चूरू जिले के घांघू गांव के भार्गव मोहल्ले में शनिवार, 11 जुलाई को अपार श्रद्धा, आस्था और उत्साह के बीच सार्वजनिक श्री शनि महाराज मंदिर के निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विधि-विधान से भूमि पूजन, हवन और आधारशिला कार्यक्रम का आयोजन कर भव्य मंदिर की नींव रखी गई। मंदिर निर्माण की घोषणा से पूरे गांव में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस भव्य आयोजन के साक्षी बने। मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का शुभ कार्य ताराचंद भार्गव और उनकी धर्मपत्नी चांदनी भार्गव ने सपत्नीक संपन्न किया। इसके पश्चात रतनगढ़ स्थित बगीची हांडिया बाबा आश्रम के मठाधीश संत गंगनाथ महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर की आधारशिला रखी। भूमि पूजन, हवन और आधारशिला पूजन की पूरी धार्मिक विधि पंडित श्याम शर्मा द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत गंगनाथ महाराज ने कहा कि घांघू गांव के लिए यह सौभाग्य और गर्व का क्षण है। न्याय के देवता भगवान शनि महाराज का मंदिर बनने से गांव में धर्म, आस्था और संस्कारों का वातावरण सुदृढ़ होगा। उन्होंने मंदिर को सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए सभी ग्रामीणों से मंदिर निर्माण में तन, मन और धन से सहयोग करने का आह्वान किया। आयोजन के दौरान चूरू के भजन गायक किशन रावल ने शनि महाराज और भगवान के भजनों की मधुर प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस धार्मिक उत्सव में घांघू प्रशासक प्रतिनिधि परमेश्वर लाल दर्जी, कुलाराम भार्गव, समाजसेवी महावीर नेहरा, रणजीत भार्गव, महावीर प्रसाद सेवदा, जयप्रकाश शर्मा, चम्पालाल भार्गव, ओमप्रकाश सेवदा, सामाजिक कार्यकर्ता बीरबल नोखवाल, जीवणराम प्रजापत, सुरेश भार्गव, पवन भार्गव, भंवरलाल भार्गव, रघुवीर सिंह राठौड़, मांगीलाल भार्गव, प्रभुदयाल भार्गव, सुनील जांगिड़ सहित सैकड़ों महिला-पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद यह क्षेत्र में आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा देगा। कार्यक्रम का समापन शनि महाराज की आरती, प्रसाद वितरण और मंदिर निर्माण में सहयोग का संकल्प लेने के साथ हुआ।
चूरू जिले के घांघू गांव के भार्गव मोहल्ले में शनिवार, 11 जुलाई को अपार श्रद्धा, आस्था और उत्साह के बीच सार्वजनिक श्री शनि महाराज मंदिर के निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विधि-विधान से भूमि पूजन, हवन और आधारशिला कार्यक्रम का आयोजन कर भव्य मंदिर की नींव रखी गई। मंदिर निर्माण की घोषणा से पूरे गांव में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस भव्य आयोजन के साक्षी बने। मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का शुभ कार्य ताराचंद भार्गव और उनकी धर्मपत्नी चांदनी भार्गव ने सपत्नीक संपन्न किया। इसके पश्चात रतनगढ़ स्थित बगीची हांडिया बाबा आश्रम के मठाधीश संत गंगनाथ महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर की आधारशिला रखी। भूमि पूजन, हवन और आधारशिला पूजन की पूरी धार्मिक विधि पंडित श्याम शर्मा द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत गंगनाथ महाराज ने कहा कि घांघू गांव के लिए यह सौभाग्य और गर्व का क्षण है। न्याय के देवता भगवान शनि
महाराज का मंदिर बनने से गांव में धर्म, आस्था और संस्कारों का वातावरण सुदृढ़ होगा। उन्होंने मंदिर को सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए सभी ग्रामीणों से मंदिर निर्माण में तन, मन और धन से सहयोग करने का आह्वान किया। आयोजन के दौरान चूरू के भजन गायक किशन रावल ने शनि महाराज और भगवान के भजनों की मधुर प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस धार्मिक उत्सव में घांघू प्रशासक प्रतिनिधि परमेश्वर लाल दर्जी, कुलाराम भार्गव, समाजसेवी महावीर नेहरा, रणजीत भार्गव, महावीर प्रसाद सेवदा, जयप्रकाश शर्मा, चम्पालाल भार्गव, ओमप्रकाश सेवदा, सामाजिक कार्यकर्ता बीरबल नोखवाल, जीवणराम प्रजापत, सुरेश भार्गव, पवन भार्गव, भंवरलाल भार्गव, रघुवीर सिंह राठौड़, मांगीलाल भार्गव, प्रभुदयाल भार्गव, सुनील जांगिड़ सहित सैकड़ों महिला-पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद यह क्षेत्र में आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा देगा। कार्यक्रम का समापन शनि महाराज की आरती, प्रसाद वितरण और मंदिर निर्माण में सहयोग का संकल्प लेने के साथ हुआ।
