भीलवाड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अलवर-मेवात क्षेत्र से मुख्य आरोपी कायम खान (23) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी सिम और फर्जी यूपीआई आईडी का इस्तेमाल कर एक 75 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से उनकी जानकारी के बिना ₹7.05 लाख से अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी। पुलिस के अनुसार, करेड़ा थाना क्षेत्र के बड्डू निवासी 75 वर्षीय नाथू सिंह चुंडावत के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 5 मार्च 2025 को ₹7,05,683.06 शेष थे। दो महीने बाद, जब पीड़ित पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे, तो उनके खाते में केवल ₹1,063.59 बचे मिले। जांच में पता चला कि पूरी राशि यूपीआई के माध्यम से स्थानांतरित कर दी गई थी, जबकि पीड़ित न तो एंड्रॉयड मोबाइल का उपयोग करते हैं, न एटीएम कार्ड रखते हैं और न ही उन्होंने किसी को ओटीपी साझा किया था। इस मामले में साइबर थाना भीलवाड़ा में प्रकरण दर्ज कर जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी रामशरण के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और फर्जी सिम से बनाई गई यूपीआई आईडी का सुराग मिलने पर पुलिस ने अलवर के घाटी का बास चांदौली से आरोपी कायम खान को धरदबोचा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामशरण और कांस्टेबल राम प्रसाद, प्रभुराम व कुलदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर ठगी गिरोह में कायम खान के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी गई राशि को किन खातों में स्थानांतरित किया गया है।
भीलवाड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अलवर-मेवात क्षेत्र से मुख्य आरोपी कायम खान (23) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी सिम और फर्जी यूपीआई आईडी का इस्तेमाल कर एक 75 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से उनकी जानकारी के बिना ₹7.05 लाख से अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी। पुलिस के अनुसार, करेड़ा थाना क्षेत्र के बड्डू निवासी 75 वर्षीय नाथू सिंह चुंडावत के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 5 मार्च 2025 को ₹7,05,683.06 शेष थे। दो महीने बाद, जब पीड़ित पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे, तो उनके खाते में केवल ₹1,063.59 बचे मिले। जांच में पता चला कि पूरी राशि यूपीआई के माध्यम से स्थानांतरित कर दी गई थी, जबकि पीड़ित न तो एंड्रॉयड मोबाइल का उपयोग करते हैं, न एटीएम कार्ड रखते हैं और न ही उन्होंने किसी को ओटीपी साझा किया था। इस मामले में साइबर थाना भीलवाड़ा में प्रकरण दर्ज कर जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी रामशरण के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और फर्जी सिम से बनाई गई यूपीआई आईडी का सुराग मिलने पर पुलिस ने अलवर के घाटी का बास चांदौली से आरोपी कायम खान को धरदबोचा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामशरण और कांस्टेबल राम प्रसाद, प्रभुराम व कुलदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर ठगी गिरोह में कायम खान के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी गई राशि को किन खातों में स्थानांतरित किया गया है।
- भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को लेकर सोमवार दोपहर करीब 1 बजे माली समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान माली समाज ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो समाज एक उग्र आंदोलन करेगा। माली समाज महासभा के जिला अध्यक्ष भेरूलाल माली ने जानकारी दी कि विजय सिंह पथिक नगर निवासी गोपाल माली पर उनके पड़ोसियों ने जानलेवा हमला किया था। इस घटना के बाद गोपाल माली ने सुभाष नगर थाने में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि, इसके जवाब में दूसरे पक्ष ने भी गोपाल माली के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। भेरूलाल माली ने आरोप लगाया कि गोपाल माली की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि गोपाल माली के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भेरूलाल माली ने आगे बताया कि घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, और उनकी प्रमुख मांग है कि इस वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए तथा जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि समस्त माली समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इन्हीं मांगों को दोहराया है। समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला, तो माली समाज उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।1
- जयपुर और राजस्थान में राहुल ने 'छात्रों की गूंज' नामक एक नए मिशन की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं के मुद्दों को उठाना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे इस पहल के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने साथ सफलतापूर्वक जोड़ पाएंगे।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दिनभर कई आयोजन सुर्खियों में रहे। इनमें कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का प्रदर्शन, श्री बालाजी सेवा संस्थान की दुर्ग संरक्षण की मांग, दशनाम गोस्वामी समाज की नई कार्यकारिणी का गठन, और 'एक शाम सुमन कल्याणपुर के नाम' संगीतमय संध्या प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त, यूनुस खान की दरगाह जियारत, असमा खानम का सम्मान, तथा पारलिया देवरी गौ कथा महोत्सव एवं 21वें कल्याण महाकुंभ की तैयारियां भी चर्चा का विषय बनी रहीं।1
- भीलवाड़ा में 29 जून को माली समाज के हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट के बाहर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन समाजसेवी और प्रदेश महामंत्री गोपाल लाल माली पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और उनके परिवारजनों पर दर्ज झूठे मुकदमे को हटाने की मांग को लेकर किया गया। राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा, माली युवा सेवा संस्थान, माली सैनी कर्मचारी एवं अधिकारी विकास सेवा संस्था, फुलेरिया माली समाज संपत्ति ट्रस्ट और समस्त माली समाज भीलवाड़ा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में गंगापुर, रायपुर, मांडल, बनेड़ा, राजसमंद, अजमेर सहित कई स्थानों से समाज के लोग पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा के जिला अध्यक्ष भैरू लाल माली ने आरोप लगाया कि गोपाल लाल माली वर्षों से सामाजिक और जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं, और उन पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि कमजोर व पिछड़े समाज की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि घटना के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि इसके उलट पीड़ित पक्ष के परिवारजनों पर ही झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। इससे आमजन में न्याय व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। माली युवा सेवा संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण सोपारिया और फुलेरिया माली समाज संपत्ति ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश गढ़वाल ने भी मामले में किसी भी प्रकार के दबाव या पक्षपात से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच की मांग की, और पुलिस से वास्तविक तथ्य सामने लाने तथा दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया। माली सैनी कर्मचारी एवं अधिकारी विकास सेवा संस्था के अध्यक्ष तोता राम सांखला ने स्पष्ट किया कि समाज का उद्देश्य किसी के साथ अन्याय करना नहीं, बल्कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना है। माली समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और दोषियों को संरक्षण देने का प्रयास किया गया, तो समाज प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र एवं पारदर्शी जांच कर मामले का निष्पक्ष निस्तारण करने की मांग की।4
- एक शराब पार्टी के दौरान दोस्तों के बीच छर्रे वाली बंदूक चल गई, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।1