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पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।
Krishna Kumar thakur
पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।
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- पलामू जिले में खनन की भारी गाड़ियों ने सड़कों को पूरी तरह से तोड़ दिया है, और हालिया बरसात ने इस स्थिति को और भी बदतर बनाते हुए रास्तों को दलदल में बदल दिया है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि अब सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि लोगों को गड्ढों में ही रास्ता खोजना पड़ता है। खनन वाहनों के लगातार आवागमन और बारिश के कारण सड़कों की यह बदहाली राहगीरों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है।1
- मोकामा रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए सतर्कता का एक महत्वपूर्ण सबक सामने आया है, जहाँ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मोकामा की टीम ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को यात्रियों का ट्रॉली बैग चुराते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह आरोपी भीड़भाड़ और यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर उनके ट्रॉली बैग लेकर फरार हो जाता था। आरपीएफ की लगातार निगरानी और सतर्कता के चलते उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपने चोरी के तरीके और अपनी वारदातों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना के बाद, रेलवे सुरक्षा बल ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान अपने सामान पर लगातार नजर रखें, किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे पुलिस या आरपीएफ को इसकी सूचना दें। रेलवे प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और चोरी जैसी घटनाओं पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर समय-समय पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सामान को कभी भी लावारिस न छोड़ें, स्टेशन और ट्रेन में सतर्क रहें, संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तुरंत RPF या GRP को दें और अपने कीमती सामान को हमेशा सुरक्षित अपने पास रखें। सुरक्षित रेल यात्रा के लिए जागरूकता और सतर्कता को ही सबसे बड़ा बचाव बताया गया है।1
- चतरा के हंटरगंज स्थित वन क्षेत्र प्रांगण में "निरंजना फल्गु रिवर रिचार्ज मिशन" के तत्वावधान में लीलाजन-निरंजना फल्गु नदी के संरक्षण, जलसंचयन और पर्यावरण संतुलन पर एक कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नदी संरक्षण, जलवायु संतुलन और अविरल जलधारा बनाए रखने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा स्थापित पूर्ति सिंचन कल्याणकारी संस्थान, वर्धा नागपुर के प्रतिनिधि सचिन कुलकर्णी और फल्गु निरंजना रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक संजय सज्जन विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिक्षक सह समाजसेवी रविंद्र कुमार रवि ने कार्यक्रम का संचालन किया। परिचर्चा की शुरुआत लीलाजन नदी के उद्गम स्थल सिमरिया, बेलगड्डा, सुहावन और लावालौंग क्षेत्र के संदर्भ से हुई, जहाँ वक्ताओं ने नदी के घटते जलस्तर, अवैध बालू उठाव और पर्यावरणीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान मुख्य रूप से फल्गु नदी और उसकी सहायक नदियों पर 5 से 7 फीट ऊंचे चेक डैम, विभिन्न स्थानों पर बैराज एवं बियर बांध बनाने, नदी किनारे व्यापक वृक्षारोपण करने और कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने नदी में निरंतर जलधारा बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर बल दिया। जय हिंद पासवान ने निरंजना नदी को बचाने पर जोर दिया, जबकि मुखिया ब्रिज किशोर सिंह ने नदी के मेढ़ों पर वृक्षारोपण का सुझाव दिया। मुखिया बसंती पन्ना ने महुलानिया डैम निर्माण की जरूरत बताई, और समाजसेवी राजू कुमार दास ने सहायक नदियों पर बांध तथा फल्गु नदी में बैराज निर्माण की मांग की। विधायक प्रतिनिधि रोशन कुमार सिंह ने नदी में हो रहे अवैध बालू उठाव और निक्षेपण पर चिंता जताते हुए नदी घाटों की नीलामी पर पुनर्विचार की मांग की। सरदार तखत सिंह और सरदार नंदकिशोर सिंह ने नदी संरक्षण और