जागुवास में पथवारी माता का मेला धूमधाम से सम्पन्न, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ जागुवास गांव में पथवारी माता का वार्षिक मेला इस वर्ष बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। मेले में दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। मेले में भण्डारे का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति और ग्रामवासियों ने मिलकर व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मेले के सफल आयोजन से क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।
जागुवास में पथवारी माता का मेला धूमधाम से सम्पन्न, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ जागुवास गांव में पथवारी माता का वार्षिक मेला इस वर्ष बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। मेले में दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं
ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। मेले में भण्डारे का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति और ग्रामवासियों ने मिलकर व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला,
जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मेले के सफल आयोजन से क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।
- सोडावास. सोडावास के समीप चिरूनी गांव बस स्टैंड आस्था का प्रतीक माने जाने वाले हनुमान मंदिर आश्रम पर मंगलवार को मंदिर परिसर में ग्रामीणों के तत्वाधान में भंडारे का आयोजन हुआ। मंदिर संत दीपाई नाथ महाराज अतिथियों व श्रद्धालुओं का स्वागत किया। भंडारे में चिरूनी गांव के विमल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भंडारे में श्रद्धालुओं को पंगत में बैठकर प्रसादी खिलाई। उधर अरुण तिवाडी ने कार्यक्रम व भंडारे की देखरेख की जिम्मेदारी निभाई । भंडारे में और चिरूनी, हटूंडी, कालूका, भिवाड़ा, रामबास, पिपली, मुंडिया खेड़ा, चुड़ला, जालपिवास, कोकावास सोडावास व आसपास के अनेकों गांवो के ग्रामीणों ने बैठकर भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। आश्रम के संत दीपाई नाथ महाराज के सानिध्य में महाराज सुखमई नाथ व बालक नाथ की अध्यक्षता में कार्यक्रम की शुरुआत हुई । प्रातः काल की बेला में आश्रम के प्रांगण में हनुमान जी महाराज को भोग लगाकर भंडारे की शुरुआत की। शोभायात्रा व कलश यात्रा का भव्य आयोजन ग्रामीणो की देखरेख में हुआ। भंडारे के दौरान बाबा हनुमान जी के जयकारों से आसपास का वातावरण गूंजयमान हो उठा। इस दौरान महिलाओं व पुरुषों व बच्चों ने पुण्य की प्राप्ति की। भंडारे कार्यक्रम का आयोजन चिरूनी के ग्रामीणों के तत्वावधान में हुआ । कार्यक्रम में हरियाणा के मशहूर कलाकार रामानंद सांगी एन्ड पार्टी, मुस्कान शर्मा झज्जर, मधुर शर्मा भिवानी सांस्कृतिक प्रोग्राम पेश किए । सोडावास... भंडारे में हुए पुनीत कार्यक्रम4
- Post by Om Parkash1
- भिवाड़ी एक बार फिर सरेआम गुंडागर्दी की घटना से दहल उठा। साथियों के साथ बाबा मोहन राम मंदिर जा रहे युवकों पर बीच सड़क हमला कर दिया गया1
- Post by Dainik news Haryana live1
- Post by Mandeep yadav1
- Post by Rajbala1
- Post by Om Parkash1
- Post by Sachin kumar1
- नाहरपुर गांव—जहां एक तरफ देश के नाम शहीद हुए हवलदार कल्लू सिंह जाट की वीरता की गूंज है, वहीं दूसरी तरफ विकास के दावों की सच्चाई भी साफ दिखाई देती है। गांव के पास ही करोड़ों की लागत से बना ESIC कॉलेज और मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र मौजूद है, लेकिन अफसोस की बात ये है कि इन सबके बावजूद यहां की सड़कें बदहाल हैं। टूटी-फूटी सड़कें, हर कदम पर गड्ढे और उन गड्ढों में भरा गंदा पानी—ये हालात सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजाना खतरे को न्योता दे रहे हैं। आम लोग, मजदूर, छात्र—हर कोई इस समस्या से जूझ रहा है। बारिश के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब सड़क और नाली का फर्क मिट जाता है। सवाल ये है कि जब इतने बड़े संस्थान और औद्योगिक क्षेत्र यहां मौजूद हैं, तो फिर बुनियादी सुविधाओं का इतना अभाव क्यों? क्या शहीद की इस धरती को सिर्फ वादों और योजनाओं में ही सम्मान मिलेगा, या जमीनी स्तर पर भी कुछ बदलेगा? अब वक्त है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दें और नाहरपुर के लोगों को इस परेशानी से राहत दिलाएं।1