चतरा के टंडवा टाउन हॉल में सोमवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से सात सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन किया गया और आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार एवं विभिन्न मांगों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया मीना कुमारी ने की, जबकि मुनेश्वर माली ने इसका संचालन किया। इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, वहीं जिला उपाध्यक्ष प्रभु दयाल पासवान और जिला सचिव सुगन साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। गठित सात सदस्यीय संयोजक मंडल में संतोष नायक, जमन प्रसाद साहू, मीना कुमारी, प्रभु दयाल पासवान, अगंद महतो, वीगल टाना भगत और ईश्वर टाना भगत को शामिल किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों की अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आंदोलनकारियों के सम्मान और कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए, जिसमें सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने, उचित मान-सम्मान प्रदान करने और जिला प्रशासन के माध्यम से उन्हें सम्मानित करने की मांग प्रमुख थी। साथ ही, जिले में आयोजित होने वाले सभी सरकारी एवं सामाजिक कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। संगठन विस्तार पर भी व्यापक चर्चा हुई, जिसके तहत पूरे चतरा जिले में संगठन को मजबूत करने और विभिन्न प्रखंडों में कमेटियों के गठन का निर्णय लिया गया। आंदोलनकारियों को संगठित कर उनकी समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुँचाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर टहलु महतो, अब्दुल अयूम अंसारी, श्याम सुंदर प्रसाद, रूपलाल साहू, राजेंद्र राम, सोहन महतो, दीपा भगत, कार्तिक उरांव, धनेश्वर साहू, प्रतिमा देवी, शांति टाना भगत, किशन यादव, सुबोध कुमार सिंह, सरकार सिंह, महेंद्र साव, अवध किशोर नायक, लक्ष्मी उरांव, जगु टाना भगत, कैलाश उरांव, बसु उरांव, छक्कू महतो, अंजली देवी, पुनिया देवी, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, संजय देवी, आशा देवी और सुमित्रा देवी सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। बैठक के अंत में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने और आंदोलनकारियों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के आयोजन में जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
चतरा के टंडवा टाउन हॉल में सोमवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से सात सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन किया गया और आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार एवं विभिन्न मांगों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया मीना कुमारी ने की, जबकि मुनेश्वर माली ने इसका संचालन किया। इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, वहीं जिला उपाध्यक्ष प्रभु दयाल पासवान और जिला सचिव सुगन साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। गठित सात सदस्यीय संयोजक मंडल में संतोष नायक, जमन प्रसाद साहू, मीना कुमारी, प्रभु दयाल पासवान, अगंद महतो, वीगल टाना भगत और ईश्वर टाना भगत को शामिल किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों की अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आंदोलनकारियों के सम्मान और कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए, जिसमें सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने, उचित मान-सम्मान प्रदान करने और जिला प्रशासन के माध्यम से उन्हें सम्मानित करने की मांग प्रमुख थी। साथ ही, जिले में आयोजित होने वाले सभी सरकारी एवं सामाजिक कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। संगठन विस्तार पर भी व्यापक चर्चा हुई, जिसके तहत पूरे चतरा जिले में संगठन को मजबूत करने और विभिन्न प्रखंडों में कमेटियों के गठन का निर्णय लिया गया। आंदोलनकारियों को संगठित कर उनकी समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुँचाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर टहलु महतो, अब्दुल अयूम अंसारी, श्याम सुंदर प्रसाद, रूपलाल साहू, राजेंद्र राम, सोहन महतो, दीपा भगत, कार्तिक उरांव, धनेश्वर साहू, प्रतिमा देवी, शांति टाना भगत, किशन यादव, सुबोध कुमार सिंह, सरकार सिंह, महेंद्र साव, अवध किशोर नायक, लक्ष्मी उरांव, जगु टाना भगत, कैलाश उरांव, बसु उरांव, छक्कू महतो, अंजली देवी, पुनिया देवी, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, संजय देवी, आशा देवी और सुमित्रा देवी सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। बैठक के अंत में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने और आंदोलनकारियों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के आयोजन में जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- नशे के खिलाफ चलाए जा रहे एक अभियान के तहत पुलिस एक स्कूल में पहुंची। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्कूल में मौजूद छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को नशे के बुरे प्रभावों और उससे बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया, साथ ही उन्हें सुरक्षा और जागरूकता का मंत्र भी दिया।1
- हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में मोहर्रम की पांचवीं का जुलूस देर रात तक पूरे जोश और अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान युवाओं के हैरतअंगेज करतब और आग की लुप्पी लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे। जामा मस्जिद रोड, लेप्पो रोड, काजी मोहल्ला, सरदार चौक, खिरगांव खान रोड, खिरगांव अंसारी रोड, नूरा, लोहसिंघना और कोलघाट्टी से निकले जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए इमामबाड़ों तक पहुंचे। जुलूस के दौरान लगातार बारिश बरसती रही, जिसमें मूसलाधार बारिश भी शामिल थी, लेकिन इसके बावजूद 'या हुसैन' की सदाओं और अकीदत का जोश जरा भी कम नहीं हुआ। इस जुनून को बारिश भी नहीं रोक पाई, क्योंकि जैसा कहा गया है, "मंज़िल वही पाते हैं जिनके इरादों में जान होती है..."1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुदूर गांवों में भी योग के प्रति जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस दौरान लोगों ने स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया, जिसके साथ इस दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया।1
- राष्ट्रीय राजमार्ग 80 (NH-80) पर स्थित कुँवा पुल को 'मौत का पुल' बताया गया है, जिससे कभी भी एक बड़े हादसे की गंभीर आशंका जताई जा रही है। इस पुल की जर्जर हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, और यह मुद्दा बिहार की राजनीति से जुड़े नेताओं और राजनीतिक दलों के ध्यान में भी है, जैसा कि हैशटैग्स से स्पष्ट होता है।1
- रांची के सैम्फोर्ड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से जुड़े विवाद में अब पीड़ित परिवार और सामाजिक कार्यकर्ता मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों और दिए गए बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि वे किसी प्रकार की गुंडागर्दी करने नहीं गए थे, बल्कि उन्हें शिकायत मिलने पर ही अस्पताल पहुंचना पड़ा था। पीड़ित पक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस दौरान अस्पताल परिसर के भीतर दुर्व्यवहार और मारपीट के अपने पहले के आरोपों को भी दोहराया है। इस पूरे मामले को लेकर यह भी स्पष्ट किया गया है कि वीडियो में व्यक्त किए गए सभी बयान और आरोप संबंधित व्यक्तियों के निजी विचार हैं। यह विषय अभी जांच और सत्यापन के अधीन हो सकता है, और दर्शकों को उपलब्ध सभी जानकारी पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।1
- मुहर्रम के मद्देनजर, रामगढ़ अनुमंडल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक शांति समिति बैठक का आयोजन किया गया।1
- हजारीबाग पुलिस ने नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, पुलिसकर्मियों ने KB विमेंस कॉलेज का दौरा किया, जहाँ उन्होंने छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों और इससे जुड़े खतरों के बारे में जागरूक किया। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने के लिए शिक्षित करना है।1
- रांची के रातु थाना क्षेत्र के रातु बड़काटोली में मीना उराईन की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है, जिसमें मृतक महिला के पुत्र ओम उराँव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में ओम ने अपनी माँ की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। यह घटना गुरुवार की रात की है। मीना उराईन अपने प्रेमी प्रताप उराँव के रातु बड़काटोली स्थित घर पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थीं। ओम ने पुलिस को बताया कि उस रात जब उसने अपनी माँ को घर पर नहीं पाया तो वह सीधे उनके प्रेमी प्रताप उराँव के घर पहुँचा। वहाँ दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर वह आग बबूला हो गया, जिससे प्रताप वहाँ से भाग गया। गुस्से में ओम ने डंडे से अपनी माँ के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह बेसुध होकर गिर पड़ीं। घायल अवस्था में ओम ने ही अपनी माँ को पहले रातु सीएचसी पहुँचाया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, राँची रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ही मीना उराईन की मौत हो गई, उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। पुलिस ने आरोपी पुत्र ओम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गाँव वालों के मुताबिक, ओम उराँव नशे का आदी था और दिनभर नशीले पदार्थों का सेवन करता था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति भी कमजोर थी। पुलिस ने पुष्टि की है कि पुत्र ने अवैध संबंध के कारण ही इस घटना को अंजाम दिया था।1
- सीसीएल तोपा कोलयारी में युवा राजद द्वारा रैयत परमेश्वर गोप के समर्थन में एक धरना प्रदर्शन किया गया। इस घटना के संबंध में 25 जून को वार्ता आयोजित की जाएगी।1