*मरई माता नमो उपवन पार्क बदहाल, घास और टूटे उपकरणों से बढ़ा खतरा* *वार्ड 11 के रहवासियों ने की सफाई, घास कटाई और बैठने की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग* पलेरा। नगर परिषद पलेरा के वार्ड क्रमांक 11 स्थित मरई माता नमो उपवन पार्क इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। पार्क में लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव का अभाव दिखाई दे रहा है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उग आने से जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका बनी हुई है, जिससे पार्क में आने वाले बच्चों और लोगों की सुरक्षा को लेकर वार्डवासियों में चिंता है।पार्क में बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए लगाए गए कुछ इंस्ट्रूमेंट भी टूटे पड़े हैं। इसके अलावा पार्क में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्गों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों का कहना है कि पार्क का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसका लाभ लोगों को ठीक से नहीं मिल पा रहा है।कांटेदार पेड़ों से बच्चों को चोट लगने का डर पार्क परिसर में लगे बेरी के पेड़ों की शाखाओं पर कांटे होने के कारण बच्चों को चोट लगने की आशंका बनी रहती है। बड़ी घास और कांटेदार पेड़ों के कारण बच्चों के पार्क में खेलने के दौरान दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। वार्डवासियों ने बताया कि पार्क में नियमित रूप से घास की कटिंग और साफ-सफाई की आवश्यकता है।जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग वार्डवासियों ने नगर परिषद से मांग की है कि पार्क की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, बड़ी घास की कटिंग कराई जाए, कांटेदार पेड़ों की छंटाई की जाए और टूटे हुए खेल उपकरणों को हटाकर उनकी मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही पार्क में पर्याप्त संख्या में बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पार्क की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो बच्चों और पार्क में आने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने नगर परिषद से नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। *इनका कहना है…* वार्ड क्रमांक 11 के मरई माता नमो उपवन पार्क में लंबे समय से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है और टूटे हुए इंस्ट्रूमेंट पड़े हैं। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था भी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए घास की कटिंग, साफ-सफाई, कांटेदार पेड़ों की छंटाई और टूटे उपकरणों की मरम्मत तत्काल कराई जानी चाहिए। नगर परिषद को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर पार्क की व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त करनी चाहिए।:- *रामकुमार यादव, सपा जिला अध्यक्ष, ओबीसी वर्ग टीकमगढ़* *मरई माता नमो उपवन पार्क बदहाल, घास और टूटे उपकरणों से बढ़ा खतरा* *वार्ड 11 के रहवासियों ने की सफाई, घास कटाई और बैठने की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग* पलेरा। नगर परिषद पलेरा के वार्ड क्रमांक 11 स्थित मरई माता नमो उपवन पार्क इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। पार्क में लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव का अभाव दिखाई दे रहा है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उग आने से जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका बनी हुई है, जिससे पार्क में आने वाले बच्चों और लोगों की सुरक्षा को लेकर वार्डवासियों में चिंता है।पार्क में बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए लगाए गए कुछ इंस्ट्रूमेंट भी टूटे पड़े हैं। इसके अलावा पार्क में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्गों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों का कहना है कि पार्क का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसका लाभ लोगों को ठीक से नहीं मिल पा रहा है।कांटेदार पेड़ों से बच्चों को चोट लगने का डर पार्क परिसर में लगे बेरी के पेड़ों की शाखाओं पर कांटे होने के कारण बच्चों को चोट लगने की आशंका बनी रहती है। बड़ी घास और कांटेदार पेड़ों के कारण बच्चों के पार्क में खेलने के दौरान दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। वार्डवासियों ने बताया कि पार्क में नियमित रूप से घास की कटिंग और साफ-सफाई की आवश्यकता है।जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग वार्डवासियों ने नगर परिषद से मांग की है कि पार्क की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, बड़ी घास की कटिंग कराई जाए, कांटेदार पेड़ों की छंटाई की जाए और टूटे हुए खेल उपकरणों को हटाकर उनकी मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही पार्क में पर्याप्त संख्या में बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पार्क की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो बच्चों और पार्क में आने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने नगर परिषद से नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। *इनका कहना है…* वार्ड क्रमांक 11 के मरई माता नमो उपवन पार्क में लंबे समय से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है और टूटे हुए इंस्ट्रूमेंट पड़े हैं। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था भी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए घास की कटिंग, साफ-सफाई, कांटेदार पेड़ों की छंटाई और टूटे उपकरणों की मरम्मत तत्काल कराई जानी चाहिए। नगर परिषद को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर पार्क की व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त करनी चाहिए।:- *रामकुमार यादव, सपा जिला अध्यक्ष, ओबीसी वर्ग टीकमगढ़*
*मरई माता नमो उपवन पार्क बदहाल, घास और टूटे उपकरणों से बढ़ा खतरा* *वार्ड 11 के रहवासियों ने की सफाई, घास कटाई और बैठने की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग* पलेरा। नगर परिषद पलेरा के वार्ड क्रमांक 11 स्थित मरई माता नमो उपवन पार्क इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। पार्क में लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव का अभाव दिखाई दे रहा है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उग आने से जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका बनी हुई है, जिससे पार्क में आने वाले बच्चों और लोगों की सुरक्षा को लेकर वार्डवासियों में चिंता है।पार्क में बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए लगाए गए कुछ इंस्ट्रूमेंट भी टूटे पड़े हैं। इसके अलावा पार्क में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्गों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों का कहना है कि पार्क का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसका लाभ लोगों को ठीक से नहीं मिल पा रहा है।कांटेदार पेड़ों से बच्चों को चोट लगने का डर पार्क परिसर में लगे बेरी के पेड़ों की शाखाओं पर कांटे होने के कारण बच्चों को चोट लगने की आशंका बनी रहती है। बड़ी घास और कांटेदार पेड़ों के कारण बच्चों के पार्क में खेलने के दौरान दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। वार्डवासियों ने बताया कि पार्क में नियमित रूप से घास की कटिंग और साफ-सफाई की आवश्यकता है।जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग वार्डवासियों ने नगर परिषद से मांग की है कि पार्क की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, बड़ी घास की कटिंग कराई जाए, कांटेदार पेड़ों की छंटाई की जाए और टूटे हुए खेल उपकरणों को हटाकर उनकी मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही पार्क में पर्याप्त संख्या में बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पार्क की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो बच्चों और पार्क में आने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने नगर परिषद से नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। *इनका कहना है…* वार्ड क्रमांक 11 के मरई माता नमो उपवन पार्क में लंबे समय से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है और टूटे हुए इंस्ट्रूमेंट पड़े हैं। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था भी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए घास की कटिंग, साफ-सफाई, कांटेदार पेड़ों की छंटाई और टूटे उपकरणों की मरम्मत तत्काल कराई जानी चाहिए। नगर परिषद को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर पार्क की व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त करनी चाहिए।:- *रामकुमार यादव, सपा जिला अध्यक्ष, ओबीसी
वर्ग टीकमगढ़* *मरई माता नमो उपवन पार्क बदहाल, घास और टूटे उपकरणों से बढ़ा खतरा* *वार्ड 11 के रहवासियों ने की सफाई, घास कटाई और बैठने की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग* पलेरा। नगर परिषद पलेरा के वार्ड क्रमांक 11 स्थित मरई माता नमो उपवन पार्क इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। पार्क में लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव का अभाव दिखाई दे रहा है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उग आने से जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका बनी हुई है, जिससे पार्क में आने वाले बच्चों और लोगों की सुरक्षा को लेकर वार्डवासियों में चिंता है।पार्क में बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए लगाए गए कुछ इंस्ट्रूमेंट भी टूटे पड़े हैं। इसके अलावा पार्क में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्गों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों का कहना है कि पार्क का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसका लाभ लोगों को ठीक से नहीं मिल पा रहा है।