*जिले के नाम बदले जाने के विरोध में- मंडला में हुआ ऐतिहासिक अंदोलन- किंतू रेल सुविधाओं पर सन्नाटा* *मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन आज भी लंबी दूरी की ट्रेनों से वंचित* *विकास के मुद्दों पर क्यों नहीं दिखती नाम परिवर्तन जैसी एकजुटता?* मंडला / मध्यप्रदेश- आपको बता दें की- आदीवासी बहुल्य जिला मंडला- जिले के नाम परिवर्तन को लेकर हाल के दिनों में जिस तरह व्यापक और संगठित विरोध देखने को मिला- उसने जिले की राजनीतिक और सामाजिक चेतना को एक बार फिर उजागर किया है- लेकिन इसी उबाल के बीच एक बड़ा और अहम सवाल भी खड़ा हो गया है- क्या मंडला की लड़ाई सिर्फ़ नामों तक सीमित रह गई है स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जिस तीव्रता और एकजुटता के साथ जिले के नाम को लेकर आंदोलन हुआ- यदि उतनी ही मजबूती से वर्षों से लंबित रेल सुविधाओं की मांग उठाई जाती- तो आज मंडला को यह स्थिति नहीं देखनी पड़ती आज भी मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन से किसी भी लंबी दूरी की नियमित एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नहीं हो रहा है- यात्रियों को जबलपुर- नैनपुर जैसे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है- यह स्थिति तब और पीड़ादायक हो जाती है जब मंडला जैसे ऐतिहासिक- सांस्कृतिक और आदिवासी बहुल जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की बातें वर्षों से की जाती रही हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिले में गोंड समाज सहित हजारों नागरिक एकजुट होकर रेल सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन करें- तो सरकार और रेलवे प्रशासन को इस विषय पर गंभीर होना ही पड़ेगा नागरिकों ने सुझाव दिया है कि मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाए- जिससे गोंडवाना के गौरवशाली इतिहास को सम्मान मिले- साथ ही मंडला फोर्ट से “गोंडवाना एक्सप्रेस” जैसी स्थायी और प्रतीकात्मक ट्रेन सेवा शुरू की जाए- जिससे क्षेत्र की पहचान और कनेक्टिविटी दोनों को मजबूती मिले स्थानीय संगठनों का कहना है कि यह कोई नई मांग नहीं है- वर्षों से घोषणाएं होती रही हैं, योजनाओं की फाइलें चलती रही हैं- लेकिन मंडला को रेल नेटवर्क से जोड़ने की ठोस पहल अब तक ज़मीन पर नहीं उतर सकी है अब सवाल यह है कि क्या जिले की राजनीति केवल नाम परिवर्तन जैसे प्रतीकात्मक मुद्दों तक सीमित रहेगी- या फिर मंडला की जनता की *असल ज़रूरतों- रेल- सड़क- शिक्षा और स्वास्थ्य- पर भी उतनी ही मजबूती से आवाज़ उठेगी* जनता चाहती है कि सरकार और जनप्रतिनिधि अब केवल नामों पर नहीं- बल्कि विकास के ठोस और ज़मीनी सवालों पर भी जवाब दें *इनका कहना है* रेलवे सरकार ने देशभर में आगामी पाँच वर्षों में टर्मिनल स्टेशनों के विस्तार व विकास का लक्ष्य तय किया है- यदि मंडला फोर्ट को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित कर वहीं कोचिंग डिपो का निर्माण किया जाता है- तो नई ट्रेनों की शुरुआत- बेहतर समयपालन- कोच मेंटेनेंस और यात्री सुविधाएँ स्वतः सुलभ होंगी- यह मंडला जिले की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक मांग है *नितिन सोलंकी* *आम नागरिक- मंडला* बिलासपुर- मंडला- जबलपुर एवं पेंड्रा- अमरकंटक- डिंडौरी- मंडला- घंसौर- लखनादौन- गोटेगांव- नरसिंहपुर नई रेल लाइन को आगामी रेल बजट में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाए- यह रेल परियोजना आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों के सामाजिक- आर्थिक विकास- पर्यटन- रोजगार तथा आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है- लंबे समय से क्षेत्रवासी इस बहुप्रतीक्षित रेल सुविधा की मांग कर रहे हैं- केंद्र सरकार को क्षेत्रीय संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए इस रेल लाइन को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करनी चाहिए *चंद्रमोहन सराफ* *रेल्वे संघर्ष समिति- मंडला* मंडला फोर्ट तक प्रस्तावित नवीन रेलमार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे- इससे चिकित्सा सेवाओं तक आमजन की पहुंच आसान होगी और पर्यटन को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा- इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के लिए राजनीति से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा *अखिलेश सोनी* *समाजसेवी- मंडला* मंडला जिले की कनेक्टिविटी प्रदेश के अन्य जिलों से मजबूत की जानी चाहिए- विशेष रूप से बिलासपुर- मंडला- जबलपुर- गौरेला- पेंड्रा- मरवाही- शहडोल- डिंडोरी- गोटेगांव एवं मंडला को जोड़ने वाली सीधी रेल सेवा शीघ्र प्रारंभ की जानी चाहिए- इससे क्षेत्र के नागरिकों- विद्यार्थियों- व्यापारियों एवं मरीजों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी- शासन- प्रशासन से मांग है कि मंडला को रेल नेटवर्क से बेहतर रूप से