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am a akash padhaai karne ke sath mein YouTube per bhi kam karta hun aur mere liye aapka Prem isane jaruri hai i am a akash padhaai karne ke sath mein YouTube per bhi kam karta hun aur mere liye aapka Prem isane jaruri hai
Akash
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- क्रिकेटर अजिंक्य Rahane की संन्यास पर बीसीसीआई का सम्मान1
- जो आँसू दुनिया नहीं समझती, उन्हें भगवान समझते हैं। ❤️🙏" "हर दर्द की दवा, सिर्फ़ विश्वास। ✨" "जब कोई साथ नहीं होता, तब भगवान साथ होते हैं। 🕉️" "विश्वास रखो, हर आँसू की कीमत भगवान जानते हैं। 🌙🤍" "दिल की बात भगवान तक बिना शब्दों के पहुँच जाती है। 🙏💫" "सब्र रखो, सही समय पर हर दुआ कबूल होती है। ❤️" "भगवान कभी किसी सच्चे दिल को अकेला नहीं छोड़ते। 🌸" "जिसे दुनिया नहीं समझती, उसे भगवान समझते हैं। 🙏✨" "जो आँसू दुनिया नहीं समझती, उन्हें भगवान समझते हैं। ❤️🙏" "हर दर्द की दवा, सिर्फ़ विश्वास। ✨" "जब कोई साथ नहीं होता, तब भगवान साथ होते हैं। 🕉️" "विश्वास रखो, हर आँसू की कीमत भगवान जानते हैं। 🌙🤍" "दिल की बात भगवान तक बिना शब्दों के पहुँच जाती है। 🙏💫" "सब्र रखो, सही समय पर हर दुआ कबूल होती है। ❤️" "भगवान कभी किसी सच्चे दिल को अकेला नहीं छोड़ते। 🌸" "जिसे दुनिया नहीं समझती, उसे भगवान समझते हैं। 🙏✨"1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- गढाकोटा पुलिस को बड़ी सफलता रू 4.04लाख से अधिक की शराब बरामद। खबर जिला सागर से। लोकेशन,,,,, थाना गढ़ाकोटा जिला सागर *गढ़ाकोटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध शराब का विशाल जखीरा जब्त, ₹4.04 लाख से अधिक की शराब बरामद* सागर, दिनांक 30 जुलाई 2026। पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिले में जुआ, सट्टा एवं अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रहली श्री प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में थाना गढ़ाकोटा पुलिस ने अवैध शराब के बड़े भंडारण का खुलासा करते हुए लाखों रुपये की शराब जब्त करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। दिनांक 29 जुलाई 2026 को थाना गढ़ाकोटा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि गढ़ाकोटा के बजरंग वार्ड स्थित एक मकान में अवैध रूप से भारी मात्रा में शराब का भंडारण कर बिक्री की जा रही है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अब्दुल गनी पिता शुभराती खान निवासी बजरंग वार्ड के मकान पर दबिश देकर विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान मकान के एक बंद कमरे से विभिन्न ब्रांडों की देशी एवं विदेशी शराब का भारी मात्रा में अवैध भंडारण मिला। मौके से सागर गोल्ड व्हिस्की, मैक डबल नं. 1, बॉम्बे व्हिस्की, आईबी व्हिस्की, मेजिक मोमेंट्स, रॉयल स्टैग व्हिस्की तथा लीमाउंट स्ट्रॉन्ग बीयर सहित विभिन्न ब्रांडों की कुल 564.780 बल्क लीटर शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,04,180 है। पुलिस द्वारा समस्त अवैध शराब विधिवत जब्त कर आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई तथा इसके वितरण नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। *सराहनीय भूमिका* इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गढ़ाकोटा निरीक्षक गौरव सिंह तिवारी, सउनि प्रेमनारायण शुक्ला, प्रधान आरक्षक डाल सिंह, राजेश पाण्डेय, विमलेश भटेले, बसंत मिश्रा तथा आरक्षक रवि पटैल, राहुल राय, थिरवम, प्रवीण, राजदीप तिवारी एवं कौस्तुभ मणि पाठक की उल्लेखनीय एवं सराहनीय भूमिका रही।1
- चलती एंबुलेंस में खत्म हुई ऑक्सीजन, 21 वर्षीय किडनी मरीज की मौत; स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। 21 वर्षीय किडनी मरीज अजीत बरैया की जिला अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया, जिससे मरीज ने तड़पते हुए अपने माता-पिता की गोद में दम तोड़ दिया। यह घटना 27 जुलाई की बताई जा रही है। मृतक अजीत बरैया सुनहरा माल गांव का निवासी था और किडनी की बीमारी से पीड़ित था। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। कलेक्टर ने बनाई 4 सदस्यीय जांच समिति मामले के तूल पकड़ने के बाद मंडला कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति को शीघ्र रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर जिम्मेदारी तय करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में क्या होगा? समिति यह पता लगाएगी कि— - क्या एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर वास्तव में खत्म हो गया था? - एंबुलेंस रवाना होने से पहले उपकरणों की जांच हुई थी या नहीं? - क्या निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया गया? - यदि लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार कौन है? स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज की मौत हुई, तो यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल होगा। - क्या एंबुलेंसों में ऑक्सीजन और जीवनरक्षक उपकरणों की नियमित जांच होती है? - क्या मरीजों की जान भगवान भरोसे छोड़ी जा रही है? - क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी? जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। ऑक्सीजन खत्म होने से मौत का आरोप परिजनों ने लगाया है, जबकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि मरीज की मौत बीमारी के कारण हुई या एंबुलेंस सेवा में किसी प्रकार की लापरवाही इसके लिए जिम्मेदार थी।1