खाटूश्यामजी मंदिर वार्षिक लक्खी मेला 2026 को लेकर बड़ा फैसला, 21 से 28 फरवरी तक SH-113 पर वाहनों की एंट्री बंद सीकर जिले के रींगस क्षेत्र में आयोजित होने वाले खाटूश्यामजी वार्षिक लक्खी मेला 2026 को देखते हुए प्रशासन ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। 21 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक मेला अवधि के दौरान स्टेट हाईवे-113 (SH-113) पर वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उपखण्ड मजिस्ट्रेट ब्रजेश गुप्ता द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, रींगस-खाटूश्यामजी सड़क मार्ग को अस्थायी रूप से पैदल मार्ग घोषित किया गया है। यह निर्णय मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर पैदल या वैकल्पिक परिवहन साधनों से यात्रा करें। मेला अवधि में अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। हर वर्ष आयोजित होने वाला लक्खी मेला प्रदेश सहित देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण अत्यंत भव्य और विशाल स्वरूप लेता है, ऐसे में प्रशासन द्वारा समय रहते की गई यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खाटूश्यामजी मंदिर वार्षिक लक्खी मेला 2026 को लेकर बड़ा फैसला, 21 से 28 फरवरी तक SH-113 पर वाहनों की एंट्री बंद सीकर जिले के रींगस क्षेत्र में आयोजित होने वाले खाटूश्यामजी वार्षिक लक्खी मेला 2026 को देखते हुए प्रशासन ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। 21 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक मेला अवधि के दौरान स्टेट हाईवे-113 (SH-113) पर वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उपखण्ड मजिस्ट्रेट ब्रजेश गुप्ता द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, रींगस-खाटूश्यामजी सड़क मार्ग को अस्थायी रूप से पैदल मार्ग घोषित किया गया है। यह निर्णय मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर पैदल या वैकल्पिक परिवहन साधनों से यात्रा करें। मेला अवधि में अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। हर वर्ष आयोजित होने वाला लक्खी मेला प्रदेश सहित देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण अत्यंत भव्य और विशाल स्वरूप लेता है, ऐसे में प्रशासन द्वारा समय रहते की गई यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- मालवीय नगर के विधायक कालीचरण जी सर्राफ1
- जयपुर, 19 फरवरी 2026 राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते मौसम का मिजाज अभी थमा नहीं है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 19 फरवरी को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो रहे है। 🌩️ इन क्षेत्रों में अधिक प्रभाव मौसम विभाग के मुताबिक जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा संभाग तथा शेखावाटी क्षेत्र के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की भी संभावना है। 🌨️ ओलावृष्टि की चेतावनी कहीं-कहीं बादलों की तीव्र गतिविधि के कारण ओलावृष्टि हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों को विशेष सावधानी बरतने और फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है। 🌡️ तापमान पर असर बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट बनी रह सकती है। आगामी दिनों में मौसम साफ होने के साथ तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है।1
- आज सुबह से हल्की हल्की बारिश के कारण हुआ तापमान ठंडा1
- Post by Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)1
- प्रदेश की राजधानी जयपुर में मौसम में बदला मिजाज , जयपुर सहित ग्रामीण इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेजबारिश , जयपुर के ग्रैंड इलाकों में कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि , ओलावृष्टि से किसानों की बड़ी चिंता1
- Post by Amit Kumar Basetiya1
- भिवाड़ी में बारूद पर वार! दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां सीज, मालिक फरार रिपोर्टर – मुकेश मीना खैरथल-तिजारा। भिवाड़ी के रीको औद्योगिक क्षेत्र में आगजनी की घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती की ऐसी लकीर खींची कि अवैध पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को संयुक्त जांच दल ने दो फैक्ट्रियों पर छापा मारकर उन्हें सीज कर दिया। कागजों में ये इकाइयाँ मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और मैसर्स लक्ष्मी अलॉयज के नाम पर थीं, लेकिन अंदर चल रहा था बारूद का खेल। सीज प्लॉट का मौके पर निरीक्षण एच.जी. राघवेंद्र सुहास (आईजी, जयपुर रेंज) ने किया और स्पष्ट निर्देश दिए—जब्ती की हर प्रक्रिया कानून के तहत पूरी हो, कोई ढिलाई नहीं। 🚨 ताले तोड़े, अंदर मिला विस्फोटक जखीरा जांच टीम जब प्लॉट G1-682 और G1-538A पर पहुंची तो दोनों फैक्ट्रियां बंद मिलीं। मालिक गायब। बार-बार संपर्क के बावजूद जब कोई सामने नहीं आया तो प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में ताले तुड़वाए। अंदर जो मिला, वह चौंकाने वाला था— भारी मात्रा में तैयार पटाखे नाइट्रिक एसिड सहित रासायनिक पदार्थ जिप्सम, सिलिका सैंड और मशीनरी निर्माण व भंडारण का पूरा सेटअप प्रथम दृष्टया साफ हुआ कि यहां बिना वैध अनुमति के विस्फोटक सामग्री का निर्माण और स्टोरेज हो रहा था—जो किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकता था। ⚖️ नियमों की खुलेआम धज्जियां जांच में सामने आया कि दोनों भूखंड बिना रीको अनुमति के किराये पर दिए गए थे। यह रीको भू-निपटान नियम 1979 और लीज शर्तों का सीधा उल्लंघन है। एक प्लॉट को 45 दिन का कारण बताओ नोटिस दूसरे को 90 दिन का नोटिस निरस्तीकरण प्रक्रिया शुरू बिजली कनेक्शन तत्काल काटा गया विस्फोटक अधिनियम में FIR की तैयारी 🔎 315 इकाइयों की जांच, अभियान जारी मंगलवार को कुल 315 औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है—भिवाड़ी, खुशखेड़ा, टपूकड़ा, चौपानकी और फेज-3 में अब औचक निरीक्षण लगातार होंगे। ⚠️ साफ संदेश: “बारूद के कारोबारियों के लिए कोई राहत नहीं” हालिया आगजनी के बाद प्रशासन अब जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अवैध फैक्ट्रियों पर सीधा ताला और कानूनी शिकंजा—यही नई रणनीति है। औद्योगिक क्षेत्र में अगर नियमों से खिलवाड़ हुआ, तो अगली बारी किसकी होगी… यह तय करना अब प्रशासन के हाथ में है।1
- राजधानी जयपुर में मौसम ने खाया पलटा आसमान में छाए घने काले बादल जबरदस्त बारिश का दौर शुरू बारिश से क्षेत्र में सर्दी ने दी दस्तक1