गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में कुछ वाहन चालकों ने शिकायत की है कि पेट्रोल में 15–20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण (E20) वाले ईंधन के उपयोग से उन्हें अपनी बाइक और कार के रखरखाव में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन वाहन चालकों का दावा है कि इस ईंधन के कारण वाहन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है और उन्हें बार-बार फ्यूल टैंक व फ्यूल सिस्टम की सफाई करवानी पड़ रही है। गौरतलब है कि भारत सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के तहत ऑयल कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही हैं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता को कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। इसी कड़ी में वर्तमान में कई स्थानों पर E20 यानी 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस विषय पर विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल मिलाने से सभी बाइक और कार खराब हो रही हैं, यह कहना सही नहीं है क्योंकि कई नए वाहन E20 के पूर्णतः अनुरूप बनाए गए हैं। समस्या मुख्य रूप से पुराने या E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों में अधिक देखी जा सकती है। यदि वाहन E20 ईंधन के अनुरूप डिज़ाइन नहीं किया गया है, तो पुराने मॉडलों में इंजन, फ्यूल लाइन, रबर के पुर्जों और माइलेज पर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को निर्माता के निर्देशों का पालन करने और समय-समय पर सर्विसिंग कराने की सलाह दी है। इसके अलावा, यदि किसी वाहन चालक को पेट्रोल पंप के ईंधन की गुणवत्ता पर संदेह होता है, तो वह संबंधित ऑयल कंपनी के शिकायत पोर्टल या उपभोक्ता हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में कुछ वाहन चालकों ने शिकायत की है कि पेट्रोल में 15–20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण (E20) वाले ईंधन के उपयोग से उन्हें अपनी बाइक और कार के रखरखाव में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन वाहन चालकों का दावा है कि इस ईंधन के कारण वाहन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है और उन्हें बार-बार फ्यूल टैंक व फ्यूल सिस्टम की
सफाई करवानी पड़ रही है। गौरतलब है कि भारत सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के तहत ऑयल कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही हैं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता को कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। इसी कड़ी में वर्तमान में कई स्थानों पर E20 यानी 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जा
रहा है। इस विषय पर विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल मिलाने से सभी बाइक और कार खराब हो रही हैं, यह कहना सही नहीं है क्योंकि कई नए वाहन E20 के पूर्णतः अनुरूप बनाए गए हैं। समस्या मुख्य रूप से पुराने या E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों में अधिक देखी जा सकती है। यदि वाहन E20 ईंधन के अनुरूप डिज़ाइन नहीं किया गया है, तो पुराने मॉडलों में इंजन,
फ्यूल लाइन, रबर के पुर्जों और माइलेज पर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को निर्माता के निर्देशों का पालन करने और समय-समय पर सर्विसिंग कराने की सलाह दी है। इसके अलावा, यदि किसी वाहन चालक को पेट्रोल पंप के ईंधन की गुणवत्ता पर संदेह होता है, तो वह संबंधित ऑयल कंपनी के शिकायत पोर्टल या उपभोक्ता हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
- गाजियाबाद नगर निगम का मुख्यालय 10 अप्रैल 2026 को हुई बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गया। शहर को जलभराव से मुक्त रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले निगम कार्यालय के भीतर पानी भर जाने से वहां कीचड़ फैल गया और सरकारी फाइलों का ढेर भीग कर क्षतिग्रस्त हो गया है। सामने आई तस्वीरों से स्पष्ट है कि राजस्व, संपत्ति कर और निर्माण अनुमति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज पानी में डूब गए हैं, जिससे भविष्य में आम नागरिकों के काम प्रभावित होने की पूरी आशंका बनी हुई है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नगर निगम की ओर से मानसून पूर्व तैयारियों के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। इस स्थिति ने निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि यदि वे अपना कार्यालय ही सुरक्षित नहीं रख सकते, तो शहर को जलभराव से कैसे बचाएंगे। स्वतंत्र पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, क्षतिग्रस्त दस्तावेजों के संरक्षण, उनके डिजिटलीकरण और शहर में जलनिकासी के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना को सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई है।4
- गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक दामाद ने अपने ससुर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपी दामाद ने ससुर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।1
- गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में 9 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:00 बजे करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान नरेंद्र काछी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला था। घटना उस समय हुई जब वह बारिश का पानी भरे रास्ते के किनारे से गुजर रहा था और अचानक ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से उसकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर इंदिरापुरम पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचायतनामा की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस मामले में परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम, सूर्यबली मौर्य के अनुसार, मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- गाजियाबाद के कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम सिटी कार्यालय में शुक्रवार को नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता एडीएम सिटी विकास कश्यप ने की। बैठक के दौरान एडीएम सिटी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों के आसपास शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन होने पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों को एक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके। प्रशासन ने श्रावण मास को देखते हुए मादक पदार्थों की तस्करी और खरीद-फरोख्त के खिलाफ अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। एडीएम सिटी ने निर्देश दिए हैं कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरती जाए, इंटेलिजेंस नेटवर्क को और अधिक बेहतर बनाया जाए और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर ड्रग माफियाओं पर नकेल कसी जाए। इसके साथ ही कोडीन युक्त दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है। नशा मुक्ति के प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को विद्यालयों, अस्पतालों तथा सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में वाद-विवाद, चित्रकला, स्लोगन और निबंध प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य, पुलिस, नारकोटिक्स सेल, खाद्य, ड्रग इंस्पेक्टर, समाज कल्याण, शिक्षा, वन और यातायात विभाग के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के बहुचर्चित डेढ़ वर्षीय मासूम आरव हत्याकांड में जिला न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने एकतरफा प्यार की सनक में मासूम की नृशंस हत्या को जघन्य अपराध मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड से दंडित किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के सुनाए जाने के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अदालत परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोतवाली थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस इलाके से मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक वकील और पुलिसकर्मी के बीच राहगीरों और अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में जमकर लात-घूंसे चलते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना का संज्ञान लेते हुए जॉइंट सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) विपिन टाडा ने कार्रवाई की है। वीडियो में दिख रहे यूपी-112 में तैनात एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, इस मारपीट में शामिल दूसरा सिपाही पहले से ही किसी अन्य मामले में निलंबित चल रहा था।1