जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता कांगडा 4 अप्रैल: डीआरडीए सभागार, धर्मशाला में आज जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला कांगड़ा के विभिन्न योजना एवं विशेष क्षेत्रों में हो रहे अनाधिकृत निर्माण तथा अवैध प्लाटिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मंडलीय नगर योजनाकार, धर्मशाला श्री रसिक शर्मा ने जिला कांगड़ा के अंतर्गत आने वाले योजना क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों तथा फारेन व डीम्ड योजना क्षेत्रों के बारे में तथा उनमें लागू हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिला कांगड़ा में हो रही अवैध प्लाटिंगध्कालोनियों तथा अनाधिकृत निर्माण के मामलों से भी सभा को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि अवैध प्लाटिंग एवं कालोनियों के विकास के कारण लोगों को मूलभूत सुविधाओं जैसे पार्क, सड़कें, जल निकासी, सीवरेज व्यवस्था तथा बिजली और पानी जैसी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। विभाग द्वारा इन क्षेत्रों में अधिनियम लागू करने का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों का सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान जिला कांगड़ा में चिन्हित अवैध प्लाटिंग के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि जिन मामलों में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16-सी तथा रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 लागू होते हैं, उनमें नगर एवं ग्राम योजना विभाग की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री न की जाए, ताकि सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास को बढ़ावा दिया जा सके। उपायुक्त ने नगर एवं ग्राम योजना, राजस्व, पुलिस, विद्युत, जल शक्ति तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अवैध प्लाटिंग एवं अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध समन्वित रूप से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 83-। के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। इसके तहत बिना एनओसी के बिजली, पानी एवं सीवरेज कनेक्शन न देने तथा उल्लंघन की स्थिति पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त यह भी निर्देशित किया गया कि विकास कार्य पूरी तरह नियमानुसार एवं योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं, ताकि जिला कांगड़ा में संतुलित एवं व्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इसलिए सभी विभागों को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। इस अवसर समस्त उपमंडल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, नगर एवं ग्राम योजनाकार रसिक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता कांगडा 4 अप्रैल: डीआरडीए सभागार, धर्मशाला में आज जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला कांगड़ा के विभिन्न योजना एवं विशेष क्षेत्रों में हो रहे अनाधिकृत निर्माण तथा अवैध प्लाटिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मंडलीय नगर योजनाकार, धर्मशाला श्री रसिक शर्मा ने जिला कांगड़ा के अंतर्गत आने वाले योजना क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों तथा फारेन व डीम्ड योजना क्षेत्रों के बारे में तथा उनमें लागू हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिला कांगड़ा में हो रही अवैध प्लाटिंगध्कालोनियों तथा अनाधिकृत निर्माण के मामलों से भी सभा को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि अवैध प्लाटिंग एवं कालोनियों के विकास के कारण लोगों को मूलभूत सुविधाओं जैसे पार्क,
सड़कें, जल निकासी, सीवरेज व्यवस्था तथा बिजली और पानी जैसी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। विभाग द्वारा इन क्षेत्रों में अधिनियम लागू करने का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों का सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान जिला कांगड़ा में चिन्हित अवैध प्लाटिंग के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि जिन मामलों में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16-सी तथा रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 लागू होते हैं, उनमें नगर एवं ग्राम योजना विभाग की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री न की जाए, ताकि सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास को बढ़ावा दिया जा सके। उपायुक्त ने नगर एवं ग्राम योजना, राजस्व, पुलिस, विद्युत, जल शक्ति तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अवैध प्लाटिंग एवं अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध समन्वित
