एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान "ऑपरेशन प्रहार" के तहत, कोतवाली भगवानपुर पुलिस ने तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 12 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए की गई थी। इस संबंध में, 12 मई 2026 को वादी मतलूब ने अपनी मोटरसाइकिल संख्या UK17F-4899 चोरी होने की सूचना दी थी, जिस पर भगवानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, 10 जून 2026 को वादी अहसान ने अपनी मोटरसाइकिल UP11BQ-7714 चोरी होने की तहरीर दी थी, जिस पर भी मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की गई। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने इन घटनाओं का संज्ञान लेते हुए पुलिस टीमों को विशेष निर्देश दिए। जांच के दौरान, पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, और पिछले पांच वर्षों में जेल से छूटे वाहन चोरों का सत्यापन एवं पूछताछ की। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर सहित सीमावर्ती जनपदों के थानों एवं जेलों से भी सूचनाएं एकत्र की गईं। इसी क्रम में, 11 जून 2026 को खेलपुर रोड से खानपुर जाने वाले मार्ग पर चेकिंग के दौरान, पुलिस टीम ने तीन संदिग्ध युवकों को चोरी हुई मोटरसाइकिलों UK17F4899 और UP11BQ7714 के साथ हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी निशानदेही पर भगवानपुर क्षेत्र से चोरी हुई दोनों मोटरसाइकिलों सहित कुल 12 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए गए। बरामद वाहनों में थाना कलियर क्षेत्र से चोरी हुई एक मोटरसाइकिल और हिमाचल प्रदेश के बद्दी जनपद से चोरी हुई एक बुलेट मोटरसाइकिल भी शामिल है। अन्य वाहनों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सैनी पुत्र सतपाल निवासी अम्बेहटी, कुलदीप कुमार पुत्र भूल्लन निवासी दादनौर (दोनों थाना नकुड़, जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और मुनव्वर पुत्र बसीर निवासी कुण्डाकला, थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी कुलदीप सैनी का एक लंबा आपराधिक इतिहास है, जिसमें झबरेड़ा, हरिद्वार, नकुड़ सहारनपुर और गंगोह सहारनपुर के विभिन्न थानों में चोरी, आईपीसी, बीएनएस, विद्युत अधिनियम, और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, आरोपी कुलदीप कुमार पर नकुड़ सहारनपुर और भगवानपुर में बीएनएस से संबंधित दो मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसएचओ रितेश शाह, व0उ0नि0 रमेश कुमार सैनी, उ0नि0 मुकेश नौटियाल, उ0नि0 आशीष नेगी, उ0नि0 नीरज रावत, उ0नि0 सुनीत दत्त, उ0नि0 बालाराम जोशी, है0का0 गीतम सिंह, का0 सचिन तोमर, का0 रविन्द्र राणा, का0 उवैद, का0 सुशील तोमर, है0का0 निर्मल जोशी और विनय थपलियाल शामिल थे।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान "ऑपरेशन प्रहार" के तहत, कोतवाली भगवानपुर पुलिस ने तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 12 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए की गई थी। इस संबंध में, 12 मई 2026 को वादी मतलूब ने अपनी मोटरसाइकिल संख्या UK17F-4899 चोरी होने की सूचना दी थी, जिस पर भगवानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, 10 जून 2026 को वादी अहसान ने अपनी मोटरसाइकिल UP11BQ-7714 चोरी होने की तहरीर दी थी, जिस पर भी मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की गई। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने इन घटनाओं का संज्ञान लेते हुए पुलिस टीमों को विशेष निर्देश दिए। जांच के दौरान, पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, और पिछले पांच वर्षों में जेल से छूटे वाहन चोरों का सत्यापन एवं पूछताछ की। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर सहित सीमावर्ती जनपदों के थानों एवं जेलों से भी सूचनाएं एकत्र की गईं। इसी क्रम में, 11 जून 2026 को खेलपुर रोड से खानपुर जाने वाले मार्ग पर चेकिंग के दौरान, पुलिस टीम ने तीन संदिग्ध युवकों को चोरी हुई मोटरसाइकिलों UK17F4899 और UP11BQ7714 के साथ हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी निशानदेही पर भगवानपुर क्षेत्र से चोरी हुई दोनों मोटरसाइकिलों सहित कुल 12 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए गए। बरामद वाहनों में थाना कलियर क्षेत्र से चोरी हुई एक मोटरसाइकिल और हिमाचल प्रदेश के बद्दी जनपद से चोरी हुई एक बुलेट मोटरसाइकिल भी शामिल है। अन्य वाहनों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सैनी पुत्र सतपाल निवासी अम्बेहटी, कुलदीप कुमार पुत्र भूल्लन निवासी दादनौर (दोनों थाना नकुड़, जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और मुनव्वर पुत्र बसीर निवासी कुण्डाकला, थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी कुलदीप सैनी का एक लंबा आपराधिक इतिहास है, जिसमें झबरेड़ा, हरिद्वार, नकुड़ सहारनपुर और गंगोह सहारनपुर के विभिन्न थानों में चोरी, आईपीसी, बीएनएस, विद्युत अधिनियम, और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, आरोपी कुलदीप कुमार पर नकुड़ सहारनपुर और भगवानपुर में बीएनएस से संबंधित दो मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसएचओ रितेश शाह, व0उ0नि0 रमेश कुमार सैनी, उ0नि0 मुकेश नौटियाल, उ0नि0 आशीष नेगी, उ0नि0 नीरज रावत, उ0नि0 सुनीत दत्त, उ0नि0 बालाराम जोशी, है0का0 गीतम सिंह, का0 सचिन तोमर, का0 रविन्द्र राणा, का0 उवैद, का0 सुशील तोमर, है0का0 निर्मल जोशी और विनय थपलियाल शामिल थे।
- उत्तराखंड के रुड़की स्थित झबरेड़ा विधानसभा के झबरेडी खुर्द में राज्यमंत्री देसराज कर्णवाल और उनकी पत्नी द्वारा दलित समाज के एक युवक को धमकाने और दुत्कारने का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह मामला सरकार के 'जन जन के द्वार' कार्यक्रम के दौरान का बताया जा रहा है, जिसे राज्यमंत्री जगह-जगह आयोजित कर रहे हैं। इसी कार्यक्रम में एक दलित समाज के व्यक्ति ने मंत्री का विरोध किया था। इस विरोध के बाद गांव में भारी हंगामा हो गया, और जानकारी के अनुसार इस दौरान एक व्यक्ति को गंभीर चोटें भी आई हैं।1
- चंपावत पुलिस ने एक वायरल वीडियो कांड में बड़ा एक्शन लेते हुए टैक्सी चालक से मारपीट, धमकी देने और मोबाइल छीनने के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत, पुलिस ने पीड़ित का छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ लोगों द्वारा एक टैक्सी चालक के साथ मारपीट करने, अभद्र व्यवहार करने, जान से मारने की धमकी देने और उसका मोबाइल फोन छीनने की घटना सामने आई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना लोहाघाट और एसओजी की एक संयुक्त टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने दिगालीचौड़ क्षेत्र और लोहाघाट बाजार में दबिश देकर नामजद आरोपी वीरेंद्र सिंह बोहरा और मोहन चंद, साथ ही प्रकाश में आए आरोपी कमल राम को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से पीड़ित का ओप्पो मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। इससे पहले, मामले में आरोपी हरीश सिंह बोहरा की गिरफ्तारी हो चुकी थी। इस घटना से जुड़ा एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। चंपावत पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून अपने हाथ में लेने वाले और गुंडागर्दी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, जिससे यह एक्शन एक मिसाल बन गया है।1
- बिजनौर के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह और उनकी धर्मपत्नी संगीता सिंह ने अपनी 21वीं वैवाहिक वर्षगांठ को एक दिल को छू लेने वाले संदेश के साथ समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मनाया। इस विशेष अवसर पर, CDO दंपति बिजनौर के मुस्सेपुर मंडावली स्थित आर्य सुगंध संस्थान पहुँचे, जहाँ उन्होंने फलदार पौधे रोपे और अपने हाथों से बच्चों को भोजन कराया। उनकी इस सराहनीय पहल ने यह संदेश दिया कि खुशियाँ केवल उत्सव मनाने से नहीं, बल्कि दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने से भी बढ़ती हैं। CDO दंपति के इस सेवा भाव और सादगीपूर्ण आयोजन की पूरे जनपद में व्यापक सराहना हो रही है, और आर्य सुगंध संस्थान की प्रबंधिका श्रीमति कमलेश आर्या ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।1
