चित्तौड़गढ़ नगर परिषद ने आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर के सभी 60 वार्डों में एक विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का शुभारंभ नगर परिषद परिसर सहित शहर के कई प्रमुख स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देकर किया गया। नगर परिषद आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान अगले 15 दिनों तक चलाया जाएगा। इसके तहत सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि नगर परिषद शहर में रोशनी व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है, जिसके तहत जिन वार्डों में रोड लाइटें बंद पड़ी हैं, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर दुरुस्त कर चालू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद में लंबे समय से लंबित पड़ी विभिन्न पत्रावलियों का भी निस्तारण करके पेंडेंसी खत्म की जाएगी। आयुक्त यादव ने बताया कि शहर के जिन इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, उनकी मरम्मत के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, और लक्ष्य है कि बारिश के मौसम से पहले सभी आवश्यक सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाए। उन्होंने यह भी सूचित किया कि बरसाती नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और वर्क ऑर्डर जारी होते ही यह काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान संभावित जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। नगर परिषद का यह विशेष अभियान स्वच्छता, बेहतर रोशनी, सुगम यातायात और मानसून से पहले की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चित्तौड़गढ़ नगर परिषद ने आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर के सभी 60 वार्डों में एक विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का शुभारंभ नगर परिषद परिसर सहित शहर के कई प्रमुख स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देकर किया गया। नगर परिषद आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान अगले 15 दिनों तक चलाया जाएगा। इसके तहत सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि नगर परिषद शहर में रोशनी व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है, जिसके तहत जिन वार्डों में रोड लाइटें बंद पड़ी हैं, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर दुरुस्त कर चालू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद में लंबे समय से लंबित पड़ी विभिन्न पत्रावलियों का भी निस्तारण करके पेंडेंसी खत्म की जाएगी। आयुक्त यादव ने बताया कि शहर के जिन इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, उनकी मरम्मत के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, और लक्ष्य है कि बारिश के मौसम से पहले सभी आवश्यक सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाए। उन्होंने यह भी सूचित किया कि बरसाती नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और वर्क ऑर्डर जारी होते ही यह काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान संभावित जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। नगर परिषद का यह विशेष अभियान स्वच्छता, बेहतर रोशनी, सुगम यातायात और मानसून से पहले की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- आज श्री सांवरिया सेठ के भक्तों के लिए लाइव मंगला आरती और श्रृंगार दर्शन एक साथ उपलब्ध कराए गए हैं। यह विशेष अवसर भक्तों को एक ही समय पर दोनों पवित्र दर्शनों का अनुभव करने का मौका दे रहा है।2
- यह प्रश्न उठाया गया है कि अगर कानून हर जगह 'भावनाओं का सम्मान' करने की बात करता है, तो फिर समाज की सबसे गहरी आस्था—गो माता—के प्रति वैसी संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई जाती। पाठ में एक विरोधाभास की ओर इशारा किया गया है, जहाँ करोड़ों लोगों की श्रद्धा से जुड़ी गोवंश रक्षा के मुद्दे पर कानून-व्यवस्था अक्सर कागज़ों में तो सख्त दिखती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही होती है। दूसरी ओर, लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों को कानूनी मान्यता देकर व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विस्तार किया जाता है, पर समाज के एक बड़े वर्ग को यह सवाल खटकता है कि क्या इससे भारतीय पारिवारिक व्यवस्था और संस्कारों की परंपरा पर नकारात्मक असर नहीं पड़ रहा है। यह विरोधाभास लोगों के मन में यह सवाल खड़ा करता है कि क्या आस्था और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर उतनी ही गंभीरता दिखाई जाती है जितनी आधुनिक सामाजिक ढांचों को मान्यता देने में दिखाई जाती है। व्यंग्यात्मक स्वर में कहा गया है कि एक तरफ सदियों पुरानी परंपराओं को 'भावनात्मक विषय' कहकर टाल दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर नए सामाजिक प्रयोगों को 'कानूनी अधिकार' कहकर तुरंत स्वीकार्यता मिल जाती है, जिसके बीच संस्कृति केवल एक सवाल बनकर रह जाती है।1
- आज के मनमोहक दर्शन प्राप्त हुए, जिनके साथ जीवन के एक गहरे सत्य को साझा किया गया है। इस अनुभव के माध्यम से यह बताया गया है कि जिंदगी को बहुत करीब से देखने पर यह समझ आता है कि सांँवरिया लोग पल भर में पराया कर देते हैं।1
- नीमच में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सद्भावना मंच द्वारा पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. निवारिया ने एक संदेश भी दिया।1
- भीलवाड़ा में व्याप्त जल संकट को लेकर विधायक कोठारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं, जिनमें कानून-व्यवस्था और जनजीवन से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस ने 204 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद एसपी धर्मेंद्र सिंह ने सख्त संदेश जारी किया है। इसी क्रम में, पेट्रोल पंपों की प्रस्तावित हड़ताल को 15 दिनों के लिए टाल दिया गया है। जिले की अन्य खबरों में, श्री सांवलिया सेठ के मंगला दर्शन संपन्न हुए, और रुपपुरा गांव में चारे में आग लगने की घटना भी दर्ज की गई।1
- चित्तौड़गढ़ की गंगरार थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह के विरुद्ध अनुसंधान में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने दो और अवैध पिस्टल और दो मैगजीन बरामद की हैं, जिसके साथ ही इस प्रकरण में अब तक कुल तीन अवैध पिस्टल और पाँच मैगजीन जब्त की जा चुकी हैं। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि थानाधिकारी श्यामा राम के नेतृत्व में एएसआई शैतान सिंह और उनके जाप्ते ने 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की थी। उन्होंने द राईट चॉईस होटल के सामने भीलवाड़ा से चित्तौड़गढ़ हाईवे रोड पर पहुँचकर अवैध पिस्टल मय मैगजीन के खरीददार बबलु सिकलीगर तथा अवैध पिस्टल व मैगजीन का बेचान करने वाले दीपक उर्फ दीपू नायक, निखिल भोई एवं जितेन्द्र माली को गिरफ्तार किया था। इस दौरान, आरोपी बबलु सिकलीगर के कब्जे से एक पिस्टल मय मैगजीन और आरोपी दीपक व निखिल के कब्जे से एक-एक मैगजीन जब्त की गई थी, जबकि साथी आरोपी जितेन्द्र को भी मौके से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया, जिसके दौरान अभियुक्तों को पीसी रिमाण्ड पर लेकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में अभियुक्त निखिल भोई ने बताया कि उसने पहले भी बबलु सिकलीगर को दो अवैध पिस्टल दी थीं। इसके बाद, पूर्व में न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जा चुके अभियुक्त बबलु सिकलीगर को जेल से पुनः प्राप्त किया गया और उसकी निशादेही से उसके मकान से दो और अवैध पिस्टल बरामद की गईं। इस प्रकरण में अब तक कुल तीन पिस्टल और पाँच मैगजीन बरामद की जा चुकी हैं, और अभियुक्तों को अवैध पिस्टल सप्लाई करने वाले अन्य अभियुक्त की तलाश जारी है।1