रूप से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 83-। के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। इसके तहत बिना एनओसी के बिजली, पानी एवं सीवरेज कनेक्शन न देने तथा उल्लंघन की स्थिति पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त यह भी निर्देशित किया गया कि विकास कार्य पूरी तरह नियमानुसार एवं योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं, ताकि जिला कांगड़ा में संतुलित एवं व्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इसलिए सभी विभागों को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। इस अवसर समस्त उपमंडल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, नगर एवं ग्राम योजनाकार रसिक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- सुजानपुर सुजानपुर के विश्व प्रसिद्ध काली माता मंदिर प्रांगण में शनिवार को विशेष पूजा अर्चना हवन इत्यादि करने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया गया मंदिर परिसर के बाहर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया बताते चले की मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्र संपन्न होने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है जिसके चलते यह कार्यक्रम आयोजित हुआ भंडारा शुरू होने से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा पाठ हवन इत्यादि करवाया गया यहां पंडित आचार्य संजय शर्मा द्वारा तमाम वैदिक रस्मों को निभाते हुए सर्वजन मंगल कल्याण की कामना की गई3
- स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से ग्रामीणों में खुशी, विधायक विवेक शर्मा का जिताया आभार, किसानों व श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, बंगाणा, कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लमलेहड़ी गांव में मुख्य सड़क से बाबा बालक रूपी मंदिर और श्मशान घाट तक बन रही लिंक सड़क का विधायक विवेक शर्मा ने निरीक्षण किया। लगभग अढ़ाई किलोमीटर लंबाई वाली इस लिंक सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों युद्ध स्तर पर जारी है। इस सड़क के निर्माण को लेकर क्षेत्र की जनता लंबे समय से मांग कर रही थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब साकार किया जा रहा है। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि इस लिंक सड़क के बनने से जहां श्रद्धालुओं को बाबा बालक रूपी मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी, वहीं श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता भी सुगम हो जाएगा। पहले लोगों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था, विशेषकर बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती थी। अब इस सड़क के बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क का लाभ केवल मंदिर और श्मशान घाट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास की दर्जनों मलकीयत भूमि वाले किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी कृषि उपज को खेतों से मुख्य सड़क तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा भी पहले से कहीं अधिक बेहतर हो जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार ही कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि टिकाऊ और मजबूत सड़कें बनाना है, जो लंबे समय तक जनता की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और समय-समय पर इसकी निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह सड़क निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर जनता को समर्पित की जाएगी। हर गांव और धार्मिक स्थल को कुटलैहड़ में हर घर हर गांव को सड़क से जोड़ना हमारा संकल्प, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर घर और हर धार्मिक स्थल को सड़क और पक्के रास्ते से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क विकास किसी भी क्षेत्र की प्रगति की रीढ़ होती है और बेहतर सड़कें बनने से क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास उन पर जताया है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई अन्य लिंक सड़कों और विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से उनके जीवन में काफी सहूलियत आएगी और क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इसी प्रकार अन्य विकास कार्य भी क्षेत्र में निरंतर जारी रहेंगे।1
- हमीरपुर कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।2
- मंडी में यूथ कांग्रेस का ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ 🔥 US ट्रेड डील और नई नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन | Mandi News1
- पुलिस थाना बंगाणा के तहत बीहडू कलां स्थित गोबिंद सागर झील में डूबे 24 वर्षीय श्रद्धालु का शव 18 घंटे बाद मिला। मृतक युवक की पहचान आकाशदीप पुत्र कश्मीरी लाल निवासी अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। गोताखोर की मदद से निकाले गए शव को बंगाणा पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आगामी शुरू कर दी है। बता दें कि पंजाब के कुछ श्रद्धालु युवक शुक्रवार दोपहर को पीरनिगाह मंदिर में माथा टेकने के बाद बाबा बालक नाथ मंदिर जा रहे थे। इसके लिए बीहडू कलां स्थित गोबिंद सागर झील किनारे बोट का इंतजार करने लगे। इसी दौरान अमृतसर निवासी आकाशदीप सिंह का पैर फिसल गया और गोबिंद सागर झील में समा गया। हालांकि साथी युवकों बचाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आकाशदीप को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन अंधेरा होने के चलते कोई पता नहीं चल पाया। शनिवार सुबह एक बार फिर से आकाशदीप सिंह तलाश शुरू की और गोताखोरों को बुलाया। जिसके बाद शव को बाहर निकाला गया। एएसपी ऊना संजीव भाटिया ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- Post by Dinesh Kumar1
- Post by Varun Slathia1
- नंगल से आए गोताखोरों ने निकाला गोविंद सागर झील के मंदली में डूबे पंजाब के युवक का शव1