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पुलिस आयुक्त के द्वारा कार्यवाही नहीं करने से वकीलों में रोष व्याप्त भोपाल। नगरीय पुलिस प्रणाली में सहायक आयुक्त न्यायालय में पदस्थ शाहजहानाबाद में पुलिस वालों के खिलाफ पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार को की गई शिकायतों पर अमल नहीं होने से अधिवक्ताओं में काफी रोष व्याप्त है।वही भ्रष्टाचार में लिप्त निरंकुश पुलिस वाले जमकर धन पीठ रहे हैं। पिछले दो दिन से पुलिस वाले वकीलों की जगह खुद ही जमानत कार्य निपटाते दिखे। आरक्षक कृष्ण गोपाल नागर को सहायक पुलिस आयुक्त अनिल बाजपेई के मिले संरक्षण का ही परिणाम है कि वह धड़ल्ले से वकीलों के हक पर डाका डाल रहा है। पुलिस आयुक्त द्वारा कार्यवाही नहीं करने से अब मामला पुलिस महानिदेशक के दरबार पहुंच गया है।
Dr.SYED KHALID QAIS
पुलिस आयुक्त के द्वारा कार्यवाही नहीं करने से वकीलों में रोष व्याप्त भोपाल। नगरीय पुलिस प्रणाली में सहायक आयुक्त न्यायालय में पदस्थ शाहजहानाबाद में पुलिस वालों के खिलाफ पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार को की गई शिकायतों पर अमल नहीं होने से अधिवक्ताओं में काफी रोष व्याप्त है।वही भ्रष्टाचार में लिप्त निरंकुश पुलिस वाले जमकर धन पीठ रहे हैं। पिछले दो दिन से पुलिस वाले वकीलों की जगह खुद ही जमानत कार्य निपटाते दिखे। आरक्षक कृष्ण गोपाल नागर को सहायक पुलिस आयुक्त अनिल बाजपेई के मिले संरक्षण का ही परिणाम है कि वह धड़ल्ले से वकीलों के हक पर डाका डाल रहा है। पुलिस आयुक्त द्वारा कार्यवाही नहीं करने से अब मामला पुलिस महानिदेशक के दरबार पहुंच गया है।
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- भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता पर आयकर विभाग का बड़ा छापा 11 मार्च 2026, भोपाल राजधानी भोपाल में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर छापा मारा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से आई आयकर विभाग की टीम ने भोपाल स्थित गुप्ता के कई ठिकानों पर सुबह-सुबह एक साथ रेड डाली। कार्रवाई में आईटी यानी इनकम टैक्स की टीम भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक छापे की कार्रवाई सुबह से लगातार जारी है और टीम दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी भोपाल में eow ने दिलीप गुप्ता के दो ठिकानों पर छापा मारा था, जहां से टीम को भारी मात्रा में नकदी, दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण फाइलें बरामद हुई थीं। फिलहाल आयकर विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है और छापे के बाद बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।4
- भोपाल.... राजधानी में एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का बयान हमने गैस वितरको के साथ बैठक की है , गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी ना हो स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है इसको लेकर गाइडलाइन भी जारी की है ,निर्देश दिए गए हैं... शादी सीजन में गैस कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर कहा - अभी सिर्फ इसमें अत्यावश्यक सेवाओं हॉस्पिटल ,शैक्षणिक संस्थाओं को छूट दी गई है *बड़े तालाव से अतिक्रमणहटाने पर बोले कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह* सर्वे पूरा हो चुका है, छोटे बड़े सभी अतिक्रमण चिह्नित कर लिए गए हैं सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे1
- भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके शाहपुरा स्थित डीके कॉटेज कॉलोनी में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉलोनी की रहवासी समिति ने अचानक तोड़फोड़ शुरू कर दी। समिति के पदाधिकारियों ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए न केवल लोगों के घरों के सामने के रास्तों को 'कब्जा' बताकर ढहा दिया, बल्कि कई घरों के निर्माण को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। न नोटिस, न सूचना: सीधे कार्रवाई पीड़ित रहवासियों का आरोप है कि समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्य अपनी मनमानी पर उतारू हैं। इस पूरी कार्रवाई से पहले किसी भी घर को न तो कोई कानूनी नोटिस दिया गया और न ही कोई पूर्व सूचना दी गई। सुबह अचानक मजदूरों और हथौड़ों के साथ पहुँची समिति की टीम ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे रहवासी हक्के-बक्के रह गए। भोपाल में अपनी तरह का पहला मामला जानकारों का कहना है कि भोपाल के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है, जब किसी हाउसिंग सोसाइटी या समिति ने प्रशासन और नगर निगम के अधिकारों को अपने हाथ में लेकर इस तरह की बड़ी तोड़फोड़ की हो। आमतौर पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नगर निगम या जिला प्रशासन द्वारा कानूनी नोटिस के बाद की जाती है, लेकिन यहाँ समिति खुद ही 'जज' और 'जमीन मालिक' बन बैठी है। अध्यक्ष की मनमानी पर उठे सवाल कॉलोनी के लोगों में समिति के अध्यक्ष के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। यदि कोई अतिक्रमण था भी, तो उसके लिए विधिवत प्रक्रिया का पालन होना चाहिए था। निजी समिति को किसी का घर तोड़ने का संवैधानिक अधिकार किसने दिया, यह अब जांच का विषय है। फिलहाल, पीड़ित परिवार इस मामले में पुलिस और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस 'निजी बुलडोजर संस्कृति' पर क्या कार्रवाई करता है।1
- कमर्शियल एलपीजी क्राइसिस: *भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत, रेस्टोरेंट-होटल संचालकों की बढ़ी चिंता* भोपाल में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडर मिलने में परेशानी सामने आ रही है। शहर गैस एजेंसियों पर ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है।1
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