Shuru
Apke Nagar Ki App…
बाबा राम रहीम को मिली 21 दिन की पैरोल, 7 साल में 17 बार जेल से आया बाहर। विकास दीक्षित संवाददाता स्वतंत्र प्रबोध डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आया है। उसे 21 दिन की पेरोल मिली है। मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला और सिरसा आश्रम के लिए रवाना हुआ। यह सात साल में 17वीं बार है, जब राम रहीम जेल से बाहर आया है। उसे साध्वी यौन शोषण और पत्रकार हत्याकांड में सजा मिली हुई है।
पत्रकार विकास दीक्षित
बाबा राम रहीम को मिली 21 दिन की पैरोल, 7 साल में 17 बार जेल से आया बाहर। विकास दीक्षित संवाददाता स्वतंत्र प्रबोध डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आया है। उसे 21 दिन की पेरोल मिली है। मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला और सिरसा आश्रम के लिए रवाना हुआ। यह सात साल में 17वीं बार है, जब राम रहीम जेल से बाहर आया है। उसे साध्वी यौन शोषण और पत्रकार हत्याकांड में सजा मिली हुई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- *प्रेस नोट जनपद कन्नौज* *दिनांक- 25.08.2026* *आगामी पर्वों के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में किया गया रूट मार्च* आगामी पर्व ईद-ए-मिलाद/बारावफात एवं रक्षाबंधन के दृष्टिगत जिलाधिकारी कन्नौज आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में पुलिस बल के साथ रूट मार्च किया गया । रूट मार्च के दौरान प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों द्वारा आमजन से शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए। *प्रेस नोट जनपद कन्नौज* *दिनांक- 25.08.2026* *आगामी पर्वों के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में किया गया रूट मार्च* आगामी पर्व ईद-ए-मिलाद/बारावफात एवं रक्षाबंधन के दृष्टिगत जिलाधिकारी कन्नौज आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में पुलिस बल के साथ रूट मार्च किया गया । रूट मार्च के दौरान प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों द्वारा आमजन से शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।4
- Prathi avnish Kumar nivasi gram mahrupur sahju block barpur thiseel sadar janpad Farrukhabad uttar pradesh ka rhne Bala hain Prathi ne awash delaye Jane hetu janch karye jane hetu Prathi ne sree man giladhekaree mhaday ko kai prathna pattr DIY parntu aaj koi ho rhi hain Prathi ko block ke karm Chari Jutta mukadma karna chate han Prathi se yhe karm charee 50000 rupee mange to grmeedo ne video banana to ADO panchayat pirdeep Kumar Yadav mobile fordiya Jesse Prathi ke pass fnta huwa mobile hain Prathi ki janch jiladhikari mhodye kisee sacham adhekaree se janch krakar uchiat karye Bai karye aap ki mean kirpa hogue4
- CITY NEWS : संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से युवक की मौत1
- क्या एड़ी का दर्द आपको जीने नहीं देता रोज सुबह उठते ही ईदी का दर्द परेशान कर देता है क्या आपके एड़ी में सुबह उठते ही तेज दर्द होता है? या ज्यादा देर खड़े रहने और चलने पर दर्द बढ़ जाता है? इसे नजरअंदाज न करें—यह Plantar Fasciitis का संकेत हो सकता है। सही एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और समय पर फिजियोथेरेपी से दर्द में राहत मिल सकती है। दर्द को सहते न रहें—आज ही सही सलाह लें!” डॉ. ब्रिजेश सुदामा लाल सविता ग्राम शमशेर गंज जिला मैनपुरी उत्तर प्रदेश +91 96917 201611
- फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट फर्रुखाबाद में मंगलवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता सैनी पहुंची।1
- सौरिख में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक को रौंदा, दो जिगरी दोस्तों की मौके पर ही मौत सौरिख: सकरावा मार्ग पर मिर्जा पुल के पास एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार रोडवेज बस और बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों युवक आपस में गहरे दोस्त थे और पेट्रोल पंप से अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान रूप सिंह (18 वर्ष) और पवन कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव, परौर के रहने वाले थे। इस घटना ने दोनों परिवारों के साथ-साथ पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, पवन कुमार की शादी हाल ही में नवंबर 2025 में हुई थी, जिससे उसकी नई गृहस्थी अभी शुरू ही हुई थी। वहीं, 18 वर्षीय रूप सिंह अपने परिवार का बड़ा सहारा था। इन दोनों की अचानक और दर्दनाक मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों युवकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।1
- Prathi avnish Kumar nivasi gram mahrupur sahju block barpur thiseel sadar janpad Farrukhabad uttar pradesh ka rhne Bala hain Prathi avnish Kumar ko aaj tak kisee prkar ka koi lakh prapt nhi howa han2
- एचएल मेमोरियल हॉस्पिटल में 6 वर्षीय मासूम की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही और वसूली का आरोप—रोती मां पूछ रही, आखिर मेरे बच्चे की मौत का जिम्मेदार कौन? ब्यूरो रिपोर्ट अनुराग दुबे फर्रुखाबाद। एचएल मेमोरियल हॉस्पिटल में एक 6 वर्षीय मासूम की मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और धन की मांग किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद मासूम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार ने प्रशासन से मामले की जांच कर न्याय की मांग की है। जानकारी के अनुसार 23 अगस्त 2026 को सवायजपुर निवासी सरला अपने 6 वर्षीय पुत्र यश को उपचार के लिए एचएल मेमोरियल हॉस्पिटल लेकर पहुंचीं। परिजनों के मुताबिक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बच्चा जल्द ही ठीक हो जाएगा। परिवार को उम्मीद थी कि उपचार के बाद उनका मासूम बच्चा स्वस्थ होकर घर लौटेगा, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लगातार लापरवाही बरती गई और उनसे उपचार के नाम पर धन की मांग भी की गई। परिवार का कहना है कि समय रहते उचित उपचार और चिकित्सकीय निगरानी मिलती तो शायद मासूम की जान बच सकती थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं पुलिस ने मौके पर वाड़ी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पुलिस जांच में लगी हुई है क्या एक मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल प्रबंधक डॉ. अश्वनी कुमार पाल ने बच्चे की मौत के बाद शव को परिजनों के साथ ले जाने के लिए कहा। अपने मासूम बेटे को खो चुकी मां के सामने उस समय मानो पूरी दुनिया ही उजड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन को लिखित शिकायत देने की बात कही है। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों की जिंदगी से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ किया जा सकता है? क्या आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर मरीजों को बेहतर उपचार का अधिकार नहीं है? मासूम यश की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि परिजनों की शिकायत पर प्रशासन कितनी गंभीरता से जांच कराता है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। एक मां की आंखों में आज भी यही सवाल है—मेरा बच्चा क्यों नहीं बचाया गया? क्या मेरे मासूम की मौत की कीमत सिर्फ कागजों में दर्ज होकर रह जाएगी, या फिर उसे इंसाफ भी मिलेगा1