डैम निर्माण पर अपने विचार साझा किए। सांसद प्रतिनिधि प्रेम किशोर उर्फ पंतु सिंह ने कहा कि पंडरी और कोलवा जैसे क्षेत्रों में डैम निर्माण से नदी में जल संचयन बढ़ेगा, और जगन्नाथ पासवान ने अमझर नदी पर भी चेकडैम बनाने की मांग उठाई। फल्गु निरंजना रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक संजय सज्जन ने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही फल्गु नदी में अविरल एवं निर्मल जलधारा का सपना साकार होगा। सचिन कुलकर्णी ने बताया कि माननीय मंत्री के समक्ष फल्गु नदी के जीर्णोद्धार, नदी किनारे हाईवे निर्माण और जल संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही, जल शक्ति मंत्रालय को भी अनुशंसा भेजी जाएगी ताकि नदी में पूरे साल जलधारा बनी रहे। कार्यक्रम के अंत में, शिक्षक रविंद्र कुमार रवि ने रेखांकित किया कि प्राचीन सभ्यताओं का विकास नदी घाटियों में हुआ है, और नदी न केवल मानव जीवन बल्कि जीव-जंतुओं एवं पेड़-पौधों के अस्तित्व के लिए भी अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि “यदि नदी बचेगी तभी मानव सभ्यता और प्रकृति का संतुलन सुरक्षित रहेगा।” इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और मीडिया कर्मी उपस्थित थे।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।4
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक लंबे समय से अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण आक्रोशित होकर समाहरणालय पहुंचे। उन्होंने उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर सड़क की बदहाल स्थिति के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और आसपास के कई गांवों के लोगों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि पिंटू रजक ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील की।1
- एक SP Shine BS6 गाड़ी चूहों द्वारा वायरिंग काट दिए जाने के कारण स्टार्ट नहीं हो पा रही थी। यह समस्या गाड़ी के वायरिंग डायग्राम को चूहों द्वारा नुकसान पहुँचाने से उत्पन्न हुई।1
- चतरा जिले के बेलगड्डा गाँव में बनी एक सड़क की हालत मात्र दो साल में ही बेहद खराब हो गई है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मौजूदा दयनीय स्थिति पर चिंता जताई है, जबकि इसका निर्माण हुए अभी केवल दो वर्ष ही बीते हैं।1
- गढ़वा जिले के कुशमाहा गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी एक पानी टंकी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी टंकी का निर्माण होने के बावजूद उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस स्थिति पर लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, यह पूछते हुए कि आखिर यह विकास कार्य है या भ्रष्टाचार का मामला। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी गहरी नाराजगी इस बात से भी स्पष्ट होती है कि वे कहते हैं, 'यहां के अधिकारियों ने हमें लूट कर बर्बाद कर दिया, अब कैसे पियेंगे पानी यहां के ग्रामीणों ने'।1
- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र के नावाडीह पनारी गांव में शुक्रवार सुबह अचानक हुई तेज आंधी और बारिश के साथ गिरे ठनके से एक दुधारू भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना नावाडीह पनारी स्थित देवी स्थान के समीप पंचायत सचिवालय के पास हुई, जहाँ मुंशी यादव की भैंस सहित 4-5 मवेशी एक पीपल के पेड़ के नीचे बंधे थे। वज्रपात इतना तीव्र था कि अन्य चार पशु डरकर अपनी खूंटा और रस्सी तोड़कर भाग निकले। इसी दौरान प्रखंड क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ भी उखड़ गए। पीड़ित किसान मुंशी यादव ने बताया कि वज्रपात के समय उनका पूरा परिवार सहम गया था और जब तक वे कुछ समझ पाते, उनकी दुधारू भैंस जमीन पर गिर चुकी थी। इस घटना से उनके परिवार को लगभग 40 हजार रुपये की भारी आर्थिक क्षति हुई है, क्योंकि यह भैंस उनकी आय का प्रमुख स्रोत थी। मुंशी यादव ने प्रखंड प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत इस क्षतिपूर्ति के लिए तत्काल मुआवज़े की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि ऐसे आपदा पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे अपने जीवनयापन के साधन दोबारा स्थापित कर सकें।1