ने खुद ही शराब पीना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र स्थित हनुमाननगर गाँव में सोमवार को पुलिस ने जहानाबाद न्यायालय के आदेश पर फरार आरोपी के घर कुर्की-जप्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से गैस सिलेंडर, चौकी, खिड़की, किवाड़ और बर्तन सहित कई घरेलू सामान जब्त कर लिए। थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि जहानाबाद कोर्ट से मिले आदेश के तहत हनुमाननगर निवासी रंजीत दास, जो स्वर्गीय राम जी दास के पुत्र हैं, के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी रंजीत दास लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा था और लगातार फरार चल रहा था। न्यायालय ने उसे कई बार पेश होने के लिए नोटिस भेजे थे, लेकिन उसने लगातार कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की। बताया गया है कि यह मामला वर्ष 2017 में जहानाबाद उत्पाद विभाग द्वारा आरोपी के खिलाफ दर्ज किया गया था। मामले में लगातार अनुपस्थित रहने के बाद न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुर्की का आदेश जारी किया। इस कुर्की-जप्ती अभियान में पुलिस अवर निरीक्षक रामकुमार, संजय सिंह, वशिष्ठ राम और एसके पाल सहित पुलिस बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वाले फरार आरोपियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- बिहार की राजधानी पटना में स्थित इस्कॉन मंदिर ने रविवार को एक नौकायन महोत्सव का आयोजन किया। यह महोत्सव अदालतगंज स्थित तालाब में संपन्न हुआ, जिसमें पूरे इलाके में 'हरे रामा हरे कृष्णा' के जयकारे गूंज उठे। इन जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया।1
- वैशाली जिले के चेहरा काला प्रखंड में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे एक प्रेमी को गांव वालों ने पकड़ लिया। ग्रामीणों ने प्रेमी को रस्सी से बांधकर उसकी जमकर पिटाई की।1
- पटना के खुसरूपुर में पत्रकार सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आज़ादी के समर्थन में एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया, जिसमें मानव अधिकार मंच बिहार प्रदेश के बैनर तले जिले भर से सैकड़ों पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। यह धरना मशहूर यूट्यूबर एवं विश्व फास्ट न्यूज के संचालक रिपोर्टर निर्भय कुमार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर किया गया, जिनका यू-ट्यूब चैनल करीब दो माह पहले कथित तौर पर हैकर के माध्यम से डिलीट करा दिया गया था। इस मामले में प्रखंड के एक जिला परिषद सदस्य पति का नाम सामने आया है। पीड़ित पत्रकार द्वारा स्थानीय थाना में सबूतों के साथ आवेदन भी दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में भारी आक्रोश है। न्याय की मांग को लेकर निर्भय कुमार धरने पर बैठ गए, जिसे जिले के सैकड़ों पत्रकारों ने अपना समर्थन दिया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता रामयतन यादव ने की, जबकि मंच संचालन का जिम्मा गजेन्द्र प्रसाद और पत्रकार कौशल कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से संभाला। धरना स्थल पर पत्रकारों के अलावा कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष सोनी जसवाल, वरिष्ठ शिक्षक शशिकांत प्रसाद, कुक्कू फाउंडेशन के संस्थापक दिलीप कुमार, पार्षद हिमांशु राज बिट्टू, गणेश सिंह, अजय कुमार, विनीता देवी, शिव शक्ति वॉरियर्स के अध्यक्ष अजीत तिवारी, कौशलेंद्र यादव और कई अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे। धरना में मौजूद वक्ताओं ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी भी पत्रकार की आवाज को दबाने का प्रयास न किया जा सके। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।4
- तेज 45°C की गर्मी के बीच ब्रांडेड बोतलों, 20 लीटर के जार, टंकी और अन्य प्लास्टिक स्टोरेज में रखे पानी के उपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। यह स्थिति एक्वाफिना, किनले और बिसलेरी जैसे ब्रांडेड उत्पादों पर भी लागू होती है, जिसे एक 'जमीनी हकीकत' बताया गया है। समाचार पोस्ट के अनुसार, हालांकि इस विषय पर रिसर्च अभी जारी है, लेकिन लोगों को अपनी जिंदगी के प्रति सचेत रहने और सावधानी बरतने का फैसला स्वयं लेना चाहिए। 'अब तक बिहार' नामक मंच ने खुद को निष्पक्ष खबरें प्रस्तुत करने वाला बताया है, जहां 'सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है'।1
- राजद की कार्यकर्ता सीमा कुशवाहा ने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती दी है। उन्हें 'खूबसूरत कार्यकर्ता' के रूप में संदर्भित किया गया है, जिन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को ललकारा है।1
- रेल विकास एवं विस्तार मंच ने सोमवार को समस्तीपुर शहर के स्टेशन रोड में एक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य समस्तीपुर के निवासियों से 29 मई, 2026 को डीआरएम (मंडल रेल प्रबंधक) के समक्ष आयोजित होने वाले एकदिवसीय उपवास आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील करना था, ताकि इस कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके। अभियान के दौरान स्टेशन चौक पर एक सभा का भी आयोजन किया गया, जहाँ समस्तीपुर रेल मंडल क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं पर प्रकाश डाला गया। इनमें अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण, रेल कारखाना में मशीन की व्यवस्था कर पूर्णरूपेण रेल डिब्बे का पीओएच (पीरियोडिक ओवरहॉलिंग) कार्य शुरू करना, कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर, केबल स्थान- कर्पूरीग्राम, दलसिंहसराय से पटोरी और मुक्तापुर से कुशेश्वरस्थान नई रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दिलाकर उनका निर्माण कार्य शुरू करना जैसी महत्वपूर्ण माँगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, समस्तीपुर जंक्शन पर वाशिंग पिट का निर्माण, रेल अस्पताल को अनुमंडल अस्पताल का दर्जा देना, टुनटुनिया रेल ओवरब्रिज का जीर्णोद्धार, माधुरी चौक स्थित रेल ओवरब्रिज का चौड़ीकरण, समस्तीपुर जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनें चलाना, भोला टाकीज एवं मुक्तापुर रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उसमें तेजी लाना, तथा माधुरी चौक स्थित चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना भी प्रमुख मांगों में से थे। मंच ने अधूरी रेल परियोजनाओं और निर्माण कार्यों में जारी अनियमितताओं पर रोक लगाने की भी मांग की। सभा को संबोधित करते हुए रेल विकास मंच के संयोजक शत्रुघ्न पंजी ने बताया कि 29 मई, 2026 को सुबह 11 बजे से समस्तीपुर डीआरएम के समक्ष यह एकदिवसीय उपवास आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय से रेल क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन चलाए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ मांगें पूरी हुई हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन द्वारा अधिकांश मांगों पर संतोषजनक पहल नहीं की गई है। इसी कारण, अब चरणबद्ध आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस जनसंपर्क अभियान में सुरेंद्र प्रसाद सिंह, रामसागर पासवान, अर्जुन राय, विश्वनाथ सिंह हजारी, राकेश ठाकुर, मनोज कुमार राय, शंभू राय, जीतेंद्र कुमार, सुशील कुमार राय, शाहीद हुसैन, रामगुलेब राय, सुधीर कुमार देव, राम विनोद पासवान, सत्यनारायण सिंह, अरविंद कुमार, संतोष कुमार निराला सहित कई सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और रेल आंदोलन से जुड़े लोग मौजूद थे, जिन्होंने सभी से 29 मई के उपवास आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।1