संतकबीरनगर के विकास भवन स्थित डीपीआरसी हॉल/परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित 'समेकित जनकल्याण एवं जन जागरूकता अभियान' (05 जून से 21 जून 2026 तक) के क्रम में जनकल्याणकारी शिविर एवं विकास प्रदर्शनी का आज भव्य समापन किया गया। मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टालों और विभागों द्वारा जन सामान्य को लाभान्वित व जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदर्शित विभागीय योजनाओं का अवलोकन करते हुए इसका समापन किया। इस अवसर पर एमएलसी प्रतिनिधि मंटू राय और एमएलसी प्रतिनिधि ई. सुधांशु सिंह भी उपस्थित रहे। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने तीन दिवसीय प्रदर्शनी के समापन अवसर पर सभी प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि विकास प्रदर्शनी में केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 09 वर्षों की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। विधायक ने जनपदवासियों से अपील की कि वे शासन की विभिन्न योजनाओं, नीतियों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करें और उनका लाभ उठाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतिगत निर्णयों और उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए तत्परता से कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ गुणवत्तापूर्ण तरीके से मिल सके। उन्होंने देश, प्रदेश एवं जनपद के चौतरफा विकास में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व शैली की सराहना करते हुए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। आयोजित विकास प्रदर्शनी में आज संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश से नामित लोक कलाकार धीरेंद्र गोस्वामी एवं उनकी पार्टी तथा वीरेंद्र कुमार एवं उनकी पार्टी द्वारा लोकगायन के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया गया। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, भूमि संरक्षण अधिकारी दीपचंद चौरसिया, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित सम्मानित किसान और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
संतकबीरनगर के विकास भवन स्थित डीपीआरसी हॉल/परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित 'समेकित जनकल्याण एवं जन जागरूकता अभियान' (05 जून से 21 जून 2026 तक) के क्रम में जनकल्याणकारी शिविर एवं विकास प्रदर्शनी का आज भव्य समापन किया गया। मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टालों और विभागों द्वारा जन सामान्य को लाभान्वित व जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदर्शित विभागीय योजनाओं का अवलोकन करते हुए इसका समापन किया। इस
अवसर पर एमएलसी प्रतिनिधि मंटू राय और एमएलसी प्रतिनिधि ई. सुधांशु सिंह भी उपस्थित रहे। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने तीन दिवसीय प्रदर्शनी के समापन अवसर पर सभी प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि विकास प्रदर्शनी में केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 09 वर्षों की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। विधायक ने जनपदवासियों से अपील की कि वे शासन की विभिन्न योजनाओं, नीतियों एवं उपलब्धियों
की जानकारी प्राप्त करें और उनका लाभ उठाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतिगत निर्णयों और उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए तत्परता से कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ गुणवत्तापूर्ण तरीके से मिल सके। उन्होंने देश, प्रदेश एवं जनपद के चौतरफा विकास में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व शैली की सराहना करते हुए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। आयोजित विकास प्रदर्शनी में आज
संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश से नामित लोक कलाकार धीरेंद्र गोस्वामी एवं उनकी पार्टी तथा वीरेंद्र कुमार एवं उनकी पार्टी द्वारा लोकगायन के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया गया। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, भूमि संरक्षण अधिकारी दीपचंद चौरसिया, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित सम्मानित किसान और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही में जमीन पर अवैध कब्जे और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने दबंगों पर अपनी 0.114 हेक्टेयर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अरविन्द नाथ पांडेय के अनुसार, चकदही स्थित समय मां देवस्थान की आराजी संख्या 404, कुल रकबा 0.114 हेक्टेयर, पर गांव के ही वृजभूषण पुत्र सूर्य नारायन, निवासी वनियावारी, ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप है कि वृजभूषण और अन्य दबंगों ने खाता संख्या 404 की 0.114 हेक्टेयर और खाता संख्या 402 की 0.62 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ देवस्थान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। पीड़ित ने बताया कि 27 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन देखने गए, तो विपक्षी 5-6 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने अरविंद नाथ पांडेय के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग खुद को समाजवादी पार्टी का बताकर इलाके में गुंडागर्दी करते हैं। 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में, पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने आराजी नंबर 404, खाता नंबर 402 और देवस्थान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की भी अपील की है। अरविंद नाथ पांडेय ने यह भी बताया कि कई दिनों से अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- गोरखपुर के थाना एम्स क्षेत्र स्थित रामपुर बुजुर्ग गांव से पहचान संबंधी धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पंचर की दुकान चलाने वाले युवक राज प्रजापति को वाराणसी CGST विभाग से ₹100 करोड़ के टर्नओवर और लगभग ₹28 करोड़ के टैक्स बकाया से जुड़ा समन मिला है, जिससे उनके परिवार में गहरी चिंता छा गई है। राज प्रजापति के अनुसार, उनके गांव के ही एक व्यक्ति ने उनकी बहन की शादी के लिए लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और हस्ताक्षर लिए थे। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग करके उनके नाम पर एक फर्जी कंपनी बना ली गई। फरवरी 2026 में हुई CGST विभाग की जांच में इस कथित कंपनी का लगभग ₹100 करोड़ का कारोबार और ₹28 करोड़ का टैक्स बकाया सामने आया। मार्च 2026 में जब विभागीय टीम जांच के लिए राज प्रजापति के गांव पहुंची, तो अधिकारियों को पता चला कि इस कंपनी का कथित मालिक एक साधारण पंचर की दुकान चलाता है। इस घटना के बाद राज प्रजापति ने थाना एम्स में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई है। सीओ कैंट ने बताया है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- गोरखपुर में पांचवीं मोहर्रम का शाही जुलूस निकाला गया। इस धार्मिक आयोजन के दौरान, सैय्यद अयान अली शाह पहली बार एहराम में दिखाई दिए।1