जोड़ने हेतु शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए *राजा यादव* *जिला युवा अध्यक्ष* *यादव समाज- मंडला* मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन का सुसज्जीकरण पूरा हो चुका है- लेकिन यात्रियों के लिए कई मूलभूत सुविधाएं अब भी उपलब्ध नहीं हैं- इससे आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है- रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह स्टेशन में पेयजल- शौचालय- बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं में शीघ्र सुधार करे *मुकेश कछवाहा* *आम नागरिक- मण्डला* मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द कैंटीन की व्यवस्था की जानी चाहिए- साथ ही स्टेशन परिसर में पुलिस चौकी का निर्माण आवश्यक है- जिससे रात्रि के समय असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके *राम गोपाल यादव* *व्यापारी- मण्डला *------------------------
*जिले के नाम बदले जाने के विरोध में- मंडला में हुआ ऐतिहासिक अंदोलन- किंतू रेल सुविधाओं पर सन्नाटा* *मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन आज भी लंबी दूरी की ट्रेनों से वंचित* *विकास के मुद्दों पर क्यों नहीं दिखती नाम परिवर्तन जैसी एकजुटता?* मंडला / मध्यप्रदेश- आपको बता दें की- आदीवासी बहुल्य जिला मंडला- जिले के नाम परिवर्तन को लेकर हाल के दिनों में जिस तरह व्यापक और संगठित विरोध देखने को मिला- उसने जिले की राजनीतिक और सामाजिक चेतना को एक बार फिर उजागर किया है- लेकिन इसी उबाल के बीच एक बड़ा और अहम सवाल भी खड़ा हो गया है- क्या मंडला की लड़ाई सिर्फ़ नामों तक सीमित रह गई है स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जिस तीव्रता और एकजुटता के साथ जिले के नाम को लेकर आंदोलन हुआ- यदि उतनी ही मजबूती से वर्षों से लंबित रेल सुविधाओं की मांग उठाई जाती- तो आज मंडला को यह स्थिति नहीं देखनी पड़ती आज भी मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन से किसी भी लंबी दूरी की नियमित एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नहीं हो रहा है- यात्रियों को जबलपुर- नैनपुर जैसे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है- यह स्थिति तब और पीड़ादायक हो जाती है जब मंडला जैसे ऐतिहासिक- सांस्कृतिक और आदिवासी बहुल जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की बातें वर्षों से की जाती रही हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिले में गोंड समाज सहित हजारों नागरिक एकजुट होकर रेल सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन करें- तो सरकार और रेलवे प्रशासन को इस विषय पर गंभीर होना ही पड़ेगा नागरिकों ने सुझाव दिया है कि मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाए- जिससे गोंडवाना के गौरवशाली इतिहास को सम्मान मिले- साथ ही मंडला फोर्ट से “गोंडवाना एक्सप्रेस” जैसी स्थायी और प्रतीकात्मक ट्रेन सेवा शुरू की जाए- जिससे क्षेत्र की पहचान और कनेक्टिविटी दोनों को मजबूती मिले स्थानीय संगठनों का कहना है कि यह कोई नई मांग नहीं है- वर्षों से घोषणाएं होती रही हैं, योजनाओं की फाइलें चलती रही हैं- लेकिन मंडला को रेल नेटवर्क से जोड़ने की ठोस पहल अब तक ज़मीन पर नहीं उतर सकी है अब सवाल यह है कि क्या जिले की राजनीति केवल नाम परिवर्तन जैसे प्रतीकात्मक मुद्दों तक सीमित रहेगी- या फिर मंडला की जनता की *असल ज़रूरतों- रेल- सड़क- शिक्षा और स्वास्थ्य- पर भी उतनी ही मजबूती से आवाज़ उठेगी* जनता चाहती है कि सरकार और जनप्रतिनिधि अब केवल नामों पर नहीं- बल्कि विकास के ठोस और ज़मीनी सवालों पर भी जवाब दें *इनका कहना है* रेलवे सरकार ने देशभर में आगामी पाँच वर्षों में टर्मिनल स्टेशनों के विस्तार व विकास का लक्ष्य तय किया है- यदि मंडला फोर्ट को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित कर वहीं कोचिंग डिपो का निर्माण किया जाता है- तो नई ट्रेनों की शुरुआत- बेहतर समयपालन- कोच मेंटेनेंस और यात्री सुविधाएँ स्वतः सुलभ होंगी- यह मंडला जिले की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक मांग है *नितिन सोलंकी* *आम नागरिक- मंडला* बिलासपुर- मंडला- जबलपुर एवं पेंड्रा- अमरकंटक- डिंडौरी- मंडला- घंसौर- लखनादौन- गोटेगांव- नरसिंहपुर नई रेल लाइन को आगामी रेल बजट में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाए- यह रेल परियोजना आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों के सामाजिक- आर्थिक विकास- पर्यटन- रोजगार तथा आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है- लंबे समय से क्षेत्रवासी इस बहुप्रतीक्षित रेल सुविधा की मांग कर रहे हैं- केंद्र सरकार को क्षेत्रीय संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए इस रेल लाइन को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करनी चाहिए *चंद्रमोहन