अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जमुई जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर के नया सदन में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सौजन्य से एक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। वक्ताओं ने वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण उत्पन्न हो रही अनेक प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखने का एक माध्यम है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का भी एक प्रभावी साधन है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय एवं ऊर्जावान बना रहता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया, साथ ही यह भी बताया गया कि योग भारत की एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। योग के माध्यम से व्यक्ति स्वयं को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बना सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में योग के महत्व पर जोर देते हुए एक स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित रूप से योग करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने के संकल्प के साथ हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जमुई जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर के नया सदन में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सौजन्य से एक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। वक्ताओं ने वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण उत्पन्न हो रही अनेक प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखने का एक माध्यम है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का भी एक प्रभावी साधन है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय एवं ऊर्जावान बना रहता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया, साथ ही यह भी बताया गया कि योग भारत की एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। योग के माध्यम से व्यक्ति स्वयं को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बना सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में योग के महत्व पर जोर देते हुए एक स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित रूप से योग करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने के संकल्प के साथ हुआ।
- जमुई जिले के सभी 10 प्रखंडों में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जीविका दीदियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघों द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में स्वयं सहायता समूहों की बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ-साथ जीविका कर्मियों और कैडरों ने भी सक्रिय भागीदारी की। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" यानी "स्वस्थ आयु के लिए योग" रही। कार्यक्रम के दौरान सभी महिलाओं ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और समाज को स्वस्थ व जागरूक बनाने का संकल्प लिया।1
- जमुई में NEET की दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है, और खबर में इस संबंध में बच्चों के अभिभावकों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को जानने का आग्रह किया गया है।1
- जातिवाद की राजनीति करने वाले व्यक्तियों पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि जब वे सत्ता प्राप्त करते हैं, तो उनका मुख्य उद्देश्य अपने परिवार के सदस्यों का पेट भरना होता है। यह बयान इस बात पर ज़ोर देता है कि ऐसी राजनीति करने वाले लोग जनता की सेवा के बजाय केवल अपने निजी और पारिवारिक हितों को साधने में लगे रहते हैं।1
- देवघर से एक वीडियो सामने आया है, जिसने स्थानीय स्थिति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो इस बात को लेकर प्रश्नचिह्न लगा रहा है कि क्या यह स्थानीय ट्रैफिक व्यवस्था का मामला है या फिर दबंगई का प्रदर्शन।1
- बिहार के जमुई जिले में स्थित नक्सलियों के पुराने गढ़ कहे जाने वाले गुरमाहा क्षेत्र में योग का संदेश गूंजा है। इस अवसर पर मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि अब यह क्षेत्र विकास और स्वास्थ्य की नई पहचान के रूप में जाना जाएगा।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया है, जिसे '#samrat4bjp' नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया है। पोस्ट में दर्शकों से इस वीडियो के संबंध में उनकी राय मांगी गई है।1
- जमुई पुलिस लाइन में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह के दौरान एक अत्यंत भावुक दृश्य देखने को मिला, जब प्रशिक्षु पुलिसकर्मी नीलू ने अपनी मां के चरणों में दंडवत प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। यह पल समारोह का सबसे प्रेरणादायक और यादगार क्षण बन गया, जिसने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। इस दीक्षांत परेड में प्रशिक्षण पूरा करने वाले जवानों ने अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति की शपथ ली। समारोह में पुलिस अधिकारी, परिजनों और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जहाँ नीलू द्वारा अपनी मां के प्रति व्यक्त सम्मान और परेड की प्रमुख झलकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।1
- जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र के गुहिया जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने विशेष सर्च अभियान चलाकर जमीन में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नक्सली सामग्री, हथियारों के पुर्जे, आईईडी बनाने का सामान और नक्सली साहित्य बरामद किया। बरामद की गई सामग्री में हथियारों के पुर्जे और उनकी सफाई का सामान, नक्सलियों की 55 काली वर्दी बेल्ट, एके-47, इंसास, एसएलआर और .303 राइफल के पार्ट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल मल्टीमीटर, बैटरियां, स्विच, नट-बोल्ट और अन्य विस्फोटक सामग्री भी मिली है। सुरक्षाबलों को लगभग 850 नक्सली पंपलेट, रसीद बुक और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित साहित्य भी प्राप्त हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका पहले नक्सलियों द्वारा प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग किया जाता था। बरामद सामग्री के आधार पर आगे की जांच जारी है और पुलिस नक्सली नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।1