कांटेदार पेड़ों से बच्चों को चोट लगने का डर पार्क परिसर में लगे बेरी के पेड़ों की शाखाओं पर कांटे होने के कारण बच्चों को चोट लगने की आशंका बनी रहती है। बड़ी घास और कांटेदार पेड़ों के कारण बच्चों के पार्क में खेलने के दौरान दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। वार्डवासियों ने बताया कि पार्क में नियमित रूप से घास की कटिंग और साफ-सफाई की आवश्यकता है।जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग वार्डवासियों ने नगर परिषद से मांग की है कि पार्क की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, बड़ी घास की कटिंग कराई जाए, कांटेदार पेड़ों की छंटाई की जाए और टूटे हुए खेल उपकरणों को हटाकर उनकी मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही पार्क में पर्याप्त संख्या में बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पार्क की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो बच्चों और पार्क में आने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने नगर परिषद से नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। *इनका कहना है…* वार्ड क्रमांक 11 के मरई माता नमो उपवन पार्क में लंबे समय से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है और टूटे हुए इंस्ट्रूमेंट पड़े हैं। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था भी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए घास की कटिंग, साफ-सफाई, कांटेदार पेड़ों की छंटाई और टूटे उपकरणों की मरम्मत तत्काल कराई जानी चाहिए। नगर परिषद को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर पार्क की व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त करनी चाहिए।:- *रामकुमार यादव, सपा जिला अध्यक्ष, ओबीसी वर्ग टीकमगढ़*
- पलेरा के सहायक कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा बने कनिष्ठ अभियंता *पलेरा (टीकमगढ़)।विद्युत विभाग पलेरा में पदस्थ सहायक कनिष्ठ अभियंता (सहायक कनिष्ठ यंत्री) लक्ष्मण कुशवाहा जी को पदोन्नत होकर कनिष्ठ अभियंता (कनिष्ठ यंत्री) बनाए जाने पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं _विद्युत विभाग की हेल्परो_ टीम द्वारा फूल-माला पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग और अधिक बेहतर कार्य करेगा। पलेरा के सहायक कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा बने कनिष्ठ अभियंता *पलेरा (टीकमगढ़)।विद्युत विभाग पलेरा में पदस्थ सहायक कनिष्ठ अभियंता (सहायक कनिष्ठ यंत्री) लक्ष्मण कुशवाहा जी को पदोन्नत होकर कनिष्ठ अभियंता (कनिष्ठ यंत्री) बनाए जाने पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं _विद्युत विभाग की हेल्परो_ टीम द्वारा फूल-माला पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग और अधिक बेहतर कार्य करेगा।4
- नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ पहली बार पहुंचे पलेरा, कर्मचारियों की ली समीक्षा बैठक नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ पहली बार पहुंचे पलेरा, कर्मचारियों की ली समीक्षा बैठक पलेरा। नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ मंगलवार को पहली बार जनपद पंचायत कार्यालय पलेरा पहुंचे। यहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ बैठक कर आगामी शासकीय कार्यक्रमों और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद कैंप सहित शासन स्तर से 17 सितंबर से शुरू होने वाले अभियान की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में तहसीलदार पलक जैन, नगर परिषद सीएमओ शिवी उपाध्याय, जनपद पंचायत सीईओ अरविंद बोरकर सहित एपीओ, उपयंत्री एवं अन्य -कर्मचारी मौजूद रहे। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी कार्यक्रमों की तैयारियां पर जोर दिया और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। बैठक के बाद जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ ने क्षेत्र के ग्राम दांतगोरा और बराना पहुंचकर अमृत सरोवर तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तालाब की स्थिति और कराए गए कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- सीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, रोजगार सुरक्षा समेत कई मांगें उठाईं युवा सर्वेयरों ने सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल1
- शोशल मीडिया पर वीडियो हुआ बॉयरल बॉयरल बीडीओ टीकमगढ़ जिले के थाना पलेरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत ददगांय का बताया जा रहा है जहां पर अवैध शराब को बेचने का वीडियो हुआ बॉयरल1
- टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। टीकमगढ़ टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों का कमाल, ग्रे वॉटर प्रबंधन में राष्ट्रीय पुरस्कार गंदे पानी से मुक्ति का टीकमगढ़ मॉडल, देश में मिला पहला स्थान एंकर: कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की मुहिम को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों के प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। गांवों की गलियों में बहते गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए किए गए अभिनव प्रयोग को आईएससी-फिक्की स्वच्छता पुरस्कार में ग्रे वॉटर प्रबंधन श्रेणी में राष्ट्रीय विजेता चुना गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे और जिला समन्वयक मनीष जैन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। खास बात ये है कि जिस प्रयोग की शुरुआत एक गांव से हुई थी, वो महज दो साल में 225 गांवों तक पहुंच गया। टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। इस व्यवस्था में घरों से निकलने वाले स्नान, कपड़े धोने और रसोई के पानी को खुले में बहने से रोकने के लिए घरों के बाहर सिल्ट चैम्बर बनाए जाते हैं। इन चैम्बरों को करीब 8 इंच के पाइप से जोड़ा जाता है और पानी को भूमिगत पाइपलाइन के जरिए गांव के अंतिम छोर तक पहुंचाया जाता है। जहां सोख्ता गड्ढे के जरिए पानी का निस्तारण किया जाता है। यानी जिस गंदे पानी की वजह से कभी गांव की गलियां कीचड़ से सराबोर रहती थीं, उसी समस्या का समाधान अब जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाकर किया जा रहा है। इसका असर गांवों की तस्वीर पर भी दिखाई दे रहा है। गलियों में गंदा पानी कम हुआ... कीचड़ और जलभराव से राहत मिली... और ग्रामीणों का आवागमन भी आसान हुआ। ग्रामीण इस बदलाव को कुछ यूं बयां कर रहे हैं— हमारे गांव की गलियां अब आंगन में बदल गई हैं। इस पूरे मॉडल में जिला प्रशासन की योजना, तकनीकी मार्गदर्शन और ग्राम पंचायतों की भागीदारी के साथ उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग किया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इस उपलब्धि को ग्राम पंचायतों के संकल्प, विश्वास और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रपुरा से शुरू हुई यह पहल अब 225 गांवों तक पहुंच चुकी है और इसका उद्देश्य सिर्फ भूमिगत पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि गांवों की जीवन गुणवत्ता और ग्रामीण परिवेश को बदलना है। एक गांव से शुरू हुआ प्रयोग... 225 गांवों तक पहुंचा... और अब राष्ट्रीय पुरस्कार तक। टीकमगढ़ का ये मॉडल बताता है कि अगर स्थानीय समस्या का स्थानीय समाधान, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी एक साथ आए... तो गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।1
- दबंग सरपंच ने पुलिस के सामने खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की मारपीट सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल दबंग सरपंच ने पुलिस के सामने खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की मारपीट सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल1
- दो साल से मेहनताना नहीं मिला, स्व सहायता समूह की महिलाओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन दो साल से मेहनताना नहीं मिला, स्व सहायता समूह की महिलाओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन पलेरा। शासकीय स्कूलों में रसोई का काम कर रहीं स्व सहायता समूह की महिलाओं को करीब दो साल से मेहनताना नहीं मिलने का मामला सामने आया है। भुगतान की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव के नेतृत्व में महिलाओं ने मंगलवार को पलेरा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महिलाओं ने बताया कि वे लगातार दो वर्षों से शासकीय स्कूलों में रोटी बनाने सहित रसोई का काम कर रही हैं, लेकिन उनकी मेहनत की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान नहीं होने से परिवार के भरण-पोषण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने मांग की कि उन्हें जल्द से जल्द लंबित राशि का भुगतान कराया जाए और दो साल से उन्हें गुमराह करने वाले एवं लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान सपा ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव ने कहा कि महिलाओं के साथ अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से महिलाओं की लंबित राशि जल्द उनके खातों में जमा कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रामकुमार यादव, महिमा, विद्या, तारा, अवध, चंदा, सुनीता, मुन्नी, अंगूरी, शांति, सुधा, जानकी, दोरियाबाई, लड़कुंवर, गुड़िया, श्रीदेवी सहित अनेक महिलाएं मौजूद रहीं।1
- गलत फहमी का शिकार ग्राहक और फिर शराब दुकान दार ने न कुछ सुना और न समझा सीधे पीटने लगा.. छतरपुर। मप्र।आकाशवाणी तिराहे पर एक ग्राहक शराब लेने गया उसने शराब खरीदी और 220 रु दे कर जाने लगा जल्दबाजी में दुकानदार ने ध्यान नहीं दिया और उसे लगा कि 120 रुपए देकर भागने लगा है फिर क्या बिना सोचे समझे दुकान ने ग्राहक पीटना शुरू कर दिया अब आगे आप खुद देख लो...1