अनूपपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक नाबालिग बच्चे को खंभे से बांधकर प्रताड़ित करने की अमानवीय घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना सीधे स्टेशन के मेन गेट के पास हुई, जहाँ Government Railway Police (GRP) और Railway Protection Force (RPF) की मौजूदगी पर प्रश्नचिह्न लग गया है। जिस जगह यह अत्याचार हुआ, वह कोई सुनसान इलाका नहीं, बल्कि अनूपपुर रेलवे स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार है, जो एक संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। ऐसी जगह पर इस तरह की घटना का होना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि स्टेशन के मेन गेट पर एक नाबालिग के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम यात्रियों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? यह स्थिति जीआरपी और आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करती है कि क्या उनकी उपस्थिति केवल कागजों तक ही सीमित है। यह मामला सिर्फ एक नाबालिग पर हुए अत्याचार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का विषय बन गया है। इस घटना के दोषियों के साथ-साथ, ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
अनूपपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक नाबालिग बच्चे को खंभे से बांधकर प्रताड़ित करने की अमानवीय घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना सीधे स्टेशन के मेन गेट के पास हुई, जहाँ Government Railway Police (GRP) और Railway Protection Force (RPF) की मौजूदगी पर प्रश्नचिह्न लग गया है। जिस जगह यह अत्याचार हुआ, वह कोई सुनसान इलाका नहीं, बल्कि अनूपपुर रेलवे स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार है, जो एक संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। ऐसी जगह पर इस तरह की घटना का होना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि स्टेशन के मेन गेट पर एक नाबालिग के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम यात्रियों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? यह स्थिति जीआरपी और आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करती है कि क्या उनकी उपस्थिति केवल कागजों तक ही सीमित है। यह मामला सिर्फ एक नाबालिग पर हुए अत्याचार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का विषय बन गया है। इस घटना के दोषियों के साथ-साथ, ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
- अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समय-सीमा पत्रों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु को देखते हुए जिले में हाथियों के भ्रमण से फसल, मकान, पशुधन या जनहानि से प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने का आदेश दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मुआवजा वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, वन विभाग को हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और हाथी मूवमेंट से संबंधित घटनाओं की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने वर्षा ऋतु में संभावित प्राकृतिक आपदाओं और जनहानि की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आकाशीय बिजली, सर्पदंश, मकान क्षति और पशुहानि से संबंधित घटनाओं की दैनिक रिपोर्टिंग पटवारियों द्वारा कराने और तहसीलदारों द्वारा इसकी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को जलजनित रोगों एवं संक्रमण की संभावनाओं के मद्देनजर जल जीवन मिशन सहित जिले के सभी ग्रामीण और शहरी जल स्रोतों की जांच और क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि आमजन को समय पर राहत, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। बैठक में श्रम विभाग की अनुग्रह सहायता राशि, संबल पंजीयन और अपील के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों और संबंधित अन्य अधिकारियों को अभियान मोड में कार्य कर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि विभाग से खाद और बीज के भंडारण एवं वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने आधार कार्ड और अन्य कारणों से लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु आगामी 15 दिनों के भीतर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को नल-जल योजनाओं की चालू एवं बंद स्थिति की जानकारी प्रतिदिन जल दर्पण ऐप पर अपलोड करने के लिए निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में राहत, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।1
- डिंडोरी जिले के समनापुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम चांदरानी में सीएम राईज हायर सेकंडरी स्कूल को कथित तौर पर मिडिल स्कूल का दर्जा दिए जाने और उसे 'तोड़े' जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी जन आक्रोश है। ग्रामीणों का मानना है कि इस कदम से वर्तमान में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और धोखा किया जा रहा है। इस विरोध के चलते, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर मांग की है कि हायर सेकंडरी स्कूल का दर्जा कायम रखा जाए।2
- शाहडोल जिले के टंकी तिराहा स्थित प्रतीक्षालय की स्थिति अत्यंत दयनीय है। यह प्रतीक्षालय पिछले छह महीनों से टूटा हुआ पड़ा है और अंदर कचरे से भरा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इसकी मरम्मत के लिए ₹4000 की रसीद भी कट चुकी है, बावजूद इसके सरकारी नगर पालिका द्वारा इसे अब तक ठीक नहीं करवाया गया है। प्रतीक्षालय केवल रस्सी के सहारे टिका हुआ है, जिससे यह कभी भी गिर सकता है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इस अनदेखी के कारण स्कूल के बच्चों को सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है।1
- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के महाप्रबंधक (GM) उमेश साहू के खिलाफ ठेकेदारों ने उनके कार्यालय का घेराव किया है। ठेकेदारों ने जीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके विरोध में वे अनशन पर बैठे हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में, अभी तक कोई भी जिले का जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी घटनास्थल पर उपस्थित नहीं है।3
- Post by Samrt kushwaha1
- अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समय-सीमा पत्रों एवं विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इस दौरान, कलेक्टर ने कक्षा 1 से 8 तक के शेष बच्चों का नामांकन आगामी एक सप्ताह के भीतर 'अभियान मोड' में शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 94.3 प्रतिशत बच्चों का नामांकन हो चुका है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों के विद्यालयों में प्रवेश को प्राथमिकता बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के समन्वय से विशेष प्रयास करने को कहा। इसके साथ ही, कलेक्टर ने विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तक एवं साइकिल वितरण के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।1
- अमरपाटन में एक प्रधानाध्यापक पर जानलेवा हमला हुआ है, जहाँ हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित प्रवीण कुमार मिश्रा, जो संकुल रामगढ़ के अंतर्गत डोमा में प्रधानाचार्य के पद पर पदस्थ हैं, ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि वे रामू पाण्डेय के मेडिकल स्टोर पर दवाई खरीदने गए थे और अपनी कार में बैठने ही वाले थे, तभी एक आरोपी पीछे से आया और उनके सिर पर वार कर दिया। हमलावर ने डंडे से उनके सिर सहित उनकी गाड़ी में भी तोड़-फोड़ की। इस हमले से बचने के लिए प्रवीण कुमार मिश्रा अपनी जान बचाकर वहाँ से भागे, और इस दौरान उन्हें पीठ में भी चोटें आईं। इस घटना के बाद, प्रवीण कुमार मिश्रा ने थाना अमरपाटन पहुँचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई है।4
- सतना में पीआईयू कार्यालय के गेट के सामने ठेकेदारों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान ठेकेदारों ने महाप्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उनसे कमीशन का पैसा वापस लौटाने की मांग की गई।1
- सिमगा स्थित कन्या विद्यालय भारी बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इस गंभीर स्थिति के चलते विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की पढ़ाई पर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है।1