खगड़िया में किरण देव यादव ने अपनी कविता के माध्यम से मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा न मिलने पर गहरा आक्रोश और निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि दूसरों को तो दही-चूड़ा भेजा गया, लेकिन उनके हिस्से में मकर संक्रांति पर भी चूड़ा नहीं आया। जब उन्होंने इस संबंध में बात की, तो उन्हें टेढ़ी नजरों से घूरा गया, गुस्सा दिखाया गया और चुप रहने के लिए छूरी दिखाकर धमकाया गया। कविता में शिकायत की गई है कि सच बोलने पर उनसे नूरा कुश्ती लड़ी गई और सामने वाला एक बार जाने के बाद दोबारा पीछे नहीं मुड़ा। किरण देव यादव का कहना है कि तिलकुट, तिलवा या घीवर न सही, लेकिन कम से कम दही-चूड़ा तो खिलाया जाना चाहिए था। वह दही-चूड़ा पाने के लिए आरजू करते-करते थक चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक दही नहीं भेजा गया। वे अंत में मांग करते हैं कि यदि देना ही है तो अब इतना दही-चूड़ा दिया जाए कि वह पत्तल से बाहर बहने लगे।
खगड़िया में किरण देव यादव ने अपनी कविता के माध्यम से मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा न मिलने पर गहरा आक्रोश और निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि दूसरों को तो दही-चूड़ा भेजा गया, लेकिन उनके हिस्से में मकर संक्रांति पर भी चूड़ा नहीं आया। जब उन्होंने इस संबंध में बात की, तो उन्हें टेढ़ी नजरों से घूरा गया, गुस्सा दिखाया गया और चुप रहने के लिए छूरी दिखाकर धमकाया गया। कविता में शिकायत की गई है कि सच बोलने पर उनसे नूरा कुश्ती लड़ी गई और सामने वाला एक बार जाने के बाद दोबारा पीछे नहीं मुड़ा। किरण देव यादव का कहना है कि तिलकुट, तिलवा या घीवर न सही, लेकिन कम से कम दही-चूड़ा तो खिलाया जाना चाहिए था। वह दही-चूड़ा पाने के लिए आरजू करते-करते थक चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक दही नहीं भेजा गया। वे अंत में मांग करते हैं कि यदि देना ही है तो अब इतना दही-चूड़ा दिया जाए कि वह पत्तल से बाहर बहने लगे।
- खगड़िया के एक गांव में कुमार लड़कों को उनकी जमीन से जबरन भगाए जाने और उन्हें उनके परिवारों से अलग किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से परेशान होकर पीड़ित ने देशवासियों से मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि उनके गांव में बहुत गलत काम हो रहा है, जिससे लोग बेहद लाचार हैं। पीड़ित का आरोप है कि बिहार में एक गलत कानून चल रहा है, जिसे सही तरीके से लागू या काम में नहीं लाया जा रहा है। इसी अव्यवस्था के खिलाफ पीड़ित ने लोगों से आगे आकर मदद करने की अपील की है।1
- बिहार के खगड़िया से संचालित जगदूत न्यूज एजेंसी और पेपर का मोबाइल नंबर 8340470030 जारी किया गया है।1
- मुंगेर के बरियारपुर में हुए एक सड़क हादसे में मछुआरे की मौत हो गई है। यह मामला हिट एंड रन का बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद पुलिस जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और शव को सदर अस्पताल से जुड़े घटनाक्रम के तहत ले जाया गया है।1
- मुंगेर के छाता चौक पर एक मिनी ट्रक से 3,447 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। इस बरामदगी के साथ ही मिनी ट्रक के चालक और उपचालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत मनारी गाछी लखमीनिया से बलिया पुलिस ने महिला की लज्जा भंग करने के मामले में फरार चल रहे एक NBW वारंटी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया यह आरोपी पूर्व से दर्ज मामले में लगातार फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने आखिरकार पकड़ने में सफलता हासिल की है।1
- खगड़िया के गोगरी प्रखंड की रामपुर पंचायत में पिछले तीन-चार दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बिजली नहीं रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है और उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। बिजली को दोबारा बहाल करने के लिए जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और मानव बल लगातार काम में जुटे हुए हैं। रामपुर पंचायत के सरपंच नूर आलम ने रविवार की शाम करीब पांच बजे बताया कि नया ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जा रहा है और आवश्यक तकनीकी कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नया ट्रांसफार्मर चार्ज होने में कम से कम पांच घंटे का समय लगता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कार्य पूरा होने के बाद रविवार देर रात 10 से 11 बजे के बीच रामपुर पंचायत के वार्ड संख्या 9, 8, 7, 6, 5 और 4 में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सरपंच ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है ताकि विभाग प्रभावित वार्डों में जल्द से जल्द निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू कर सके।2
- बिहार में बनाए गए एक भूमि संबंधी कानून को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और इसे बेहद गलत कानून बताया जा रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सरकार को सबसे पहले उन लोगों की समस्या का समाधान निकालना चाहिए जिनकी जमीनों पर कब्जा किया गया है ताकि पीड़ित को उसकी जमीन वापस मिल सके। लेकिन इसके विपरीत, जो लोग सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, उनके घर के पास ही किसी अन्य अनजान व्यक्ति को रहने की इजाजत दी जा रही है। जब पीड़ित के पिता ने इस पर सवाल उठाया कि उनके बच्चे कहाँ रहेंगे, तो इस बात को नजरअंदाज कर अनजान व्यक्ति को उनके घर के पास रहने की जगह दे दी गई। इस अन्यायपूर्ण स्थिति से परेशान होकर पीड़ित ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोगों से इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है ताकि गलत कानून की वजह से कोई भी लड़का गलत कदम उठाने पर मजबूर न हो। पीड़ित ने बेहद तीखे शब्दों में कहा है कि बिहार की यह गलत सरकार और गलत कानून अक्सर लोगों को बदमाश बनने, आतंकवाद की राह पर जाने या गलत रास्ते पर चलने के लिए मजबूर कर देते हैं। पीड़ित ने इस पूरे मामले में न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है।1
- आगरा में आरपीएफ (RPF) के पुलिसवाले रेलवे स्टेशन के डिप्टी अधीक्षक को घसीटते हुए अपने साथ ले गए।1