सराफ* *रेल्वे संघर्ष समिति- मंडला* मंडला फोर्ट तक प्रस्तावित नवीन रेलमार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे- इससे चिकित्सा सेवाओं तक आमजन की पहुंच आसान होगी और पर्यटन को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा- इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के लिए राजनीति से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा *अखिलेश सोनी* *समाजसेवी- मंडला* मंडला जिले की कनेक्टिविटी प्रदेश के अन्य जिलों से मजबूत की जानी चाहिए- विशेष रूप से बिलासपुर- मंडला- जबलपुर- गौरेला- पेंड्रा- मरवाही- शहडोल- डिंडोरी- गोटेगांव एवं मंडला को जोड़ने वाली सीधी रेल सेवा शीघ्र प्रारंभ की जानी चाहिए- इससे क्षेत्र के नागरिकों- विद्यार्थियों- व्यापारियों एवं मरीजों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी- शासन- प्रशासन से मांग है कि मंडला को रेल नेटवर्क से बेहतर रूप से जोड़ने हेतु शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए *राजा यादव* *जिला युवा अध्यक्ष* *यादव समाज- मंडला* मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन का सुसज्जीकरण पूरा हो चुका है- लेकिन यात्रियों के लिए कई मूलभूत सुविधाएं अब भी उपलब्ध नहीं हैं- इससे आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है- रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह स्टेशन में पेयजल- शौचालय- बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं में शीघ्र सुधार करे *मुकेश कछवाहा* *आम नागरिक- मण्डला* मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द कैंटीन की व्यवस्था की जानी चाहिए- साथ ही स्टेशन परिसर में पुलिस चौकी का निर्माण आवश्यक है- जिससे रात्रि के समय असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके *राम गोपाल यादव* *व्यापारी- मण्डला *------------------------
- Mehtab Khanकोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश👏8 hrs ago
- आगामी 18 जनवरी को मंडला में कुंभ स्थल पर आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन के आयोजन की तैयारी एवं रूपरेखा के संबंध में RSS कार्यालय में हुई बैठक Rss कार्यालय में आयोजित हुई बैठकआगामी 18 जनवरी को मंडला में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन के सुव्यवस्थित एवं भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को शाम 5:30 बजे आरएसएस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान सम्मेलन की व्यवस्थाओं, कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच संचालन, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग एवं अनुशासन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन समिति ने बताया कि हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जाएंगी। बैठक में सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आयोजन समिति ने नागरिकों से सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है।बैठक में आयोजन समिति के पदाधिकारी, स्वयंसेवक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- ‘हाथ नहीं लगाओ...’, चंद्रशेखर आजाद की पुलिस से जोरदार बहस.. मेरठ कांड से UP की राजनीति गरम हो चुकी है। कपसाड़ गांव में दलित लड़की का अपहरण, मां की हत्या के बाद इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इस बीच जब भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर वहां पहुंचें तो उन्हें रोकने के लिए दिल्ली से मेरठ तक चार स्तरीय नाकेबंदी। इस बीच चंद्रशेखर की पुलिस से बहस भी हो गई #meerut #ChandrashekharAzad #uttarpradesh1
- जबलपुर :- बरेला मंदिर के पास भीषण सड़क हादसा लगा लंबा जाम ट्रक और कंटेनर टकराए1
- jabalpur kachnar city Mahadev tampal bay mandla youtober Anil maravi ji1
- Post by Chandar kulaste लाइफ vlog1
- कवर्धा : काली गार्डन स्थित शिव मंदिर में शिवलिंग को खंडित कर मूर्ति को दूर फेंकने की घटना सामने आई है।1
- कवर्धा-सुधादेवी वाटिका में निर्माण एक छोटा सा शिव मंदिर में स्थापित भगवान भोलेनाथ (शिवलिंग) को किसी अज्ञात द्वारा खंडित कर दिया है । और यह मामला कोई पहला मामला नही है, जहां शिवलिंग को खंडित किया गया हो । इससे पूर्व भी इसी तरह से भगवान शिव की मूर्ति (शिवलिंग) को खंडित किये जा चुका है । जिले में यह वारदात समझ से परे है कि आखिर इस तरह से भगवान से खिलवाड़ क्यों और किस लिए किस मानसिकता को लेकर किये जा रहे है । पूर्व में घटित घटनाएं भी आज भी अनसुलझे है ।1
- मंडला नगर के लालीपुर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बिजली विभाग के उपयंत्री और एक उपभोक्ता के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। बिजली विभाग की टीम स्मार्ट मीटर लगाने लालीपुर पहुंची थी, जहां उनका सामना उपभोक्ता नरेंद्र कोरी से हुआ।1