चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ रहा है। इस मामले के शिकायतकर्ता पीर मुहम्मद ने प्रशासन द्वारा दी गई निस्तारण रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे 'लीपापोती' करार दिया है। दरअसल, पीर मुहम्मद ने ग्राम पंचायत बरबसपुर में मनरेगा के अंतर्गत महिला मेट द्वारा कराए जा रहे कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर खंड विकास अधिकारी कार्यालय ने अपनी आख्या में बताया कि सचिव के अनुसार मनरेगा के स्वीकृत कार्यों पर मजदूरों की मांग के आधार पर मास्टर रोल के जरिए काम कराया गया और मजदूरी सीधे उनके खातों में भेजी गई है। प्रशासन की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि शिकायतकर्ता मौके पर अपनी शिकायत के संबंध में स्पष्ट तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाए और ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ उनकी बातचीत का एक फोटोग्राफ भी संलग्न किया गया है। हालांकि, प्रशासन की इस रिपोर्ट से असंतुष्ट पीर मुहम्मद का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित जांच के और शिकायत के मूल तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए आनन-फानन में मामले का निस्तारण कर दिया है। उनका कहना है कि यह जांच केवल 'खानापूर्ति' है, जिसमें अधिकारियों ने गहराई में जाने के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की है। शिकायतकर्ता ने इस निस्तारण को पूरी तरह खारिज करते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ रहा है। इस मामले के शिकायतकर्ता पीर मुहम्मद ने प्रशासन द्वारा दी गई निस्तारण रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे 'लीपापोती' करार दिया है। दरअसल, पीर मुहम्मद ने ग्राम पंचायत बरबसपुर में मनरेगा के अंतर्गत महिला मेट द्वारा कराए जा रहे कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर खंड विकास अधिकारी कार्यालय ने अपनी आख्या में बताया कि सचिव के अनुसार मनरेगा के स्वीकृत कार्यों पर मजदूरों की मांग के आधार पर मास्टर रोल के जरिए काम कराया गया और मजदूरी सीधे उनके खातों में भेजी गई है। प्रशासन की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि शिकायतकर्ता मौके पर अपनी शिकायत के संबंध में स्पष्ट तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाए और ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ उनकी बातचीत का एक फोटोग्राफ भी संलग्न किया गया है। हालांकि, प्रशासन की इस रिपोर्ट से असंतुष्ट पीर मुहम्मद का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित जांच के और शिकायत के मूल तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए आनन-फानन में मामले का निस्तारण कर दिया है। उनका कहना है कि यह जांच केवल 'खानापूर्ति' है, जिसमें अधिकारियों ने गहराई में जाने के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की है। शिकायतकर्ता ने इस निस्तारण को पूरी तरह खारिज करते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर एक फरियादी ने न्याय न मिलने पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। फरियादी ने बताया कि उसने आठ बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद उसे कोई न्याय नहीं मिला। इस पर भड़कते हुए उसने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि स्थिति 'अंधेर नगरी चौपट राजा' जैसी हो गई है, और अधिकारी 'द्रौपदी की तरह न्याय का चीरहरण कर रहे हैं'। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- जनपद सोनभद्र पुलिस ने CEIR पोर्टल का उपयोग करते हुए 302 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस उपलब्धि के साथ, सोनभद्र पुलिस ने माह मई-2026 में पूरे उत्तर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र, श्री ऋषभ रुणवाल ने अपनी बाइट जारी की है।1
- सोनभद्र पुलिस द्वारा हाल ही में CEIR पोर्टल का उपयोग करते हुए कुल 302 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए गए हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के परिणामस्वरूप, सोनभद्र पुलिस ने मई 2026 के महीने में पूरे उत्तर प्रदेश में मोबाइल फोन बरामदगी के मामले में द्वितीय स्थान हासिल किया है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र, श्री ऋषभ रुणवाल ने जानकारी प्रदान की है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में तहसील दिवस के मौके पर एक फरियादी ने अधिकारियों के सामने ही अपनी शिकायत जोर-जोर से रखी। फरियादी ने चिल्ला-चिल्लाकर बताया कि वह आठ बार से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक उसकी बात पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उसने आरोप लगाया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।1
- चंदौली जिले के गरला गांव में सरकारी पैसे के बड़े पैमाने पर गबन और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, महिला मित्र पूनम कुमारी (NMMS) और जेई सचिव मिलकर सरकारी पैसे की लूट खसोट कर रहे हैं। इन पर 40% कमीशन बनाने का आरोप है। मांग की गई है कि इन सभी कथित दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि गरला गांव में अधिकारी कथित तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपनी जेब गरम कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार और सरकारी पैसे के गबन की तुरंत जांच कराने की अपील की है।2
- सदर अस्पताल में एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की 'दर्दनाक मौत' के बाद उनके पोस्टमार्टम के लिए कथित तौर पर पैसे की मांग की जा रही है। यह बताया गया है कि अस्पताल में 'मुर्दों की बोली लगती है', जिसका अर्थ है कि पोस्टमार्टम जैसी आवश्यक प्रक्रियाएँ तभी पूरी की जाती हैं जब पहले पैसे दिए जाएँ।1
- सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र के मुख्य सड़क मार्ग पर एक अनियंत्रित बाइक का संतुलन बिगड़ने के कारण एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे निजी साधन से डाला क्लीनिक ले जाया गया जहाँ उसका प्राथमिक इलाज कराया गया। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए, उसे तुरंत एंबुलेंस के ज़रिए चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। हालांकि, चोपन में इलाज के दौरान जब घायल मरीज की हालत और बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।3