- झुंझुनूं के डूण्डलोद शिक्षण संस्थान के विभिन्न विद्यालयों में शनिवार को केंद्र सरकार के 'एक पेड़ मां के नाम 3.0', राज्य सरकार के 'हरियालो राजस्थान' और संस्थान के 'इको राइज' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। अलग-अलग विद्यालयों में अतिथियों ने पौधरोपण कर इस अभियान की शुरुआत की। देश की प्रतिष्ठित डूंडलोद गर्ल्स स्कूल, बलवंतपुरा में अभियान का आगाज करते हुए राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है और प्रत्येक परिवार को कम से कम पांच पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। इसी क्रम में डूंडलोद पब्लिक स्कूल डूंडलोद में अभियान की शुरुआत थनाधिकारी ताराचंद ने की। डूंडलोद पब्लिक स्कूल सोयला में संस्थान के निदेशक हेमराम शरण एवं सचिव हितेश चौधरी ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। डूंडलोद पब्लिक स्कूल झुंझुनूं में मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा ने जानकारी दी कि झुंझुनूं शिक्षा विभाग को मिले 11 लाख पौधरोपण लक्ष्य का शुभारंभ भी इसी अभियान के साथ किया गया है। संस्थान सचिव बी.एल. रणवां ने बताया कि इस वर्ष भी संस्थान ने 5,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान के तहत विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी पौधरोपण करेंगे और अपनी मां के साथ पौधे की फोटो पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके बाद उन्हें ऑनलाइन प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ मां के सम्मान को जोड़ते हुए जनभागीदारी बढ़ाना है।1
- राजस्थान के झुंझुनू जिले के गणपति नगर स्थित राजस्थान पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक अनोखी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के लेखन कौशल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें बढ़ती जनसंख्या, उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों तथा जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने "जनसंख्या वृद्धि की चुनौतियाँ एवं समाधान", "छोटा परिवार–सुखी परिवार" और "सतत विकास में जनसंख्या संतुलन का महत्व" जैसे गंभीर विषयों पर अपने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य शुभकरण खीचड़ ने कहा कि देश के सतत विकास के लिए बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में जागरूकता फैलाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की। इसके बाद, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सहायक अभियंता ज्योति ढूकिया द्वारा सम्मानित किया गया, जिसमें मिताली ने प्रथम, अवि ने द्वितीय और हर्ष चावला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही किरण प्रभा और नंदिनी शेखावत को भी उनके सराहनीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय के सचिव इंजीनियर पीयूष ढूकिया ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। इस पूरे आयोजन के दौरान सुधीर शर्मा, मंगलाराम जांगिड़, वसीम अकरम, सुश्री अनिता, सुभाष बिलखिवाल, मनीष सैनी और दलीप कुमार सहित स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में पूरे विद्यालय परिवार ने विश्व जनसंख्या दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- सूरजगढ़ में बेहद गमगीन माहौल के बीच एक जवान को उसके जन्मदिन वाले दिन ही अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद और भावुक कर देने वाले घटनाक्रम का संयोग देखिए कि जवान ने आज ही के दिन अपनी नौकरी भी ज्वाइन की थी। जिस दिन जवान का जन्मदिन था और जिस तारीख को उसने अपनी सेवा शुरू की थी, ठीक उसी दिन उसकी अंतिम विदाई होने से माहौल अत्यंत शोकाकुल हो गया है।1
- न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वहां रह रहे जीवंत और ऊर्जावान भारतीय समुदाय के बीच उपस्थित होने पर अपार खुशी और उत्साह व्यक्त किया गया है। ऑकलैंड से सीधे जुड़े इस कार्यक्रम के माध्यम से वहां बसे भारतीय प्रवासियों के साथ सीधे संवाद करने और उनकी सकारात्मक ऊर्जा को बेहद करीब से महसूस करने का एक खास अवसर मिला। इस दौरान वहां के भारतीय समुदाय की सक्रियता, उनके अनोखे उत्साह और जीवंत स्वभाव की विशेष रूप से सराहना की गई है।1
- चूरू जिले के रतन नगर में मोरींगा श्री महाराजा प्रकृति प्रेमी नर्सरी संचालित है। इस नर्सरी से संपर्क करने के लिए 9898513641 मोबाइल नंबर उपलब्ध है।1
- झुंझुनू जिले के खेतड़ी में स्थानीय लोग खराब सड़क के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सड़क की बदहाली के चलते वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और हर समय पानी भरा रहता है, जिससे निवासियों का आना-जाना दूभर हो गया है। परेशान लोगों का कहना है कि उनकी शिकायतों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्र के लोग बदहाल सड़क के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें इस कठिन मुश्किल से निजात मिल सके।3
- महेंद्रगढ़ शहर में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए विधायक कंवर सिंह यादव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेल स्टेडियम में स्थित स्विमिंग पूल में पानी भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।1
- झुंझुनू में जिस तारीख को जवान का जन्म हुआ था, ठीक उसी तारीख को उनकी अंतिम विदाई हुई। जवान के जन्म और अंतिम विदाई की तारीख का एक ही होना हर किसी को भावुक कर रहा है।1