- शौर्य स्पोर्ट्स क्लब ने बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र दिया है। क्लब ने बच्चों को सिखाया है कि योग के माध्यम से स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है और खेलों में सक्रिय भागीदारी से सफलता सुनिश्चित होती है।1
- गोरखपुर जिले के बांसगांव तहसील में कानूनगो राधेश्याम उपाध्याय को क्षेत्र का 'सबसे भ्रष्ट कानूनगो' बताया गया है, बावजूद इसके कि उन्हें राजस्व विभाग का एक 'कर्मठ और ईमानदार कर्मचारी' भी कहा जा रहा है। उनके कथित भ्रष्टाचार के कारण कई परिवारों में हत्या तक की नौबत आ चुकी है। हाल ही में एक घटना सामने आई है जहाँ राधेश्याम उपाध्याय ने गगहा थाने में बैठकर एक ब्यूरो चीफ के छोटे भाई से 15,000 रुपये की रिश्वत ली। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, जो उनके खिलाफ लगे आरोपों को और पुख्ता करता है।1
- बिहार में भरत तिवारी से जुड़े एक मामले को लेकर एक युवा का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस बयान ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है।1
- गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र स्थित जूही इंक्लेव के महाराणा प्रताप पार्क में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का समापन रविवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिवस पर कथा वाचक बाल व्यास पंडित सूर्य प्रकाश मिश्र (प्रयागराज) ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, राम-भरत के त्यागमय प्रेम, हनुमान जी की अद्वितीय भक्ति तथा सुग्रीव की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। पंडित मिश्र ने बताया कि श्रीराम केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा, सत्य, त्याग और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं, जिनका प्रत्येक प्रसंग समाज को कर्तव्य, अनुशासन और नैतिकता की शिक्षा देता है। उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों, जैसे पारिवारिक विघटन और नैतिक पतन, के संदर्भ में श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने श्रीराम के राजसिंहासन छोड़कर वनवास स्वीकार करने को त्याग और कर्तव्यपालन का सर्वोच्च उदाहरण बताया, वहीं भरत के भ्रातृ प्रेम को विश्व के लिए प्रेरणास्रोत कहा। राम-रावण युद्ध का विस्तृत वर्णन करते हुए पंडित मिश्र ने समझाया कि रावण के पास ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार ने उसे पतन की ओर धकेला, जबकि श्रीराम ने धर्म, सत्य, करुणा और मर्यादा के बल पर विजय प्राप्त की। यह प्रसंग मानव जीवन को असत्य पर सत्य की अंतिम विजय की शिक्षा देता है। कथा वाचक ने हनुमान जी को सेवा, समर्पण और गुरु-भक्ति का सर्वोच्च उदाहरण बताया, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन प्रभु श्रीराम की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने सुग्रीव और श्रीराम की मित्रता को विश्वास, सहयोग और सच्ची मित्रता का महत्व समझाने वाला बताया। धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सत्य बोलना, माता-पिता का सम्मान करना, जरूरतमंदों की सहायता करना, समाज में सद्भाव बनाए रखना और मानवता की सेवा करना भी धर्म का ही स्वरूप है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म व्यक्ति को संस्कारित करता है और समाज को संगठित एवं सशक्त बनाता है, और सनातन संस्कृति का मूल उद्देश्य सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है। समापन अवसर पर वैदिक विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्र की उन्नति के लिए आहुतियां अर्पित कीं। इसके बाद भगवान श्रीराम की भव्य आरती की गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में दिव्य पीतांबरा फाउंडेशन द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने सनातन परंपरा में अन्नदान को महादान बताते हुए कहा कि भंडारे का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव को बढ़ावा देना है। इस नौ दिवसीय आयोजन की सफलता में केडी तिवारी, कुणाल तिवारी, सोना तिवारी, प्रभात तिवारी, कार्तिकेय सिंह, कृष्णा सिंह, आशु जायसवाल सहित अनेक श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का विशेष योगदान रहा। उपस्थित संत-महात्माओं, आचार्यों और विद्वानों ने ऐसे धार्मिक आयोजनों को आध्यात्मिक चेतना जगाने के साथ-साथ समाज में संस्कार, एकता, नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला बताया। उन्होंने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए धर्म के प्रचार-प्रसार और सनातन संस्कृति की रक्षा को हर व्यक्ति का कर्तव्य बताया। संगीतमय श्रीराम कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, धर्म और संस्कृति की रक्षा करने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों के प्रसार का संकल्प लिया, जिसके बाद देर शाम तक पूरे क्षेत्र में भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक आनंद का वातावरण बना रहा।4
- गोरखपुर के कैंट इलाके में खाद्य सुरक्षा टीम ने छापा मारा।1
- गोरखपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक भव्य योगासन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर सूर्य नमस्कार के 12 स्टेप्स के माध्यम से निरोग रहने के महत्व पर विशेष बल दिया गया।1