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Abdul Kalam
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- वाराणसी शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी ने जून 2026 में जारी नई मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से तत्काल जांच और सुधार की मांग की है। उनका दावा है कि इन त्रुटियों से मतदाताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पूर्व विधायक ने मीडिया को बताया कि उनकी टीम ने निर्धारित शुल्क जमा करके फोटोयुक्त मतदाता सूची प्राप्त की, जिसके अध्ययन में कई चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं। उनके आरोप के अनुसार, कई मामलों में एक ही मतदाता का नाम आठ-आठ स्थानों पर दर्ज है और हर स्थान पर अलग-अलग ईपीआईसी (EPIC) नंबर अंकित है। उन्होंने इसे गंभीर त्रुटि बताते हुए कहा कि नाम या पिता के नाम में टाइपिंग की गलती तो हो सकती है, लेकिन एक ही व्यक्ति के लिए कई अलग ईपीआईसी नंबर होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अलीपुर वार्ड के नक्कीघाट और नवापुरा क्षेत्र के कई मतदाताओं के नाम सारनाथ क्षेत्र के नवापुरा में स्थानांतरित कर दिए गए हैं, जिससे मतदाता भ्रमित हो रहे हैं। हाजी अब्दुल समद अंसारी ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएआर) के दौरान मतदाताओं द्वारा भरे गए आवेदन पत्रों का सही ढंग से सत्यापन न होने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक, कई मतदाताओं के मकान नंबर शून्य (0) दर्ज कर दिए गए हैं, जबकि आवेदन पत्रों में सही जानकारी उपलब्ध थी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही भविष्य में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है और गलत स्थानों पर मतदान की आशंका भी बढ़ सकती है। इन अनियमितताओं को देखते हुए, पूर्व विधायक ने चुनाव आयोग से मांग की है कि पूरी मतदाता सूची का पुनः परीक्षण कराया जाए और सभी त्रुटियों को समय रहते ठीक किया जाए, ताकि मतदाताओं को कोई असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित धौरहरा-हरिहरपुर गांव में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के छठवें दिवस पर, श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को ध्यान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ध्यान जीवन की सर्वश्रेष्ठ कला है। महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि यदि बच्चों को बचपन से ही ध्यान और अच्छे संस्कारों की शिक्षा दी जाए, तो समाज से अराजकता और हिंसा स्वतः ही समाप्त हो सकती है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित धौरहरा-हरिहरपुर गांव में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के छठवें दिवस पर श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को ध्यान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ध्यान जीवन की सर्वश्रेष्ठ कला है और यदि बच्चों को बचपन से ही ध्यान तथा अच्छे संस्कारों की शिक्षा दी जाए, तो समाज से अराजकता और हिंसा स्वतः समाप्त हो सकती है। योगी रामानंद दास जी महाराज ने ध्यान को केवल आध्यात्मिक साधना ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक और संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने विपश्यना, सुदर्शन क्रिया और प्राणायाम जैसी विभिन्न ध्यान पद्धतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सबका उद्देश्य मन को एकाग्र करना और आत्मा को परमपिता परमात्मा से जोड़ना है। उन्होंने यह भी बताया कि परमपिता परमात्मा ही मूल नाम है और विभिन्न धर्मों में भी इसी दिव्य ध्वनि की महिमा का वर्णन मिलता है। महाराज जी के अनुसार, सजगता, जागरूकता और अनुशासित जीवन के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह व्यक्ति के भीतर शांति, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसी कड़ी में, क्षेत्र के छितमपुर गांव स्थित नैपाली माता मंदिर प्रांगण में भी श्री शतचंडी महायज्ञ चल रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे श्री शम्भू नाथ जी महाराज के प्रवचनों