- लक्सर के ग्राम केहड़ा से सामने आई तस्वीरों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहाँ फल से लदे आम के पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई और छंटाई की गई है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर किसकी अनुमति से यह कार्रवाई की गई और क्या इसमें नियमों का पालन किया गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के कानूनों को दरकिनार कर दिया गया है, जिस पर श्रद्धा टीवी नेटवर्क की रिपोर्ट जमीनी हकीकत को दर्शाते हुए स्थानीय लोगों के सवालों और प्रशासन से जवाब की मांग करती है।1
- बिजनौर जिले के कंभोर ग्राम में रात के समय एक चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल के दौरान लोगों की जन समस्याएं सुनी गईं।1
- दिनांक 30.05.2026 को हरिद्वार पुलिस के एक जवान ने इंसानियत का परिचय देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की दीवार पर उगे एक छोटे पौधे को एक छोटे से प्रयास के तहत, उसे नया जीवनदान देने के लिए उसके स्थान से हटाकर दूसरी जगह लगाया गया। यह पहल इस विचार पर आधारित है कि पेड़ भी बच्चों की तरह होते हैं, जिन्हें प्यार, देखभाल और सही वातावरण की आवश्यकता होती है। अक्सर लोग इमारतों या अनचाहे स्थानों पर उगे छोटे पौधों को देखते हैं और उन्हें हटाने पर विचार करते हैं, लेकिन हर पौधे में जीवन होता है और उसे बस सही जगह की जरूरत होती है। इस संदर्भ में, यह भी कहा गया है कि कोई चीज़ बुरी नहीं होती, बुरा केवल उसका स्थान हो सकता है। अपने नए स्थान पर, यह पौधा अब बढ़ेगा, फल-फूलेगा और जीवनदायिनी मुफ़्त ऑक्सीजन प्रदान करेगा। पोस्ट में दूसरों को भी प्रेरित किया गया है कि यदि उन्हें कहीं ऐसा पौधा दिखाई दे जो गलत जगह पर उग आया हो, तो उसे नष्ट करने के बजाय उचित स्थान पर लगाने का प्रयास करें। ऐसा करने से वह पौधा भी एक दिन विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण और समाज की सेवा कर सकता है। इस प्रयास को 'एक पौधा बचाइए, एक जीवन सजाइए' के संदेश के साथ रेखांकित किया गया है।1
- मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर स्थित एक होम स्टे में दिल्ली निवासी 27 वर्षीय पी. राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। वह अपने पति के साथ घूमने के लिए मसूरी आई थीं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दंपति 13 जून को दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचे थे और 14 जून की रात मसूरी के उस होम स्टे में रुके थे। महिला के पति ने पुलिस को बताया कि रात में दोनों ने शराब का सेवन किया था। अगली सुबह, उन्होंने अपनी पत्नी को अचेत अवस्था में पाया, जिसके बाद 108 एम्बुलेंस को बुलाया गया। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने पी. राधा गायत्री को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही फील्ड यूनिट और पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में मृतका के शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा को सुरक्षित रखा गया है, जिसकी जांच की जाएगी। मृतका के पिता ने अपनी बेटी की मृत्यु के कारणों की गहन जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रहे हैं और पोस्टमार्टम, बिसरा परीक्षण तथा अन्य वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।1
- जिले में हाई-टेक पेन को लेकर उच्च स्तर का अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट वायरल खबरों के बीच सामने आया है।1
- उत्तर प्रदेश के हाथरस रेलवे स्टेशन पर एक गंभीर और भयावह स्थिति सामने आई, जहाँ एक यात्री पैसेंजर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में यात्री की जान बाल-बाल बच गई। इस घटना को देखते हुए चेतावनी दी गई है कि जल्दबाजी जानलेवा हो सकती है, और अक्सर लोग अपने आसपास होने वाली ऐसी घटनाओं से सबक नहीं लेते।1