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दमोह के माननीय सांसद राहुल सिंह ने हाल ही में फतेहपुर अजब धाम का दौरा किया, जहाँ वे संध्या वंदन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर, उन्होंने 'जय जय सरकार' की आरती में भाग लिया और रामधन संकीर्तन संध्या भजन में शामिल होकर पुण्य अर्जित करते हुए दिखाई दिए। यह मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध माना जाता है, जहाँ राम लला सरकार विराजमान हैं। यहाँ दूर-दराज से भक्त दर्शन के लिए आते हैं, और मंदिर में समय-समय पर मेलों का आयोजन भी किया जाता है।
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दमोह के माननीय सांसद राहुल सिंह ने हाल ही में फतेहपुर अजब धाम का दौरा किया, जहाँ वे संध्या वंदन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर, उन्होंने 'जय जय सरकार' की आरती में भाग लिया और रामधन संकीर्तन संध्या भजन में शामिल होकर पुण्य अर्जित करते हुए दिखाई दिए। यह मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध माना जाता है, जहाँ राम लला सरकार विराजमान हैं। यहाँ दूर-दराज से भक्त दर्शन के लिए आते हैं, और मंदिर में समय-समय पर मेलों का आयोजन भी किया जाता है।
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- दमोह जिले की हटा पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित एक टीम द्वारा की गई, जिसके उपरांत आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि हटा पुलिस महिलाओं एवं बच्चियों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।2
- मध्य प्रदेश के मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की एक घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ असामाजिक तत्व यात्रियों को परेशान करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने मैहर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- दमोह शहर के खजरी मोहल्ला में जुआ खेलने का विरोध करने पर एक परिवार के घर पथराव और जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। रविवार शाम को कोतवाली पुलिस ने इस घटना के दो आरोपियों संदीप आठिया और भगवाचंद अहिरवार का पैदल जुलूस निकाला। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अपराधियों के प्रति लोगों का भय समाप्त करना और असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ पैदा करना है। यह घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को हुई थी, जब शराब के नशे में धुत करीब दो दर्जन असामाजिक तत्वों ने जुआ खेलने से मना करने पर एक परिवार के घर पर पथराव किया था। इस हमले में परिवार के दो सदस्य घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने तुरंत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने घटना स्थल से ही इन दोनों आरोपियों, संदीप आठिया और भगवाचंद अहिरवार को गिरफ्तार किया। इसके बाद, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन और सीएसपी एच.आर. पांडे के मार्गदर्शन में, कोतवाली टीआई मनीष कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ रविवार शाम 7 बजे आरोपियों का जुलूस खजरी मोहल्ला से निकाला गया। जुलूस के दौरान आरोपियों से "अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है" के नारे भी लगवाए गए। घटनास्थल पर आरोपियों का जुलूस देखते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि शहर में गुंडागर्दी, उपद्रव फैलाने और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- कटनी में नगर के पत्रकार अभिमन्यु विश्वकर्मा को बिलहरी तालाब के पास कथित सट्टा गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ समाचार संकलन और कवरेज के लिए मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस कवरेज से नाराज़ कुछ लोगों ने पत्रकार को दबाव में लेने और उन्हें झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें पत्रकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, संबंधित पक्ष का कहना है कि उनके पास उपलब्ध वीडियो फुटेज घटनास्थल की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या पत्रकारों को अपना कर्तव्य निभाना छोड़ देना चाहिए या जनहित के मुद्दों को उजागर करने वाले पत्रकारों को झूठे आरोपों के ज़रिए चुप कराने का प्रयास किया जाएगा। इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए एक चिंता का विषय बताया जा रहा है। पत्रकार संगठनों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यात्मक जांच की मांग की है, ताकि वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने आ सके। यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि शिकायत दुर्भावनावश एवं झूठे तथ्यों के आधार पर की गई थी, तो झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध भी कानून के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। कहा गया है कि "लोकतंत्र में पत्रकारिता चौथा स्तंभ मानी जाती है। यदि पत्रकारों को ही डराने, धमकाने और झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश होगी, तो समाज के सामने सच लाने की प्रक्रिया प्रभावित होगी।" बताया जा रहा है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि पूर्व में भी कई पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान विरोध, धमकियों और झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। सभी की निगाहें अब प्रशासन की जांच पर टिकी हैं, इस उम्मीद के साथ कि सच सामने आएगा और दोषी चाहे कोई भी हो, उसके विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई होगी, क्योंकि "कलम को झुकाया नहीं जा सकता।" अंत में यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर कब तक पत्रकारों को अपना दायित्व निभाने की कीमत झूठे आरोपों और बदनामी के रूप में चुकानी पड़ेगी, और अब समय है कि सत्य को सामने लाकर न्याय सुनिश्चित किया जाए।2
- दमोह कोतवाली क्षेत्र के खजरी मोहल्ले में देर रात एक विवाद के बाद पथराव की घटना सामने आई। मामले की सूचना मिलते ही टी आई मनीष कुमार सहित पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। दमोह पुलिस इस पूरे मामले की जांच में गंभीरता से जुटी हुई है।1