जल गंगा संवर्धन अभियान और जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा ग्राम पंचायत खुरमुंडी में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग परसवाड़ा के अंतर्गत आने वाले कुमादेही, खुरमुंडी एवं मझगांव सेक्टर की 73 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके और सहायक यंत्री श्री सत्यम पटेल के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग परसवाड़ा की परियोजना अधिकारी श्रीमती ललिता चंचल की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों और ग्रामीण पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी के लिए कार्यकर्ताओं को सक्षम बनाना था। पीएचई विभाग की ओर से शीतल मिश्रा, हरीश झा (पीएमयू समन्वयक), सपन नाथ (ब्लॉक समन्वयक), रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे तथा नई रोशनी आईएसए के टिकेश बोपचे ने प्रतिभागियों को एफटीके किट के उपयोग का विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। ब्लॉक समन्वयक रानी सिंह राजपूत ने किट के उपयोग का सीधा प्रदर्शन करते हुए बताया कि इससे पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन, हार्डनेस, क्लोरीन और पीएच (pH) मान की जांच कम समय में आसानी से की जा सकती है। उन्होंने दूषित पेयजल को बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए जल गुणवत्ता की समय-समय पर जांच को अत्यंत आवश्यक बताया। प्रशिक्षण के दौरान महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती किरण दुबे ने जल जीवन मिशन में सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता अब अपने-अपने क्षेत्रों में जल स्रोतों की नियमित जांच कर उसका रिकॉर्ड तैयार करेंगी। यदि किसी स्रोत का पानी मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई समय पर की जा सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बालाघाट के पीएमयू समन्वयक हरीश झा ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और जल गुणवत्ता निगरानी में उनकी सक्रिय भागीदारी गांवों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम के दौरान सभी 73 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की एफटीके यूजर आईडी भी बनाई गई, जिससे वे भविष्य में जल गुणवत्ता परीक्षण की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगी। इस कार्य में शीतल मिश्रा, हरीश झा, रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे एवं नई रोशनी आईएसए के फील्ड समन्वयक टिकेश बोपचे का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती ललिता चंचल और पर्यवेक्षक श्रीमती किरण दुबे की सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
जल गंगा संवर्धन अभियान और जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा ग्राम पंचायत खुरमुंडी में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग परसवाड़ा के अंतर्गत आने वाले कुमादेही, खुरमुंडी एवं मझगांव सेक्टर की 73 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके और सहायक यंत्री श्री सत्यम पटेल के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग परसवाड़ा की परियोजना अधिकारी श्रीमती ललिता चंचल की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी
केंद्रों और ग्रामीण पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी के लिए कार्यकर्ताओं को सक्षम बनाना था। पीएचई विभाग की ओर से शीतल मिश्रा, हरीश झा (पीएमयू समन्वयक), सपन नाथ (ब्लॉक समन्वयक), रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे तथा नई रोशनी आईएसए के टिकेश बोपचे ने प्रतिभागियों को एफटीके किट के उपयोग का विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। ब्लॉक समन्वयक रानी सिंह राजपूत ने किट के उपयोग का सीधा प्रदर्शन करते हुए बताया कि इससे पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन, हार्डनेस, क्लोरीन और पीएच (pH) मान की जांच कम समय में आसानी से की जा सकती है। उन्होंने दूषित पेयजल को बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए जल
गुणवत्ता की समय-समय पर जांच को अत्यंत आवश्यक बताया। प्रशिक्षण के दौरान महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती किरण दुबे ने जल जीवन मिशन में सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता अब अपने-अपने क्षेत्रों में जल स्रोतों की नियमित जांच कर उसका रिकॉर्ड तैयार करेंगी। यदि किसी स्रोत का पानी मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई समय पर की जा सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बालाघाट के पीएमयू समन्वयक हरीश झा ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और जल गुणवत्ता निगरानी में उनकी सक्रिय भागीदारी
गांवों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम के दौरान सभी 73 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की एफटीके यूजर आईडी भी बनाई गई, जिससे वे भविष्य में जल गुणवत्ता परीक्षण की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगी। इस कार्य में शीतल मिश्रा, हरीश झा, रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे एवं नई रोशनी आईएसए के फील्ड समन्वयक टिकेश बोपचे का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती ललिता चंचल और पर्यवेक्षक श्रीमती किरण दुबे की सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
- बालाघाट जिले के सेलवा में पटवारियों ने अवैध रूप से संचालित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद, पटवारियों ने अवैध दुकानदारों को दो दिनों के भीतर अपनी दुकानें हटाने की चेतावनी जारी की है।1
- ओबीसी वर्ग को सामान्य श्रेणी में गिने जाने पर आपत्ति जताते हुए ओबीसी मोर्चा ने सोमवार, 22 जून को सरकार के खिलाफ अपना चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा। यह आंदोलन के तीसरे और अंतिम चरण के तहत नगर के अंबेडकर चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें मोर्चा के सदस्यों ने अपनी प्रमुख मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान, पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर ओबीसी के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। धरना स्थल से नगर में एक रैली निकाली गई, जो कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची। वहाँ, मोर्चा द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दिए जाने की मांग की गई है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के वन परिक्षेत्र के अंतर्गत गोरखपुर बीट के ग्राम जिलापुर में आज वन विभाग ने एक बाघ को रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया। यह बाघ पहले एक महिला का शिकार कर चुका था, जब वह गुल्ली संग्रहण कर रही थी।2
- बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को सिवनी के फुटबॉल स्टेडियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम उत्साह और ऊर्जा के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय 'स्वस्थ आयु के लिए योग' था। मुख्य अतिथि विधायक श्री दिनेश राय ने जनसमुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए योग को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की कुंजी बताया और इसे दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने विशेष रूप से युवाओं से योग को आत्मसात करने की अपील की, इसे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति, एकाग्रता और आत्मविश्वास का आधार बताया। इस अवसर पर कोलकाता से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा और सुना गया। इसके बाद, उपस्थित सभी लोगों ने थीम के अनुरूप सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। फुटबॉल स्टेडियम में एक साथ सैकड़ों लोगों को योग करते देख पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से भर उठा। इस कार्यक्रम ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी संदेश दिया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद सनोड़िया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, श्री आलोक दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।1
- सिवनी के जम्बो सीताफल को अब भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है। इस महत्वपूर्ण पहचान से क्षेत्र के किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। जीआई टैग मिलने से इस विशेष सीताफल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक विशिष्ट पहचान मिलेगी।1
- एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने दूषित पानी की समस्या से परेशान होकर सिस्टम की पोल खोली है। इस मामले में CMO ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति व्यवस्था में खामियों का खुलासा हुआ है।1
- सिवनी जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है।1
- जनपद सदस्य अजीत बिसेन ने बड़ा टोला के ग्रामीणों की पेयजल समस्या को समझते हुए अपनी निधि का उपयोग कर एक सबमर्सिबल पंप स्थापित करवाया है। इस पहल से बड़ा टोला क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा पेयजल संकट दूर हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है।1