को सुनने के लिए भारी भीड़ जमा हो रही है। इस दौरान पारस सिंह, राम अवतार सिंह, कृष्ण अवतार सिंह, राजेश सिंह रघुवंशी, सुदर्शन सिंह, संतोष सिंह रघुवंशी, राम अवतार यादव, संजय सिंह, सुशील सिंह, चंद्रजी यादव, रोहित सिंह रघुवंशी, नीरज सिंह रघुवंशी, संदीप सिंह रघुवंशी और विष्णु सिंह रघुवंशी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- श्री श्री योगी रामानंद दास ने इस बात पर जोर दिया है कि ध्यान ही जीवन की सर्वश्रेष्ठ कला है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को बाल्यावस्था से ही अच्छे संस्कार मिलने चाहिए।1
- एक खिलाड़ी ने अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर भारतीय स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन का विकेट चटकाकर क्रिकेट जगत को पूरी तरह से स्तब्ध कर दिया था। यह घटना खेल प्रेमियों के लिए एक अप्रत्याशित क्षण थी, जिसने सभी को हैरान कर दिया।1
- “जय सुहेलदेव राजभर” के उद्घोष के साथ यह जानकारी दी गई है कि माननीय डॉ. अरविंद राजभर का आगमन 30 जून 2026 को उसराव जीतापुर की धरती पर होने जा रहा है। इस अवसर पर सभी लोगों से निवेदन किया गया है कि वे भारी संख्या में उपस्थित होकर उनका स्वागत करें।1
- आज सुबह जाफराबाद थानाक्षेत्र में डायल 112 पर एक चार वर्षीय बालिका के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस और परिजनों ने मिलकर खोजबीन की, जिसके बाद बच्ची मृत अवस्था में पाई गई। प्राथमिक जांचों के उपरांत, प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया है। परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। घटना का शीघ्र अनावरण करने के उद्देश्य से एक टीम का गठन किया गया है और इस संबंध में आगे की विधिक कार्यवाही प्रचलित है।1
- मोहर्रम की 12वीं तारीख (तीजा) के अवसर पर, वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र से मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक अत्यंत प्रेरणादायक तथा सराहनीय मिसाल सामने आई। जब इकबाल अहमद ख़लिफ़ा का अखाड़ा अपना परंपरागत खेल प्रदर्शन कर रहा था, उसी दौरान अचानक एक एंबुलेंस वहां पहुंची। एंबुलेंस के सायरन की आवाज़ सुनते ही, खिलाड़ियों ने बिना किसी संकोच या देरी के अपना खेल तत्काल रोक दिया और एंबुलेंस को सुरक्षित तथा सुगम रास्ता प्रदान किया, जिसने अनुशासन, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक स्थापित किया। इस पहल ने स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ जीवन की रक्षा सर्वोपरि है। भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पूर्व मीडिया प्रभारी और इकबाल अहमद ख़लिफ़ा के वरिष्ठ खिलाड़ी इम्तियाज़ अहमद गामा ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और सभी खिलाड़ियों को एंबुलेंस के लिए रास्ता देने का संदेश दिया। उन्होंने शांत और प्रेरणादायक शब्दों में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए समझाया कि खेल से पहले मानव जीवन सर्वोपरि है। उनके इस नेतृत्व और मोहम्मद वसीम, मोहम्मद मोहसिन के साथ खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए इस अनुशासन और संवेदनशीलता की मौके पर मौजूद लोगों, स्थानीय नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने खुले दिल से प्रशंसा की, इसे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया। तीजा के अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, और पुलिस बल पूरे जुलूस तथा अखाड़ा आयोजन के दौरान मुस्तैदी से तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने भी खिलाड़ियों के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरक बताया। यह घटना दर्शाती है कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, मानवता और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है, और मानव सेवा ही सर्वोच्च खेल भावना है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह एयरक्राफ्ट नेशनल हाईवे के पास आकर गिरा, जिससे इसमें सवार ट्रेनी महिला पायलट घायल हो गईं। घटना के बाद बचाव और राहत कार्य जारी है।1