ग्वालियर जिले में नरवाई प्रबंधन के लिये जागरूकता अभियान जारी अधिकारी गाँव-गाँव जाकर किसानों व हार्वेस्टर मालिकों को कर रहे हैं जागरूक नरवाई जलाने वालों पर लगेगा अर्थदण्ड भितरवार। जिला प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत कार्ययोजना लागू की गई है। इसके तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राजस्व एवं किसान कल्याण व कृषि विकास विभाग के अधिकारियों के द्वारा गाँव-गाँव में किसानों व हार्वेस्टर मालिकों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नरवाई जलाने पर कानूनी प्रावधानों के तहत दिए जाने वाले दंड की जानकारी भी दी जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया के निर्देश पर भितरवार तहसीलदार धीरज सिंह परिहार,नायब तहसीलदार शिवदयाल शर्मा, राजस्व निरीक्षक विकास यादव सांखनी,हरसी, सिंघारन गांव में पहुंचे तो वही आंतरी की नायब तहसीलदार पूजा मावई भरथरी सहित अन्य ग्रामों में खेतों पर पहुँचे और किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। साथ ही हार्वेस्टर मालिकों को हार्वेस्टर में एसएमएस मशीन लगाने के लिये निर्देशित किया। किसानों को बताया गया कि खेत में ही वे फसल अवशेष अर्थात नरवाई व पराली जलाने के बजाय इनका वैज्ञानिक प्रबंधन करें। नरवाई जलाने से मृदा की उर्वरता पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, उत्पादकता घट जाती है और पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए नरवाई नहीं जलाएं। कंबाइन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस लगाना अनिवार्य जिले में संचालित सभी कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अथवा स्ट्रा रीपर का उपयोग अनिवार्य किया गया है। हार्वेस्टर मालिकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया गया है कि बिना इन उपकरणों के कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला एवं तहसील स्तर पर निगरानी दल गठित नरवाई प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की गई है, जिसका अध्यक्ष अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को बनाया गया है। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा तहसील स्तर पर निगरानी दल गठित किए गए हैं, जिनमें तहसीलदार, थाना प्रभारी, पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक शामिल हैं। 15 जून तक चलेगा जनजागरूकता अभियान नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए गत 1 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 जून तक चलेगा। इसके तहत गाँव-गाँव में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर, मल्चर एवं बेलर जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग के लिये किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषकगण इन उपकरणों का उपयोग कर फसल अवशेष का वैज्ञानिक प्रबंधन कर सकते हैं। नरवाई से अतिरिक्त आय के अवसर किसानों को समझाइश दी जा रही है कि नरवाई को जलाने के बजाय मल्चिंग, भूसा निर्माण अथवा पशुओं के चारे के रूप में उपयोग किया जा सकता है। बेलर सहित अन्य मशीनों की सहायता से फसल अवशेष के बंडल बनाकर उद्योगों, एथेनॉल एवं सीबीजी इकाइयों में ईंधन के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है। इसके अलावा हैप्पी सीडर या सुपर सीडर के माध्यम से बिना जुताई सीधे बोनी करने के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नरवाई जलाने पर लगेगा अर्थदंड नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। नरवाई जलाने पर पर्यावरण संरक्षण के प्रावधानों के अनुसार 2 एकड़ से कम भूमि वाले कृषकों पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक भूमि वाले कृषकों पर 5000 रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषकों पर 15000 रुपये प्रति घटना अर्थदंड निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार प्रशासन के द्वारा खरीफ सीजन की फसल धान की कटाई के समय भी क्षेत्र के आधा सैकड़ा किसानों पर धान की पराली जलाने पर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई थी जिसके चलते प्रशासन के इस सख्त रवैया से किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।
ग्वालियर जिले में नरवाई प्रबंधन के लिये जागरूकता अभियान जारी अधिकारी गाँव-गाँव जाकर किसानों व हार्वेस्टर मालिकों को कर रहे हैं जागरूक नरवाई जलाने वालों पर लगेगा अर्थदण्ड भितरवार। जिला प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत कार्ययोजना लागू की गई है। इसके तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राजस्व एवं किसान कल्याण व कृषि विकास विभाग के अधिकारियों के द्वारा गाँव-गाँव में किसानों व हार्वेस्टर मालिकों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नरवाई जलाने पर कानूनी प्रावधानों के तहत दिए जाने वाले दंड की जानकारी भी दी जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया के निर्देश पर भितरवार तहसीलदार धीरज सिंह परिहार,नायब तहसीलदार शिवदयाल शर्मा, राजस्व निरीक्षक विकास यादव सांखनी,हरसी, सिंघारन गांव में पहुंचे तो वही आंतरी की नायब तहसीलदार पूजा मावई भरथरी सहित अन्य ग्रामों में खेतों पर पहुँचे और किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। साथ ही हार्वेस्टर मालिकों को हार्वेस्टर में एसएमएस मशीन लगाने के लिये निर्देशित किया। किसानों को बताया गया कि खेत में ही वे फसल अवशेष अर्थात नरवाई व पराली जलाने के बजाय इनका वैज्ञानिक प्रबंधन करें। नरवाई जलाने से मृदा की उर्वरता पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, उत्पादकता घट जाती है और पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए नरवाई नहीं जलाएं। कंबाइन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस लगाना अनिवार्य जिले में संचालित सभी कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अथवा स्ट्रा रीपर का उपयोग अनिवार्य किया गया है। हार्वेस्टर मालिकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया गया है कि बिना इन उपकरणों के कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला एवं तहसील स्तर पर निगरानी दल गठित नरवाई प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की गई है, जिसका अध्यक्ष अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को बनाया गया है। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा तहसील स्तर पर निगरानी दल गठित किए गए हैं, जिनमें तहसीलदार, थाना प्रभारी, पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक शामिल हैं। 15 जून तक चलेगा जनजागरूकता अभियान नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए गत 1 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 जून तक चलेगा। इसके तहत गाँव-गाँव में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर, मल्चर एवं बेलर जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग के लिये किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषकगण इन उपकरणों का उपयोग कर फसल अवशेष का वैज्ञानिक प्रबंधन कर सकते हैं। नरवाई से अतिरिक्त आय के अवसर किसानों को समझाइश दी जा रही है कि नरवाई को जलाने के बजाय मल्चिंग, भूसा निर्माण अथवा पशुओं के चारे के रूप में उपयोग किया जा सकता है। बेलर सहित अन्य मशीनों की सहायता से फसल अवशेष के बंडल बनाकर उद्योगों, एथेनॉल एवं सीबीजी इकाइयों में ईंधन के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है। इसके अलावा हैप्पी सीडर या सुपर सीडर के माध्यम से बिना जुताई सीधे बोनी करने के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नरवाई जलाने पर लगेगा अर्थदंड नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। नरवाई जलाने पर पर्यावरण संरक्षण के प्रावधानों के अनुसार 2 एकड़ से कम भूमि वाले कृषकों पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक भूमि वाले कृषकों पर 5000 रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषकों पर 15000 रुपये प्रति घटना अर्थदंड निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार प्रशासन के द्वारा खरीफ सीजन की फसल धान की कटाई के समय भी क्षेत्र के आधा सैकड़ा किसानों पर धान की पराली जलाने पर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई थी जिसके चलते प्रशासन के इस सख्त रवैया से किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।
- Post by GWALIOR PRAVAH NEWS1
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 132वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम का नरवर मण्डल के बूथ क्रमांक 15 पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक रूप से श्रवण किया गया। इस अवसर पर विधायक रमेश खटीक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के समग्र विकास, जनभागीदारी तथा समाज में हो रहे सकारात्मक प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। उनके संबोधन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों को नई प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान की। विधायक रमेश खटीक ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री और आम जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है, जो समाज में जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का1
- स्कूल चलें हम अभियान के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल होलीपुरा में जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कलेक्टर वानखड़े ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नवप्रवेशी बच्चों का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उन्हें पुस्तकें और खिलौने भेंट किए। उन्होंने कक्षा 1 के विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं खिलौने प्रदान कर शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। साथ ही कक्षा 9 के विद्यार्थियों को साइकिल वितरित कर उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने हेतु प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा उत्साह और उमंग के साथ रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। कलेक्टर वानखड़े ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ अक्षय कुमार तेम्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी सुनील शुक्ला समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- Post by दिगेन्द्र कुमार बाजपेई1
- भांडेर नगर में मंगलवार रात 09 को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज गरज-चमक के साथ बेमौसम झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस दौरान 08 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई। दिनभर की गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश से काफी राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। वहीं, इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल पर तेज हवा और बारिश का असर पड़ने की आशंका है, जिससे नुकसान हो सकता है। हालांकि राहत की बात यह रही कि क्षेत्र में कहीं भी ओलावृष्टि की खबर नहीं है। किसान अब फसलों की स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं।1
- पुलिस विभाग में सेवा प्रदान करने के बाद सेवानिवृत्त हुये का.वा. उप निरीक्षक ज्ञान सिंह वर्मा, का.वा. सहायक उप निरीक्षक हरवीर सिंह, का.वा. प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा को पुलिस अधीक्षक द्वारा उनके सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुये प्रमाण पत्र, सॉल-श्रीफल और पुष्प गुच्छ भेंट कर विदाई दी।1
- किताबों पर धांधली और शराब पर छूट क्या होगा ग्वालियर का...... gwalior शराब पर डिस्काउंट और किताबों पर धांधली.......👀🤔😱 #gwaliormela #explore #viralreels #foryou less1