बिहार सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के फैसले का मंत्री संजय सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसका उपयोग जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ किया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि अभद्र और आपत्तिजनक भाषा पर रोक लगना बेहद आवश्यक है, ताकि समाज में स्वस्थ संवाद और सकारात्मक माहौल बना रहे। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर नियंत्रण स्थापित करना है। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा में पारित होने वाले विभिन्न विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे बिहार के विकास को नई गति मिलेगी और आम जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित और राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
बिहार सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के फैसले का मंत्री संजय सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसका उपयोग जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ किया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि अभद्र और आपत्तिजनक भाषा पर रोक लगना बेहद आवश्यक है, ताकि समाज में स्वस्थ संवाद और सकारात्मक माहौल बना रहे। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर नियंत्रण स्थापित करना है। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा में पारित होने वाले विभिन्न विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे बिहार के विकास को नई गति मिलेगी और आम जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित और राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
- छपरा शहर के राजेंद्र कॉलेजिएट परीक्षा केंद्र पर ASI परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी को कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई से नाराज कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने अभ्यर्थियों को समझाकर शांत कराया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और गिरफ्तार परीक्षार्थी से पूछताछ जारी है। इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।1
- पटना के बाढ़ प्रखंड अंतर्गत एकडंगा गांव निवासी जितेंद्र कुमार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल की भाभी के अनुसार, जितेंद्र कुमार अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर वहीं खड़े थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रहे एक बुलेट सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गए। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज पटना में जारी है। इस हादसे के बाद परिजनों ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुर गांव में बुधवार की शाम दाह संस्कार से लौट रहे दो ग्रामीणों पर आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान धर्मपुर गांव निवासी स्वर्गीय महेंद्र पासवान के 50 वर्षीय पुत्र हरिविलाश पासवान के रूप में हुई है। वहीं, घायल व्यक्ति रामजी साह के पुत्र महेश्वर साह बताए गए हैं, जिनका इलाज स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहिउद्दीन नगर में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल मरीज की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने के पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेज दिया। पुलिस मामले की आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है। इस हृदयविदारक घटना से धर्मपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और पूरा गांव स्तब्ध है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- बिहारशरीफ के अस्पताल चौक पर बुधवार को जंतर-मंतर में चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में 2,000 से अधिक छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का यह मार्च श्रम कल्याण केंद्र से शुरू होकर क्लॉक टावर तक पहुंचा, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस नारेबाजी और मार्च की वजह से कुछ समय के लिए सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि, छात्रों का यह पूरा प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।1
- नालंदा जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शनिवार को परीक्षा में लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में बिहार शरीफ में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने श्रम कल्याण मैदान से एक आक्रोश मार्च निकाला, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए हॉस्पिटल चौराहा पहुंचा। वहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का पुतला दहन किया। इस अवसर पर नालंदा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विवेक कुमार सिन्हा ने कहा कि आज देश का युवा पेपर लीक से परेशान है, किसान महंगाई से त्रस्त हैं और लाखों शिक्षित युवक-युवतियां बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। केंद्र सरकार इन मूलभूत समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है और युवाओं के भविष्य तथा आम जनता के जीवन से जुड़े सवालों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी जनता के हक और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करेगी तथा सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज बुलंद रखेगी। इस विरोध प्रदर्शन में नंदु पासवान, जमाल अशरफ़ जमाली, उस्मान गणि, राजीव कुमार मुन्ना, इंजीनियर टीपू, अनिल कुमार, डॉ अवधेश प्रसाद, अजय कुमार पांडेय, सदन मलिक, सुजानी कुमार, ममता रानी, किरानी पासवान, रजनीश कुमार, मीडिया प्रभारी अजीत राज, चंदन यादव, वाल्मिक पासवान, शैलेश कुमार, सत्येंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, सुभाष जी समेत अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे।1
- बिहार विधानसभा के तृतीय सत्र के दौरान बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार ने शून्यकाल, निवेदन, याचिका और तारांकित प्रश्नों के माध्यम से सदन में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय उठाए। उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं के साथ-साथ प्रदेश के विकास और आम जन से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। विधायक अरुण कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल समस्याएं उठाना नहीं, बल्कि उनके त्वरित और स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास करना भी है। उन्होंने बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और जनता की अपेक्षाओं को सदन में प्रमुखता से रखा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "विधानसभा केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि जनता की आशाओं, विश्वास और अधिकारों की सबसे सशक्त आवाज़ है। जनसमस्याओं के समाधान तथा प्रदेश के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता निरंतर जारी रहेगी।" अरुण कुमार ने आगे कहा कि "जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और जनहित की रक्षा हमारा सर्वोच्च दायित्व है।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि बख्तियारपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देना उनकी प्राथमिकता है और वे लगातार सदन तथा सरकार के समक्ष जनता की बात मजबूती से रखते रहेंगे।1
- समस्तीपुर के मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब कारोबारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मध निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे नामजद अभियुक्त प्रमोद दास (पिता- स्वर्गीय रघु दास) को मंगलवार की देर रात उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अपर थानाध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि पूर्व में पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान प्रमोद दास के घर से 50 लीटर देसी शराब बरामद की गई थी। इस मामले में उसके खिलाफ थाना कांड संख्या-113/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था। मंगलवार की देर रात मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहनपुर गांव स्थित उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया। अपर थानाध्यक्ष ने कहा कि शराब कारोबारियों, फरार अभियुक्तों और वारंटियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- भारत के पुलिसकर्मी द्वारा महिला का सम्मान न किए जाने को लेकर तीखी नाराजगी जताई गई है। इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि भारत का पुलिसवाला ऐसा बन जाएगा, जिसे एक औरत की इज्जत करना भी नहीं आता। पुलिस अधिकारी के इस तरह के व्यवहार को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है।1